
#रांची #विधानसभा_बैठक : प्राक्कलन समिति में विभागीय योजनाओं की प्रगति और पारदर्शिता पर चर्चा।
झारखंड विधानसभा की प्राक्कलन समिति की विभागीय बैठक रांची स्थित विधानसभा सचिवालय में आयोजित की गई। बैठक में बगोदर विधायक नागेंद्र महतो सहित समिति के सदस्यों ने कई महत्वपूर्ण विभागों के कार्यों और योजनाओं की समीक्षा की। जनहित से जुड़ी योजनाओं की प्रगति, गुणवत्ता और क्रियान्वयन की स्थिति पर विस्तार से चर्चा हुई। समिति ने लंबित कार्यों में तेजी और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
- झारखंड विधानसभा सचिवालय, रांची में प्राक्कलन समिति की विभागीय बैठक।
- बैठक में बगोदर विधायक नागेंद्र महतो की सक्रिय सहभागिता।
- पेयजल एवं स्वच्छता, नगर विकास और जल संसाधन विभाग की समीक्षा।
- उपायुक्त पाकुड़ और रांची नगर निगम से जुड़े कार्यों पर विशेष चर्चा।
- मथुरा प्रसाद महतो और अमित महतो भी बैठक में रहे मौजूद।
- लंबित योजनाओं में तेजी और पारदर्शिता पर जोर।
झारखंड विधानसभा की प्राक्कलन समिति की यह बैठक राज्य की विकास योजनाओं की दिशा और दशा तय करने के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। रांची स्थित विधानसभा सचिवालय के समिति कक्ष में आयोजित इस बैठक में विभिन्न विभागों के कार्यों की गहन समीक्षा की गई। बैठक का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना रहा कि सरकारी योजनाएं कागजों तक सीमित न रहकर वास्तविक रूप से जनता तक पहुंचें। इस दौरान जनहित से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता दी गई।
प्राक्कलन समिति की बैठक का उद्देश्य
प्राक्कलन समिति का मुख्य उद्देश्य राज्य सरकार के विभिन्न विभागों द्वारा किए गए व्यय और योजनाओं की समीक्षा करना होता है। इस बैठक में भी इसी उद्देश्य के तहत विभागीय कार्यों की प्रगति, गुणवत्ता और प्रभावशीलता पर विस्तार से चर्चा हुई। समिति ने यह जानने का प्रयास किया कि योजनाओं के लिए आवंटित बजट का सही उपयोग हो रहा है या नहीं और आम जनता को इसका वास्तविक लाभ मिल पा रहा है या नहीं।
किन विभागों की हुई समीक्षा
बैठक के दौरान पेयजल एवं स्वच्छता विभाग, नगर विकास विभाग और जल संसाधन विभाग से संबंधित योजनाओं और कार्यों की बारीकी से समीक्षा की गई। इन विभागों का सीधा संबंध आम जनता की मूलभूत जरूरतों से है, इसलिए समिति ने इनके क्रियान्वयन की स्थिति पर विशेष ध्यान दिया। इसके अलावा उपायुक्त पाकुड़ और रांची नगर निगम से जुड़े विकास कार्यों और योजनाओं की भी समीक्षा की गई।
जनहित योजनाओं पर विशेष फोकस
समिति की बैठक में इस बात पर जोर दिया गया कि पेयजल, स्वच्छता, शहरी विकास और जल संसाधन जैसी योजनाएं समयबद्ध तरीके से पूरी हों। विधायकों ने योजनाओं की गुणवत्ता को लेकर भी सवाल उठाए और स्पष्ट किया कि निर्माण कार्यों में किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी। बैठक में यह भी चर्चा हुई कि किन कारणों से कुछ योजनाएं लंबित हैं और उन्हें जल्द पूरा करने के लिए क्या कदम उठाए जा सकते हैं।
बैठक में शामिल रहे प्रमुख विधायक
इस महत्वपूर्ण बैठक में बगोदर विधायक नागेंद्र महतो के साथ-साथ टुंडी विधायक सह मुख्य सचेतक मथुरा प्रसाद महतो और सिल्ली विधायक अमित महतो भी उपस्थित रहे। तीनों विधायकों ने अपने-अपने क्षेत्रों से जुड़े अनुभव साझा किए और विभागीय अधिकारियों से योजनाओं की जमीनी स्थिति पर सवाल किए। उनकी उपस्थिति से बैठक को और अधिक प्रभावी माना जा रहा है।
विभागों को दिए गए दिशा-निर्देश
प्राक्कलन समिति ने संबंधित विभागों को कई अहम दिशा-निर्देश दिए। इनमें योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, पारदर्शिता सुनिश्चित करने, और लंबित कार्यों में तेजी लाने पर विशेष जोर दिया गया। समिति ने स्पष्ट किया कि भविष्य में योजनाओं की प्रगति की नियमित समीक्षा की जाएगी और किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर जवाबदेही तय की जाएगी।
विधायकों की दो टूक
बैठक के दौरान विधायकों ने एक स्वर में कहा कि सरकार की प्राथमिकता आम जनता को समय पर मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जनहित की योजनाओं में किसी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। विधायकों ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे योजनाओं के क्रियान्वयन में संवेदनशीलता और जिम्मेदारी के साथ कार्य करें।
राज्य विकास की दिशा में अहम कदम
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की समीक्षात्मक बैठकें राज्य के विकास को सही दिशा देने में अहम भूमिका निभाती हैं। प्राक्कलन समिति के माध्यम से न केवल योजनाओं की निगरानी होती है, बल्कि यह भी सुनिश्चित किया जाता है कि सरकारी संसाधनों का सही और न्यायसंगत उपयोग हो।
न्यूज़ देखो: जवाबदेही और पारदर्शिता पर बढ़ता जोर
प्राक्कलन समिति की यह बैठक इस बात का संकेत है कि झारखंड विधानसभा अब विकास योजनाओं को लेकर अधिक गंभीर और सक्रिय भूमिका निभा रही है। जनहित से जुड़े विभागों की नियमित समीक्षा प्रशासनिक जवाबदेही को मजबूत करती है। सवाल यह है कि दिए गए दिशा-निर्देशों का जमीनी स्तर पर कितना असर दिखाई देता है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
सजग जनप्रतिनिधि, सशक्त झारखंड
विकास तभी सार्थक है जब उसकी निगरानी और समीक्षा ईमानदारी से हो। जनप्रतिनिधियों की सक्रियता से ही योजनाएं जनता तक पहुंचती हैं। जरूरी है कि नागरिक भी अपने अधिकारों और सुविधाओं को लेकर जागरूक रहें।
आपका क्षेत्र किन समस्याओं से जूझ रहा है, अपनी राय साझा करें। इस खबर को आगे बढ़ाएं, चर्चा का हिस्सा बनें और जिम्मेदार शासन की दिशा में अपनी सहभागिता निभाएं।



