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सांसद सुखदेव भगत ने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से की मुलाकात, NH 43 को पुराने प्रस्तावित मार्ग पर बनाने की रखी मांग

#गुमला #राष्ट्रीय_राजमार्ग : सांसद सुखदेव भगत ने NH 43 के बदले गए मार्ग से आदिवासी परिवारों के विस्थापन और बढ़ी लागत को गंभीर मुद्दा बताया।
  • सांसद सुखदेव भगत ने नई दिल्ली में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से मुलाकात की।
  • NH 43 का मार्ग बदलने से सैकड़ों आदिवासी परिवारों की उपजाऊ भूमि खतरे में।
  • पुराने मार्ग की लागत 700 करोड़, लेकिन नया मार्ग बढ़कर 1200 करोड़ तक पहुँच रहा।
  • पुराने मार्ग की लंबाई 12 किमी, नए मार्ग में बढ़कर 34 किमी हुई।
  • मंत्री नितिन गडकरी ने सांसद को समुचित कार्रवाई का आश्वासन दिया।

नई दिल्ली में लोहरदगा लोकसभा के सांसद सुखदेव भगत ने सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से मुलाकात कर गुमला जिले में चल रही NH 43 राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजना से जुड़े जनहित के संवेदनशील मुद्दे को उठाया। सांसद ने बताया कि भारतमाला परियोजना के अंतर्गत NH 43 का निर्माण पहले से निर्धारित मार्ग — सीलम–नावाडीह होते हुए छत्तीसगढ़ तक प्रस्तावित था। इस मार्ग के लिए कई आदिवासी परिवारों ने स्वेच्छा से अपनी जमीन भी दे दी थी।

लेकिन सांसद भगत के अनुसार, NHI अधिकारियों द्वारा गलत व भ्रामक तथ्यों को पेश कर सड़क का मार्ग बदल दिया गया और अब नए रास्ते का सर्वेक्षण शुरू कर दिया गया है। इस अचानक हुए बदलाव से आदिवासी परिवारों में गहरी चिंता और असंतोष है।

नए मार्ग से बढ़ रही विस्थापन और आर्थिक नुकसान की आशंका

सांसद ने केंद्रीय मंत्री को बताया कि नए मार्ग से बनने वाली सड़क से सैकड़ों आदिवासी परिवारों की खेती योग्य भूमि प्रभावित होगी। अधिकतर परिवारों की आजीविका केवल कृषि पर आधारित है। नए प्रस्तावित मार्ग से भूमिहीनता और आजीविका संकट जैसी गंभीर परिस्थितियाँ पैदा होंगी।

उन्होंने यह भी कहा कि नए प्रस्तावित मार्ग से सरकार पर वित्तीय बोझ भी कई गुना बढ़ जाएगा। पुराने NH 43 का कुल खर्च 700 करोड़ था, जबकि नए मार्ग पर इसकी लागत बढ़कर 1200 करोड़ हो गई है। इसी तरह, पहले सड़क की कुल लंबाई 12 किमी थी, जो अब बढ़कर 34 किमी हो गई है—यह सीधे-सीधे अनावश्यक व्यय का संकेत है।

आदिवासी परिवारों का साफ संदेश: नई सड़क के लिए जमीन नहीं देंगे

सांसद सुखदेव भगत ने बताया कि क्षेत्र भ्रमण के दौरान उन्होंने प्रभावित आदिवासी परिवारों से मुलाकात की। लोगों ने कहा कि उन्होंने पहले ही सड़क निर्माण हेतु अपनी जमीन दी थी और अब नई सड़क के लिए जमीन नहीं देंगे, क्योंकि उनकी जमीन पूरी तरह उपजाऊ और कृषि योग्य है। यह भूमि उनके जीवन का आधार है और वे इसे छोड़ने को तैयार नहीं हैं।

सांसद की मांग: पुराने NH 43 मार्ग पर काम शुरू हो, दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई

सांसद भगत ने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से आग्रह किया कि—

  • पुराने NH 43 प्रस्तावित मार्ग पर ही निर्माण कार्य शुरू कराया जाए,
  • नए प्रस्तावित मार्ग को तत्काल स्थगित किया जाए,
  • और गलत जानकारी देने वाले NHI अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए।

सांसद ने कहा कि ऐसा करने से न केवल विस्थापन रुक जाएगा बल्कि सरकार को होने वाला राजस्व नुकसान भी बचेगा।

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केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी का आश्वासन

बैठक के अंत में मंत्री नितिन गडकरी ने सांसद को आश्वस्त किया कि इस मुद्दे पर समुचित कार्रवाई की जाएगी और मामले की उच्च स्तरीय समीक्षा कराई जाएगी।

न्यूज़ देखो: आदिवासी हितों पर बड़ा सवाल

NH 43 से जुड़ी यह बहस सिर्फ सड़क निर्माण की नहीं, बल्कि आदिवासी आजीविका, भूमि अधिकार और पारदर्शी प्रशासन की भी है। सांसद द्वारा उठाया गया मुद्दा सरकार के लिए बेहद संवेदनशील है, क्योंकि यह विकास और विस्थापन के बीच संतुलन की वास्तविक परीक्षा है।
हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

अपनी ज़मीन और अधिकारों के प्रति जागरूक रहें

विकास आवश्यक है, परंतु बिना जनसहमति के विकास अधूरा है।
यदि आपके क्षेत्र में भी किसी परियोजना से विस्थापन की आशंका है, तो अपनी बात प्रशासन तक पहुँचाएं।
इस खबर को साझा करें और बताएं—आपके अनुसार NH 43 का निर्माण किस मार्ग पर होना चाहिए?

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