
#झारखंड #नगरनिकायचुनाव : वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से डीसी एसपी संग तैयारियों और सुरक्षा व्यवस्था की होगी समीक्षा।
झारखंड में लंबे समय से प्रतीक्षित नगर निकाय चुनाव को लेकर राज्य निर्वाचन आयोग ने तैयारियां तेज कर दी हैं। चुनावी प्रक्रिया की समीक्षा के लिए 8 जनवरी को आयोग की एक अहम बैठक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित की जाएगी। इस बैठक में राज्य के सभी जिलों के डीसी, एसपी सहित नगर विकास विभाग और गृह विभाग के वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे। बैठक को चुनाव घोषणा से पहले की दिशा तय करने वाला महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
- 8 जनवरी को राज्य निर्वाचन आयोग की पहली समीक्षा बैठक।
- वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से सभी जिलों के डीसी-एसपी होंगे शामिल।
- सुरक्षा व्यवस्था, चुनावी तैयारी और लॉजिस्टिक्स पर होगी चर्चा।
- जनवरी के तीसरे सप्ताह में चुनाव घोषणा की संभावना।
- झारखंड में नगर निगम, नगर परिषद और नगर पंचायत क्षेत्रों में होंगे चुनाव।
झारखंड में नगर निकाय चुनाव को लेकर लंबे समय से राजनीतिक सरगर्मी बनी हुई है। अब राज्य निर्वाचन आयोग ने चुनावी प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की दिशा में ठोस कदम उठाते हुए 8 जनवरी को एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक बुलाने का निर्णय लिया है। यह बैठक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित होगी, जिसमें राज्य के सभी जिलों के उपायुक्त (डीसी), पुलिस अधीक्षक (एसपी) सहित कई शीर्ष अधिकारी भाग लेंगे।
राज्य निर्वाचन आयोग की यह बैठक चुनावी घोषणा से पहले की पहली औपचारिक समीक्षा मानी जा रही है। इसमें अब तक की गई तैयारियों की स्थिति, शेष कार्यों की रूपरेखा और संभावित चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी।
समीक्षा बैठक में कौन-कौन होंगे शामिल
राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा आयोजित इस उच्चस्तरीय बैठक में केवल जिला प्रशासन ही नहीं, बल्कि राज्य स्तर के कई अहम विभागों के अधिकारी भी मौजूद रहेंगे। बैठक में नगर विकास सचिव, डीजीपी, गृह सचिव सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे।
इस संबंध में राज्य निर्वाचन आयोग के सचिव राधेश्याम प्रसाद ने कहा:
“चुनाव घोषणा से पहले कई चरणों में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा की जाती है। 8 जनवरी को पहली समीक्षा बैठक होगी, जिसमें सभी जिला निर्वाचन पदाधिकारी और आला अधिकारी शामिल रहेंगे।”
किन बिंदुओं पर होगी चर्चा
इस समीक्षा बैठक में नगर निकाय चुनाव से जुड़े कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तार से विचार किया जाएगा। प्रमुख रूप से निम्नलिखित विषय एजेंडे में शामिल हैं:
चुनावी तैयारियों की स्थिति
राज्य के सभी जिलों में मतदाता सूची, मतदान केंद्रों की संख्या, ईवीएम की उपलब्धता और चुनाव कर्मियों की तैनाती जैसे बुनियादी तैयारियों की समीक्षा की जाएगी।
सुरक्षा व्यवस्था और बलों की तैनाती
चुनाव के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कितने सुरक्षा बलों की आवश्यकता होगी, संवेदनशील और अति संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान, तथा केंद्रीय और राज्य पुलिस बलों की तैनाती पर चर्चा की जाएगी।
प्रशासनिक समन्वय
जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन और नगर विकास विभाग के बीच समन्वय को लेकर भी दिशा-निर्देश दिए जाएंगे, ताकि चुनाव प्रक्रिया शांतिपूर्ण और निष्पक्ष ढंग से संपन्न हो सके।
झारखंड के शहरी निकाय जहां होंगे चुनाव
राज्य में नगर निकाय चुनाव तीन श्रेणियों में आयोजित किए जाएंगे—नगर निगम, नगर परिषद और नगर पंचायत। इन सभी क्षेत्रों में जनप्रतिनिधियों के चुनाव होने हैं।
नगर निगम:
रांची, हजारीबाग, मेदनीनगर, धनबाद, गिरिडीह, देवघर, चास, आदित्यपुर और मानगो में नगर निगम चुनाव प्रस्तावित हैं।
नगर परिषद:
गढ़वा, विश्रामपुर, चाईबासा, झुमरी तिलैया, चक्रधरपुर, चतरा, चिरकुंडा, दुमका, पाकुड़, गोड्डा, गुमला, जुगसलाई, कपाली, लोहरदगा, सिमडेगा, मधुपुर, रामगढ़, साहिबगंज, फुसरो और मिहिजाम में नगर परिषद चुनाव होंगे।
नगर पंचायत:
बंशीधर नगर, मझिआंव, हुसैनाबाद, हरिहरगंज, छतरपुर, लातेहार, कोडरमा, डोमचांच, बड़की सरैया, धनवार, महगामा, राजमहल, बरहरवा, बासुकीनाथ, जामताड़ा, बुंडू, खूंटी, सरायकेला और चाकुलिया में नगर पंचायत चुनाव कराए जाएंगे।
इसी महीने हो सकती है चुनाव की घोषणा
राज्य निर्वाचन आयोग से जुड़े सूत्रों के अनुसार, जनवरी के तीसरे सप्ताह में नगर निकाय चुनाव की आधिकारिक घोषणा किए जाने की प्रबल संभावना है। जिला स्तर पर की गई तैयारियों की समीक्षा के बाद आयोग चुनाव कार्यक्रम को अंतिम रूप देगा।
गौरतलब है कि हाल ही में झारखंड हाईकोर्ट में हुई सुनवाई के दौरान राज्य निर्वाचन आयोग ने शपथपत्र के माध्यम से बताया था कि चुनाव की विस्तृत तैयारी के लिए 8 सप्ताह का समय आवश्यक है, जबकि पूरी चुनावी प्रक्रिया संपन्न करने में अतिरिक्त 45 दिन लगेंगे। यह सीलबंद शपथपत्र 22 नवंबर को दाखिल किया गया था।
इस मामले में अगली सुनवाई 30 मार्च को निर्धारित है, ऐसे में आयोग की कोशिश है कि उससे पहले ही नगर निकाय चुनाव की प्रक्रिया पूरी कर ली जाए।
राजनीतिक और प्रशासनिक हलचल तेज
नगर निकाय चुनाव की सुगबुगाहट के साथ ही राज्य के शहरी इलाकों में राजनीतिक गतिविधियां भी तेज हो गई हैं। विभिन्न राजनीतिक दल अपने संभावित उम्मीदवारों की तलाश और संगठनात्मक बैठकों में जुट गए हैं। वहीं प्रशासनिक स्तर पर भी अधिकारियों को चुनावी मोड में लाने की तैयारी शुरू हो चुकी है।
न्यूज़ देखो: लोकतंत्र की जमीनी परीक्षा
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