गारू में विधायक रामचंद्र सिंह ने 60 प्रशिक्षित महिलाओं को बांटी सिलाई मशीन, 40 युवतियों को मिला ब्यूटीशियन किट

गारू में विधायक रामचंद्र सिंह ने 60 प्रशिक्षित महिलाओं को बांटी सिलाई मशीन, 40 युवतियों को मिला ब्यूटीशियन किट

author Akram Ansari
0 Views Download E-Paper
#गारू #महिला_स्वरोजगार : पलामू टाइगर रिजर्व परिसर में कौशल प्रशिक्षण समापन पर महिलाओं और युवतियों को उपकरण वितरण।

लातेहार जिले के गारू में पलामू टाइगर रिजर्व के पूर्वी वन क्षेत्र परिसर में आयोजित कार्यक्रम में विधायक रामचंद्र सिंह ने प्रशिक्षित महिलाओं और युवतियों के बीच सिलाई मशीन और ब्यूटीशियन किट का वितरण किया। कौशल प्रशिक्षण पूर्ण कर चुकी 60 महिलाओं को सिलाई मशीन और 40 युवतियों को किट प्रदान की गई, जिससे उन्हें स्वरोजगार से जोड़ा जा सके।

Join WhatsApp
  • रामचंद्र सिंह ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का किया उद्घाटन।
  • 60 प्रशिक्षित महिलाओं को वितरित की गई सिलाई मशीन
  • 40 युवतियों को प्रदान किया गया ब्यूटीशियन किट
  • आयोजन स्थल – पलामू टाइगर रिजर्व, गारू पूर्वी वन क्षेत्र परिसर
  • वन विभाग की पहल – महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने का प्रयास

लातेहार। गारू प्रखंड स्थित पलामू टाइगर रिजर्व के गारू पूर्वी वन क्षेत्र कार्यालय परिसर में मंगलवार को जल, जंगल, जीव, जीविका, जीवन हुनर, रोजगार एवं शिक्षा से सुरक्षा कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन क्षेत्रीय विधायक सह झारखंड विधानसभा के सभापति रामचंद्र सिंह तथा मेदिनीनगर दक्षिणी वन प्रमंडल के उप निदेशक कुमार आशीष ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया।

कौशल प्रशिक्षण का समापन

इस अवसर पर गारू पूर्वी वन क्षेत्र में आवासीय रूप से सिलाई प्रशिक्षण प्राप्त कर रही महिलाओं एवं युवतियों के प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन किया गया। प्रशिक्षण पूर्ण करने वाली 60 महिलाओं और युवतियों के बीच सिलाई मशीन का वितरण किया गया।

साथ ही एक सप्ताह से संचालित ब्यूटीशियन प्रशिक्षण कार्यक्रम में शामिल 40 युवतियों को मुख्य अतिथि के कर कमलों से ब्यूटीशियन किट प्रदान की गई। कार्यक्रम का उद्देश्य प्रशिक्षित प्रतिभागियों को स्वरोजगार के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराना था, ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें।

विधायक ने महिलाओं को बताया आत्मनिर्भरता का आधार

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक रामचंद्र सिंह ने कहा:

वन विभाग महिलाओं और युवतियों को सिलाई एवं ब्यूटीशियन का प्रशिक्षण देकर उन्हें स्वरोजगार के लिए स्वावलंबी बना रहा है, ताकि वे अपने पैरों पर खड़ी होकर आत्मनिर्भर बन सकें।

उन्होंने कहा कि वन विभाग ग्रामीणों को अपने साथ जोड़कर समन्वय स्थापित करने का कार्य कर रहा है। यदि ग्रामीणों के साथ सहयोग और संवाद बना रहेगा, तो वे विकास कार्यों में सदैव सहयोग के लिए तत्पर रहेंगे।

उप निदेशक ने विकास की मुख्यधारा से जोड़ने पर दिया जोर

मेदिनीनगर दक्षिणी वन प्रमंडल के उप निदेशक कुमार आशीष ने कहा:

विभाग का उद्देश्य ग्रामीणों को एक सूत्र में जोड़ते हुए विकास की मुख्यधारा से जोड़ना है। इसी सोच के तहत महिलाओं और युवतियों को कौशल प्रशिक्षण देकर रोजगार से जोड़ा जा रहा है।

उन्होंने बताया कि इस प्रकार के कार्यक्रम भविष्य में भी निरंतर आयोजित किए जाएंगे, ताकि अधिक से अधिक ग्रामीण परिवारों को इसका लाभ मिल सके।

सांस्कृतिक कार्यक्रम और जागरूकता संदेश

कार्यक्रम के दौरान सुरकुमी एवं मिर्चइया गांव की प्रशिक्षु महिलाओं और युवतियों ने नुक्कड़ नाटक के माध्यम से वन्य एवं पर्यावरण संरक्षण तथा वन्य जीवों की सुरक्षा का संदेश दिया। इसके अलावा एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय के बच्चों ने भी नुक्कड़ नाटक और सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर उपस्थित लोगों का मन मोह लिया।

बड़ी संख्या में ग्रामीण रहे उपस्थित

इस अवसर पर प्रमुख सीता देवी, गारू पूर्वी रेंजर उमेश कुमार दुबे, बारेसाढ़ रेंजर तरुण सिंह, सांसद प्रतिनिधि मंगल उरांव, अजीत कुमार सिंह, पवन कुमार, वनपाल रंजय कुमार, रूपेश कुमार, निर्भय कुमार सिंह, पंकज पाठक, वनरक्षक अरुण कुमार, आशीष कुमार, मंजू कुमारी, बिपिन कुमार सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण महिलाएं, पुरुष और बच्चे उपस्थित थे।

कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने वन विभाग की इस पहल की सराहना की और इसे ग्रामीण आजीविका सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।

न्यूज़ देखो: हुनर से सशक्तिकरण की दिशा में पहल

गारू में आयोजित यह कार्यक्रम केवल उपकरण वितरण तक सीमित नहीं था, बल्कि ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक ठोस प्रयास था। कौशल विकास और संसाधन उपलब्धता का यह मॉडल यदि निरंतर जारी रहा, तो क्षेत्र की आजीविका और सामाजिक सशक्तिकरण में सकारात्मक बदलाव दिख सकता है।
हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

हुनर ही आत्मनिर्भरता की असली ताकत

कौशल विकास से ही मजबूत समाज का निर्माण संभव है।
जब महिलाएं आत्मनिर्भर बनती हैं, तो पूरा परिवार सशक्त होता है।
सरकारी योजनाओं का लाभ लेकर आगे बढ़ें।
अपने हुनर को पहचानें और उसे रोजगार से जोड़ें।

ऐसे प्रयासों को समर्थन दें और अपने क्षेत्र में चल रहे प्रशिक्षण कार्यक्रमों की जानकारी दूसरों तक पहुंचाएं।
इस खबर को साझा करें और महिला सशक्तिकरण की मुहिम को मजबूत बनाएं।

📥 Download E-Paper

यह खबर आपके लिए कितनी महत्वपूर्ण थी?

रेटिंग देने के लिए किसी एक स्टार पर क्लिक करें!

इस खबर की औसत रेटिंग: 0 / 5. कुल वोट: 0

अभी तक कोई वोट नहीं! इस खबर को रेट करने वाले पहले व्यक्ति बनें।

चूंकि आपने इस खबर को उपयोगी पाया...

हमें सोशल मीडिया पर फॉलो करें!

Written by

बरवाडीह, लातेहार

🔔

Notification Preferences

error: