#विश्रामपुर #नगरपरिषदचुनाव : सादगीपूर्ण अंदाज में मोहम्मद सत्तार खलीफा ने पत्नी मसीना बेगम के समर्थन में साइकिल से किया जनसंपर्क।
पलामू जिले के विश्रामपुर नगर परिषद चुनाव में सादगी भरा प्रचार अभियान चर्चा में है। समाजसेवी मोहम्मद सत्तार खलीफा अपनी पत्नी और अध्यक्ष प्रत्याशी मसीना बेगम के समर्थन में साइकिल से जनसंपर्क कर रहे हैं। महंगे चुनावी माहौल के बीच यह पहल मतदाताओं का ध्यान आकर्षित कर रही है। स्थानीय स्तर पर इसे सादगी और शालीनता का संदेश माना जा रहा है।
- विश्रामपुर नगर परिषद, पलामू में चुनावी सरगर्मी तेज।
- समाजसेवी मोहम्मद सत्तार खलीफा उर्फ पेंटर जिलानी साइकिल से प्रचार में जुटे।
- अध्यक्ष प्रत्याशी मसीना बेगम, क्रमांक 11 कार्पेट छाप पर चुनाव मैदान में।
- महंगे प्रचार के बीच सादगीपूर्ण अभियान बना चर्चा का विषय।
- मतदाताओं से घर-घर जाकर समर्थन की अपील।
झारखंड में नगर निगम एवं नगर परिषद चुनाव को लेकर राजनीतिक माहौल गर्म है। विभिन्न नगर निकाय क्षेत्रों में प्रत्याशी मतदाताओं को लुभाने के लिए बड़े-बड़े वादे और संसाधनों का प्रदर्शन कर रहे हैं। इसी बीच पलामू जिले के विश्रामपुर नगर परिषद क्षेत्र से एक अलग तस्वीर सामने आई है, जहां सादगीपूर्ण प्रचार अभियान लोगों का ध्यान आकर्षित कर रहा है।
विश्रामपुर के समाजसेवी मोहम्मद सत्तार खलीफा उर्फ पेंटर जिलानी अपनी पत्नी एवं नगर परिषद अध्यक्ष पद की प्रत्याशी मसीना बेगम के समर्थन में अनोखे अंदाज में प्रचार कर रहे हैं। वे साइकिल पर सवार होकर वार्डों और मोहल्लों में घूम-घूमकर मतदाताओं से संपर्क कर रहे हैं और क्रमांक संख्या 11, कार्पेट छाप पर मतदान करने की अपील कर रहे हैं।
साइकिल से प्रचार बना चर्चा का विषय
जहां अन्य प्रत्याशी बड़े काफिलों और वाहनों के साथ प्रचार कर रहे हैं, वहीं मोहम्मद सत्तार खलीफा का साइकिल से प्रचार करना लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। स्थानीय लोगों का कहना है कि चुनावी राजनीति में बढ़ते खर्च के दौर में यह सादगीपूर्ण पहल एक अलग संदेश देती है।
घर-घर जाकर मतदाताओं से संवाद करते हुए वे शालीनता और सभ्यता के साथ समर्थन मांग रहे हैं। कई जगहों पर लोगों ने इस पहल की सराहना भी की। चुनावी माहौल में यह तरीका मतदाताओं को भावनात्मक रूप से जोड़ने का प्रयास भी माना जा रहा है।
महंगे चुनावी माहौल के बीच सादगी की मिसाल
नगर परिषद चुनावों में प्रचार-प्रसार पर होने वाले खर्च को लेकर अक्सर चर्चा होती रहती है। बड़े-बड़े पोस्टर, बैनर, वाहन और जनसभाएं चुनाव को महंगा बना देती हैं। ऐसे में साइकिल से प्रचार करना एक सादगीपूर्ण विकल्प के रूप में देखा जा रहा है।
स्थानीय नागरिकों का मानना है कि लोकतंत्र में हर प्रत्याशी को समान अवसर मिलना चाहिए और चुनाव प्रचार का मूल उद्देश्य जनता तक अपनी बात पहुंचाना होना चाहिए, न कि केवल संसाधनों का प्रदर्शन करना। मोहम्मद सत्तार खलीफा का यह अभियान इसी सोच को दर्शाता है।
मतदाताओं से सीधा संवाद
प्रचार के दौरान वे मतदाताओं से सीधे संवाद स्थापित कर रहे हैं और नगर परिषद क्षेत्र के विकास, स्वच्छता एवं बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने का आश्वासन दे रहे हैं। अध्यक्ष प्रत्याशी मसीना बेगम को क्रमांक संख्या 11, कार्पेट छाप पर मतदान कर विजयी बनाने की अपील की जा रही है।
चुनाव परिणाम क्या होगा, यह भविष्य के गर्भ में है, लेकिन प्रचार के इस सादगीपूर्ण तरीके ने निश्चित रूप से लोगों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया है।
न्यूज़ देखो: क्या सादगी बदल पाएगी चुनावी परंपरा
विश्रामपुर नगर परिषद चुनाव में यह उदाहरण बताता है कि प्रचार केवल संसाधनों का खेल नहीं, बल्कि जनसंपर्क का माध्यम भी है। सादगी और सीधे संवाद की राजनीति क्या मतदाताओं को प्रभावित करेगी, यह देखना दिलचस्प होगा। चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और संयम लोकतंत्र को मजबूत करते हैं। अब निगाहें परिणाम पर टिकी हैं।
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जागरूक मतदाता ही मजबूत लोकतंत्र की पहचान
चुनाव केवल उम्मीदवार का नहीं, आपके भविष्य का भी होता है।
वोट देते समय वादों के साथ-साथ व्यवहार और कार्यशैली को भी परखें।
सादगी, पारदर्शिता और जनसेवा की भावना को महत्व दें।
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