
#गिरिडीह #डुमरी #बालिका_शिक्षा : पीएम श्री कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय में अभिभावक–शिक्षक बैठक के दौरान विधायक ने समस्याएं सुनीं और समाधान का आश्वासन दिया।
डुमरी में बालिका शिक्षा को सशक्त बनाने की दिशा में एक अहम पहल सामने आई, जब माननीय विधायक श्री जयराम कुमार महतो पीएम श्री कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय में आयोजित विशेष अभिभावक–शिक्षक बैठक में शामिल हुए। बैठक के दौरान उन्होंने विद्यालय की शैक्षणिक, आवासीय और बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं को गंभीरता से सुना। विधायक ने स्पष्ट किया कि बालिकाओं की शिक्षा और सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करना सरकार और समाज दोनों की साझा जिम्मेदारी है।
- डुमरी विधायक जयराम कुमार महतो ने पीएम श्री कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय का किया दौरा।
- अभिभावक–शिक्षक विशेष बैठक में शैक्षणिक व बुनियादी समस्याओं पर चर्चा।
- बालिकाओं की आवासीय सुविधा, संसाधन और पढ़ाई की समीक्षा।
- बच्चियों से संवाद कर आत्मविश्वास और लक्ष्य निर्धारण पर दिया जोर।
- विद्यालय की समस्याओं के त्वरित समाधान का आश्वासन।
डुमरी क्षेत्र में बालिका शिक्षा को मजबूत करने के उद्देश्य से विधायक जयराम कुमार महतो ने आज पीएम श्री कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय, डुमरी में आयोजित विशेष अभिभावक–शिक्षक बैठक में भाग लिया। इस बैठक का उद्देश्य विद्यालय की जमीनी समस्याओं को समझना और छात्राओं के समग्र विकास के लिए आवश्यक कदमों पर चर्चा करना रहा। विधायक ने पूरे कार्यक्रम के दौरान शिक्षकों, अभिभावकों और विद्यालय प्रबंधन से सीधे संवाद किया।
विद्यालय की शैक्षणिक और बुनियादी समस्याओं की समीक्षा
बैठक के दौरान विधायक जयराम कुमार महतो ने विद्यालय में पठन-पाठन की गुणवत्ता, शिक्षकों की उपलब्धता, शैक्षणिक संसाधनों, छात्राओं के रहने की व्यवस्था और अन्य बुनियादी सुविधाओं की विस्तार से जानकारी ली। उन्होंने अभिभावकों से भी फीडबैक लेते हुए यह जानने का प्रयास किया कि छात्राओं को किन-किन समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
विधायक ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि बालिकाओं की शिक्षा में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जो भी समस्याएं सामने आई हैं, उनके समाधान के लिए संबंधित विभागों से समन्वय कर शीघ्र कार्रवाई की जाएगी।
शिक्षकों और प्रबंधन से संवाद
विधायक ने शिक्षकों और विद्यालय प्रबंधन को निर्देश दिया कि छात्राओं को सुरक्षित, अनुशासित और प्रेरणादायक शैक्षणिक माहौल उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने कहा कि आवासीय विद्यालयों में पढ़ने वाली बालिकाओं के लिए पढ़ाई के साथ-साथ संवेदनशील देखभाल और मार्गदर्शन भी उतना ही आवश्यक है।
उन्होंने यह भी कहा कि शिक्षा केवल पाठ्यक्रम तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि बालिकाओं के व्यक्तित्व विकास, आत्मविश्वास और निर्णय क्षमता को भी मजबूत करना जरूरी है।
बच्चियों से संवाद, आत्मविश्वास पर जोर
कार्यक्रम के दौरान विधायक जयराम कुमार महतो ने विद्यालय की छात्राओं से आत्मीय संवाद किया। उन्होंने बच्चियों से उनकी पढ़ाई, सपनों और भविष्य की योजनाओं के बारे में पूछा। इस अवसर पर उन्होंने कहा:
जयराम कुमार महतो ने कहा: “आपका आत्मविश्वास ही आपकी सबसे बड़ी ताकत है। शिक्षा के सहारे अपने सपनों को ऊँचाई दें, क्योंकि आपके उज्ज्वल भविष्य की इस यात्रा में हम हर कदम पर आपके साथ मजबूती से खड़े हैं।”
उन्होंने छात्राओं को लक्ष्य तय करने, कठिन परिस्थितियों में भी डटे रहने और आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया।
समाज की प्रगति में बेटियों की भूमिका
विधायक ने अपने संबोधन में कहा कि
जयराम कुमार महतो ने कहा: “बेटियाँ आगे बढ़ेंगी — तभी समाज आगे बढ़ेगा।”
उन्होंने जोर देकर कहा कि बालिकाओं की शिक्षा, सुरक्षा और सम्मान के बिना सशक्त समाज की कल्पना संभव नहीं है। इस दिशा में सरकार, प्रशासन और समाज को मिलकर काम करना होगा।
अभिभावकों की उम्मीद और सकारात्मक प्रतिक्रिया
बैठक के दौरान अभिभावकों और विद्यालय परिवार ने विधायक की इस पहल की सराहना की। उन्होंने उम्मीद जताई कि विधायक के हस्तक्षेप से विद्यालय की समस्याओं का जल्द समाधान होगा और छात्राओं को बेहतर शैक्षणिक व आवासीय सुविधाएं मिलेंगी।
कार्यक्रम के अंत में विधायक ने एक बार फिर भरोसा दिलाया कि बालिकाओं के भविष्य से जुड़ा हर मुद्दा उनकी प्राथमिकता में रहेगा और वे इस दिशा में लगातार प्रयास करते रहेंगे।
न्यूज़ देखो: बालिका शिक्षा पर स्पष्ट प्रतिबद्धता
कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय में आयोजित यह बैठक बताती है कि बालिका शिक्षा को लेकर जनप्रतिनिधियों की भूमिका कितनी महत्वपूर्ण है। समस्याओं को सुनना ही नहीं, उनके समाधान का आश्वासन देना भी जवाबदेही का संकेत है। अब देखना होगा कि ये आश्वासन जमीन पर कितनी तेजी से उतरते हैं। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
बेटियाँ पढ़ेंगी, तभी बदलेगा भविष्य
बालिका शिक्षा केवल एक योजना नहीं, बल्कि समाज के भविष्य की नींव है।
जब बेटियों को अवसर और भरोसा मिलता है, तो वे इतिहास रचती हैं।
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