Garhwa

“मानसिक संतुलन खो बैठे हैं विधायक तिवारी” — नितेश सिंह का पलटवार, मंच पर माइक छीने जाने का भी आरोप

#गढ़वा #बयानबाजी : विधायक सत्येंद्रनाथ तिवारी के हालिया बयानों पर जेएमएम नेता नितेश सिंह ने बोला तीखा हमला — लगाए कई गंभीर आरोप, मंच से माइक छीने जाने का भी किया खुलासा
  • जेएमएम केंद्रीय समिति सदस्य नितेश सिंह ने विधायक तिवारी की मानसिक स्थिति पर उठाया सवाल
  • गडकरी की सभा में तिवारी के बयान को बताया अनर्गल, मंच पर माइक छीने जाने की बात कही
  • पूर्व 20 सूत्री उपाध्यक्ष ने पूछा: रघुवर सरकार के समय क्यों नहीं उठाई पेशका की मांग?
  • विधायक पर ईडी-सीबीआई की धमकी देने और 10 साल के भीतर संपत्ति बढ़ाने का आरोप
  • गढ़वा-अंबिकापुर फोरलेन स्वीकृति पहले ही मिलने का दावा, तिवारी को बताया अनभिज्ञ

प्रेसवार्ता में खुलकर बोले नितेश सिंह, तिवारी की भाषण शैली पर साधा निशाना

गढ़वा विधायक सत्येंद्रनाथ तिवारी के एक जनसभा में दिए गए विवादास्पद भाषण पर प्रतिक्रिया देते हुए पूर्व जिला 20 सूत्री उपाध्यक्ष एवं जेएमएम केंद्रीय समिति सदस्य नितेश सिंह ने शुक्रवार को अपने आवास पर आयोजित प्रेसवार्ता में तीखा हमला बोला।

नितेश सिंह ने कहा: “विधायक सत्येंद्रनाथ तिवारी की बयानबाजी से साफ झलकता है कि उनका मानसिक संतुलन गड़बड़ा गया है। मंच से खुद को गढ़वा विधायक की जगह डाल्टेनगंज विधायक कह देना उनकी सजगता पर सवाल खड़ा करता है।”

गडकरी की सभा में मंच पर माइक छीने जाने का भी आरोप

नितेश सिंह ने बताया कि केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी की उपस्थिति में आयोजित सभा के दौरान सत्येंद्र तिवारी ने मंच से अनर्गल भाषण दिया, जिससे आयोजकों को मंच पर जाकर उनका माइक तक छीनना पड़ा। उन्होंने कहा कि यह घटना दिखाती है कि जनता और आयोजक भी तिवारी की बातों से असहज हो गए थे।

संपत्ति वृद्धि और एजेंसियों के डराने की बात पर तीखा तंज

नितेश सिंह ने विधायक पर आरोप लगाया कि वे ईडी और सीबीआई की धमकियां देकर लोगों को डराते हैं। उन्होंने चुनौती देते हुए कहा, “अगर उन्हें जांच से डर नहीं है, तो जांच करवा लें, हम भी तैयार हैं।”

नितेश सिंह ने कहा: “जब ये विधायक बने थे, तब इनके पास गढ़वा और डाल्टेनगंज में मकान थे। अब जो संपत्ति है, वो कहां से आई? ये पूरा दस साल का घोटाला है।”

विकास कार्यों की जानकारी से अनभिज्ञ होने का आरोप

पेशका को प्रखंड बनाने की मांग पर नितेश सिंह ने विधायक से सवाल किया कि जब रघुवर दास की सरकार थी, तब क्यों चुप थे? अब जब गढ़वा-अंबिकापुर फोरलेन परियोजना की स्वीकृति 6 माह पहले ही मिल चुकी है, तो विधायक किस बात का मांग पत्र सौंप रहे हैं?

नितेश सिंह ने कहा: “इनको अपने क्षेत्र में क्या हो रहा है, उसकी भी जानकारी नहीं है। साफ है कि अब इनका मानसिक संतुलन बिगड़ चुका है।”

न्यूज़ देखो: गरमाई राजनीति, उठे बड़े सवाल

न्यूज़ देखो के नज़रिए से यह सिर्फ एक राजनीतिक बयानबाजी नहीं, बल्कि गढ़वा की जनता के लिए गंभीर सोच का विषय है। जब मंच पर ही माइक छीना जाए और विधायक अपने ही क्षेत्र की जानकारी ना रखें, तो सवाल उठते हैं। ऐसे वक्त में जनता को होशियार रहना जरूरी है, ताकि सही प्रतिनिधित्व और जनहित के मुद्दों को प्राथमिकता मिले।
हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

लोकतंत्र में जवाबदेही जरूरी, जनता तय करे दिशा

राजनीति में बहस और आलोचना जरूरी है, लेकिन जवाबदेही और तथ्य आधारित नेतृत्व उससे भी ज्यादा ज़रूरी है। अगर जनप्रतिनिधि ज़मीन से कट जाएं, तो जनता को आवाज़ उठानी चाहिए।
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Sonu Kumar

गढ़वा

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