मसलिया में झुंड से बिछड़ा लंगूर बना खतरा, वन विभाग ने शुरू किया रेस्क्यू ऑपरेशन

मसलिया में झुंड से बिछड़ा लंगूर बना खतरा, वन विभाग ने शुरू किया रेस्क्यू ऑपरेशन

author Saroj Verma
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  • मसलिया क्षेत्र में झुंड से बिछड़ा लंगूर लोगों को काटकर कर रहा है घायल।
  • वन विभाग की टीम दो दिनों से लंगूर को पकड़ने के लिए लगातार प्रयासरत।
  • बिजली सबस्टेशन के चहारदीवारी में लंगूर के दिखने के बाद रेस्क्यू अभियान तेज।
  • पिंजरा और जाल बिछाकर लंगूर को सुरक्षित पकड़ने की योजना।
  • वनपाल बासुकीनाथ चतुर्वेदी के नेतृत्व में टीम कल फिर से प्रयास करेगी।

लंगूर के आतंक से मसलिया क्षेत्र में दहशत

दुमका के मसलिया क्षेत्र में पिछले कुछ दिनों से एक बिछड़ा लंगूर लोगों को काटकर घायल कर रहा है। स्थानीय लोग इस लंगूर के कारण डरे-सहमे हुए हैं। वन विभाग की टीम लंगूर को पकड़ने के लिए लगातार कोशिश कर रही है, लेकिन अब तक सफलता नहीं मिली है।

वन विभाग का रेस्क्यू अभियान

वन विभाग की टीम ने लंगूर को पकड़ने के लिए पिंजरा और जाल बिछा रखा है। शुक्रवार शाम को लंगूर को मसलिया बिजली सबस्टेशन के चहारदीवारी के अंदर देखा गया, जहां से उसे पकड़ने की कोशिश की गई।

“पिंजरा वाला वैन घंटों तक लंगूर को पकड़ने के प्रयास में लगा रहा, लेकिन लंगूर वैन के पास आकर वापस भाग गया।” – वनपाल बासुकीनाथ चतुर्वेदी

सुरक्षित रेस्क्यू की रणनीति

वनपाल बासुकीनाथ चतुर्वेदी ने बताया कि लंगूर को सुरक्षित पकड़ने के लिए आसपास के क्षेत्र में जाल बिछाया जाएगा। उन्होंने कहा, “हमारी टीम लंगूर को बिना किसी नुकसान के पिंजरे में बंद करने की पूरी तैयारी कर रही है। कल पुनः प्रयास किया जाएगा।”

रेस्क्यू टीम की सक्रियता

रेस्क्यू अभियान में वन विभाग के दर्जनभर कर्मचारी लगे हुए हैं, जिनमें सुधांशु दवें और दुलाल टुडू प्रमुख रूप से शामिल हैं। टीम हर संभव तरीके से लंगूर को पकड़ने के लिए तत्पर है, ताकि लोगों को इस संकट से निजात मिल सके।

न्यूज़ देखो

मसलिया में वन विभाग की इस सतर्कता और प्रतिबद्धता से जल्द ही लंगूर के आतंक से मुक्ति की उम्मीद है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर!

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Written by

दुमका/देवघर

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