#बगोदर #प्रवासी_मजदूर : आंध्र प्रदेश में कार्यरत युवक की अचानक मौत से गांव शोकाकुल।
गिरिडीह जिले के बगोदर थाना क्षेत्र अंतर्गत नवाडीह बरइबारी निवासी प्रवासी मजदूर बालेश्वर महतो की आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम में मौत हो गई। वह वहां जेसीबी मशीन चलाने का कार्य करते थे और रोजगार के सिलसिले में बाहर रह रहे थे। घटना की सूचना मिलते ही परिजनों और ग्रामीणों में शोक की लहर दौड़ गई। मौत के कारणों की स्पष्ट जानकारी अब तक सामने नहीं आई है और परिवार ने प्रशासन से सहायता की मांग की है।
- नवाडीह बरइबारी, बगोदर निवासी बालेश्वर महतो का निधन।
- आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम में चलाते थे जेसीबी मशीन।
- सूचना मिलते ही गांव और परिजनों में मचा कोहराम।
- मौत के कारणों पर अभी स्पष्ट जानकारी नहीं।
- परिजनों ने प्रशासन और कंपनी से सहायता की मांग की।
गिरिडीह जिले के बगोदर थाना क्षेत्र के नवाडीह बरइबारी गांव में उस वक्त मातम छा गया, जब प्रवासी मजदूर बालेश्वर महतो की विशाखापत्तनम में मौत की खबर गांव पहुंची। बालेश्वर महतो रोजगार के सिलसिले में आंध्र प्रदेश में रहकर जेसीबी मशीन चलाने का कार्य कर रहे थे। अचानक उनके निधन की सूचना से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। ग्रामीण और रिश्तेदार परिजनों को ढांढस बंधाने पहुंच रहे हैं।
रोजगार की तलाश में गए थे आंध्र प्रदेश
प्राप्त जानकारी के अनुसार, बालेश्वर महतो बेहतर आजीविका की तलाश में झारखंड से बाहर गए थे। वे आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम में एक कंपनी के तहत जेसीबी मशीन चलाने का काम करते थे। गांव के लोगों के मुताबिक, वे मेहनती और मिलनसार स्वभाव के व्यक्ति थे और परिवार की जिम्मेदारियों को निभाने के लिए बाहर रहकर काम कर रहे थे।
उनकी अचानक मौत की खबर ने न केवल परिवार बल्कि पूरे गांव को स्तब्ध कर दिया है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि उनकी मौत किन परिस्थितियों में हुई। इस संबंध में विस्तृत जानकारी का इंतजार किया जा रहा है।
सूचना मिलते ही गांव में पसरा मातम
घटना की सूचना मिलते ही नवाडीह बरइबारी गांव में शोक का माहौल बन गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीण और शुभचिंतक लगातार उनके घर पहुंचकर संवेदना व्यक्त कर रहे हैं।
परिवार के सदस्यों का कहना है कि उन्हें फोन के माध्यम से घटना की जानकारी दी गई। अचानक आई इस खबर ने सभी को झकझोर कर रख दिया। गांव के बुजुर्गों और युवाओं ने भी इस घटना को बेहद दुखद बताया है।
प्रशासन और कंपनी से सहायता की मांग
परिजनों ने संबंधित कंपनी और प्रशासन से मौत के कारणों की स्पष्ट जानकारी देने की मांग की है। साथ ही उन्होंने आर्थिक सहायता और आवश्यक सहयोग प्रदान करने की भी अपील की है। परिवार का कहना है कि बालेश्वर महतो ही घर के मुख्य कमाने वाले सदस्य थे, ऐसे में उनके निधन से परिवार के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।
ग्रामीणों का भी मानना है कि प्रवासी मजदूरों की सुरक्षा और उनकी कार्य परिस्थितियों को लेकर सरकार और संबंधित एजेंसियों को गंभीरता से ध्यान देने की आवश्यकता है।
प्रवासी मजदूरों की सुरक्षा पर सवाल
झारखंड सहित देश के कई हिस्सों से बड़ी संख्या में लोग रोजगार की तलाश में अन्य राज्यों में जाते हैं। ऐसे में उनकी सुरक्षा, स्वास्थ्य और कार्यस्थल की परिस्थितियों को लेकर समय-समय पर सवाल उठते रहे हैं। बालेश्वर महतो की मौत ने एक बार फिर प्रवासी मजदूरों की स्थिति पर चिंता बढ़ा दी है।
फिलहाल परिवार अंतिम प्रक्रियाओं और आगे की जानकारी का इंतजार कर रहा है। गांव में लोग दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना कर रहे हैं और परिवार को इस दुख की घड़ी में हिम्मत देने की कोशिश कर रहे हैं।
न्यूज़ देखो: प्रवासी मजदूरों की सुरक्षा पर फिर उठे सवाल
यह घटना केवल एक परिवार की निजी त्रासदी नहीं है, बल्कि उन हजारों प्रवासी मजदूरों की हकीकत को सामने लाती है जो रोजी-रोटी की तलाश में घर से दूर रहते हैं। कार्यस्थल पर सुरक्षा, स्वास्थ्य सुविधाएं और आपात स्थिति में त्वरित सूचना व्यवस्था बेहद जरूरी है। संबंधित प्रशासन और कंपनी की जिम्मेदारी बनती है कि मामले की पारदर्शी जांच हो और परिवार को उचित सहायता मिले। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि इस दिशा में क्या कदम उठाए जाते हैं।
हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
संकट की घड़ी में साथ खड़े होने का समय
ऐसे कठिन समय में समाज की एकजुटता ही परिवार को संबल देती है। प्रवासी मजदूर हमारे समाज की रीढ़ हैं, जो अपने परिश्रम से परिवार और प्रदेश दोनों की अर्थव्यवस्था को मजबूत करते हैं। उनकी सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करना हम सबकी जिम्मेदारी है।
यदि आपके आसपास भी कोई जरूरतमंद परिवार है, तो संवेदनशील बनें और यथासंभव सहयोग करें। अपनी राय कमेंट में साझा करें, खबर को आगे बढ़ाएं और प्रवासी मजदूरों की सुरक्षा को लेकर जागरूकता फैलाने में भागीदार बनें।