
#रांची #नगरनिगमचुनाव : राज्य निर्वाचन आयोग ने तय किया पूरा चुनावी कार्यक्रम।
झारखंड में नगर निगम आम चुनाव 2026 की औपचारिक घोषणा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा कर दी गई है। आयोग के अनुसार शहरी निकायों के लिए यह चुनाव तय समय-सीमा के भीतर संपन्न कराए जाएंगे। चुनाव प्रक्रिया 28 जनवरी 2026 से शुरू होगी, जबकि मतदान 23 फरवरी और मतगणना 27 फरवरी को होगी। यह चुनाव राज्य की शहरी सरकारों के गठन के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
- राज्य निर्वाचन आयोग, झारखंड ने नगर निगम चुनाव 2026 की अधिसूचना जारी की।
- 28 जनवरी 2026 से चुनावी प्रक्रिया की औपचारिक शुरुआत।
- 29 जनवरी से 4 फरवरी तक नामांकन पत्र दाखिल किए जाएंगे।
- 23 फरवरी 2026 को सुबह 7 से शाम 5 बजे तक मतदान।
- 27 फरवरी 2026 को मतगणना, उसी दिन नतीजे घोषित होंगे।
राज्य निर्वाचन आयोग, झारखंड ने नगर निगम (नगरपालिका) आम चुनाव 2026 की घोषणा कर राज्य की शहरी राजनीति को नई दिशा दे दी है। लंबे समय से प्रतीक्षित इस घोषणा के साथ ही राज्य के विभिन्न नगर निगम क्षेत्रों में चुनावी सरगर्मियां तेज होने की संभावना है। आयोग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार इस बार चुनाव प्रक्रिया पूरी तरह निर्धारित समय-सीमा में पूरी की जाएगी, जिससे शहरी स्थानीय निकायों को नई निर्वाचित सरकार मिल सकेगी।
चुनावी प्रक्रिया की समय-सीमा तय
राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार नगर निगम चुनाव की प्रक्रिया 28 जनवरी 2026 से शुरू होगी। इसके तहत 29 जनवरी से 4 फरवरी तक उम्मीदवार अपने नामांकन पत्र दाखिल कर सकेंगे। नामांकन की प्रक्रिया सभी संबंधित नगर निगम कार्यालयों में निर्धारित नियमों के अनुसार संपन्न कराई जाएगी।
5 फरवरी 2026 को नामांकन पत्रों की संवीक्षा की जाएगी, जिसमें आयोग द्वारा नियुक्त अधिकारी यह सुनिश्चित करेंगे कि सभी नामांकन वैध और नियमों के अनुरूप हों। इसके बाद उम्मीदवारों को नाम वापस लेने का अवसर दिया जाएगा, जिसकी अंतिम तिथि 6 फरवरी 2026 निर्धारित की गई है।
7 फरवरी को मिलेगा चुनाव चिह्न
नाम वापसी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद 7 फरवरी 2026 को उम्मीदवारों को उनके निर्वाचन प्रतीक (चुनाव चिह्न) आवंटित किए जाएंगे। इसी दिन से चुनाव प्रचार औपचारिक रूप से अपने चरम पर पहुंच जाएगा। राजनीतिक दलों के साथ-साथ निर्दलीय उम्मीदवार भी अपने-अपने वार्डों और नगर निगम क्षेत्रों में जनसंपर्क अभियान तेज करेंगे।
23 फरवरी को होगा मतदान
चुनाव का सबसे महत्वपूर्ण चरण यानी मतदान 23 फरवरी 2026 (सोमवार) को संपन्न होगा। आयोग के अनुसार इस दिन सुबह 7 बजे से शाम 5 बजे तक मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकेंगे। राज्य निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया है कि मतदान प्रक्रिया को शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के लिए सभी आवश्यक प्रशासनिक तैयारियां की जाएंगी।
मतदान के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर जिला प्रशासन, पुलिस विभाग और अन्य संबंधित एजेंसियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। संवेदनशील और अति संवेदनशील मतदान केंद्रों पर विशेष निगरानी रखने की योजना बनाई जा रही है।
27 फरवरी को मतगणना और परिणाम
मतदान के चार दिन बाद 27 फरवरी 2026 (शुक्रवार) को मतगणना की जाएगी। आयोग के अनुसार मतगणना सुबह 8 बजे से शुरू होगी और उसी दिन नगर निगम चुनाव के नतीजे घोषित कर दिए जाएंगे। परिणामों के साथ ही यह स्पष्ट हो जाएगा कि राज्य के विभिन्न नगर निगमों की बागडोर किसके हाथ में जाएगी।
प्रशासनिक तैयारियां शुरू
चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के साथ ही राज्य निर्वाचन आयोग ने सभी जिलों के उपायुक्तों, नगर आयुक्तों और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। आयोग ने अधिकारियों से कहा है कि मतदान केंद्रों की सूची, मतदान कर्मियों की नियुक्ति, ईवीएम की व्यवस्था और मतदाता सूची को अद्यतन करने का कार्य समय पर पूरा किया जाए।
आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि चुनाव प्रक्रिया के दौरान आदर्श आचार संहिता का सख्ती से पालन कराया जाएगा। किसी भी प्रकार की चुनावी अनियमितता या आचार संहिता उल्लंघन पर त्वरित कार्रवाई की जाएगी।
शहरी राजनीति के लिए अहम चुनाव
नगर निगम चुनाव 2026 को झारखंड की शहरी राजनीति के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इन चुनावों के माध्यम से नगर निगमों में महापौर, उपमहापौर और वार्ड पार्षदों का चयन होगा, जो आने वाले वर्षों में शहरी विकास, बुनियादी सुविधाओं और नागरिक सेवाओं की दिशा तय करेंगे।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह चुनाव राज्य की राजनीति में आगामी विधानसभा और लोकसभा चुनावों के लिहाज से भी संकेतक साबित हो सकता है। राजनीतिक दलों के लिए यह अपनी शहरी पकड़ को मजबूत करने का बड़ा अवसर है।
न्यूज़ देखो: शहरी लोकतंत्र को मिलेगी नई ताकत
नगर निगम चुनाव 2026 की घोषणा से यह स्पष्ट होता है कि राज्य निर्वाचन आयोग समयबद्ध और पारदर्शी चुनाव प्रक्रिया को लेकर गंभीर है। शहरी निकायों में लंबे समय से निर्वाचित प्रतिनिधियों की कमी महसूस की जा रही थी। ऐसे में यह चुनाव स्थानीय लोकतंत्र को मजबूती देगा और जनता की भागीदारी बढ़ाएगा। अब देखना होगा कि राजनीतिक दल किस तरह शहरी मुद्दों को लेकर जनता के बीच जाते हैं। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
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