
#पलामू #हत्या_कांड : अवैध संबंध के शक में बुजुर्ग की हत्या—मुख्य आरोपी गिरफ्तार कर जेल भेजे गए।
पलामू जिले के तरहसी क्षेत्र में 70 वर्षीय राजदेव महतो की हत्या मामले में पुलिस ने भाजपा के पूर्व मंडल उपाध्यक्ष सुरेश राम को गिरफ्तार कर लिया है। इस मामले में पहले ही दो अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। जांच में अवैध संबंध के शक को हत्या का कारण बताया गया है। सभी आरोपियों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
- भाजपा तरहसी मंडल के पूर्व उपाध्यक्ष सुरेश राम (58) गिरफ्तार।
- राजदेव महतो (70) की हत्या के मामले में कार्रवाई।
- पहले ही बच्चु महतो (55) और संतोष महतो (50) हो चुके हैं गिरफ्तार।
- कोलकटवा जंगल में मिला था शव, जांच में हुआ खुलासा।
- अवैध संबंध के शक को लेकर रची गई थी हत्या की साजिश।
- सभी आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजा गया।
पलामू जिले के तरहसी थाना क्षेत्र में हुए चर्चित हत्या कांड में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए भाजपा के पूर्व मंडल उपाध्यक्ष सुरेश राम को गिरफ्तार कर लिया है। यह मामला सेवती गांव के 70 वर्षीय राजदेव महतो की हत्या से जुड़ा है, जिनका शव कुछ दिन पहले जंगल में बरामद किया गया था। पुलिस जांच में इस हत्या के पीछे अवैध संबंध का शक मुख्य कारण के रूप में सामने आया है।
गुप्त सूचना पर हुई गिरफ्तारी
पुलिस को मिली गुप्त सूचना के आधार पर सोमवार शाम सुरेश राम (58) को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तारी के बाद मंगलवार को उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
इससे पहले इस मामले में शामिल बच्चु महतो (55) और संतोष महतो (50) को रविवार को गिरफ्तार कर सोमवार को ही जेल भेजा जा चुका है। तीनों आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने इस हत्याकांड के खुलासे का दावा किया है।
क्या है पूरा मामला
घटना की शुरुआत 27 फरवरी से जुड़ी है, जब राजदेव महतो एक गांव में आयोजित दशवीं भोज में शामिल होने गए थे। इसके बाद वे संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गए।
2 मार्च की सुबह कोलकटवा जंगल स्थित डाक बंगला के पास पदमा जाने वाली सड़क किनारे उनका शव बरामद हुआ। शव मिलने के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई थी और पुलिस ने जांच शुरू की।
बहला-फुसलाकर की गई हत्या
जांच में सामने आया कि आरोपियों ने राजदेव महतो को बहला-फुसलाकर बच्चु महतो के भंडार घर में ले जाया था। वहां तीनों ने मिलकर कुल्हाड़ी से उनकी हत्या कर दी।
हत्या के बाद आरोपियों ने शव को खलिहान में पुआल से ढक दिया और खून के निशान मिटाने के लिए जमीन की मिट्टी तक बदल दी। यह साजिश काफी सुनियोजित तरीके से रची गई थी।
शव को जंगल में फेंककर छिपाने की कोशिश
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि 1 मार्च की रात आरोपियों ने शव को एक खाट पर लादकर कोलकटवा जंगल के रास्ते पदमा रोड के पास फेंक दिया, ताकि किसी को उन पर शक न हो।
हालांकि, शव मिलने के बाद पुलिस ने लगातार जांच करते हुए साक्ष्य जुटाए और अंततः आरोपियों तक पहुंच गई।
अवैध संबंध के शक में रची गई साजिश
अनुसंधान के दौरान सेवती गांव की देवन्ती देवी से पूछताछ में अहम जानकारी मिली। उन्होंने बताया कि सुरेश राम और संतोष महतो अक्सर उनके घर आते थे और शराब पीते थे।
राजदेव महतो को शक था कि देवन्ती देवी का इन दोनों के साथ अवैध संबंध है। वह इस बात को लेकर आरोपियों को बदनाम करने और गांव में हंगामा करने की धमकी देते थे।
इसी विवाद और नाराजगी के चलते तीनों आरोपियों ने मिलकर राजदेव महतो की हत्या की योजना बनाई और उसे अंजाम दिया।
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