शिकारीपाड़ा में ई-रिक्शा चालक की हत्या से उबाल, शव रखकर एनएच-114A जाम

शिकारीपाड़ा में ई-रिक्शा चालक की हत्या से उबाल, शव रखकर एनएच-114A जाम

author Saroj Verma
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#दुमका #हत्या_विरोध : जमीन विवाद में चालक की मौत के बाद सड़क पर उतरे लोग, कार्रवाई व मुआवजे की मांग।

दुमका जिले के शिकारीपाड़ा थाना क्षेत्र में ई-रिक्शा चालक की मौत के बाद हालात तनावपूर्ण हो गए। जमीन विवाद में मारपीट के बाद इलाज के दौरान चालक की मौत होने से आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने एनएच-114A को जाम कर दिया। घटना के विरोध में शव सड़क पर रखकर प्रदर्शन किया गया। पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और प्रशासन ने मुआवजे का आश्वासन दिया है।

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  • शिकारीपाड़ा थाना क्षेत्र में ई-रिक्शा चालक की संदिग्ध हालात में मौत।
  • जमीन विवाद में मारपीट के बाद इलाज के दौरान हुई मौत।
  • शव रखकर एनएच-114A जाम, गिरफ्तारी और मुआवजे की मांग।
  • दुमका–रामपुरहाट मार्ग पर वाहनों की लंबी कतार।
  • पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार, अन्य की तलाश जारी।

दुमका जिले के शिकारीपाड़ा प्रखंड में एक ई-रिक्शा चालक की मौत के बाद जनाक्रोश फूट पड़ा। घटना के विरोध में परिजनों और स्थानीय ग्रामीणों ने शव को सड़क पर रखकर राष्ट्रीय राजमार्ग एनएच-114A को जाम कर दिया, जिससे घंटों तक यातायात पूरी तरह ठप रहा। जाम के कारण दुमका से रामपुरहाट जाने वाले मार्ग पर यात्री बसों, मालवाहक वाहनों और निजी गाड़ियों की लंबी कतारें लग गईं।

मृतक ई-रिक्शा चालक की मौत को लेकर लोगों में भारी आक्रोश देखा गया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि जमीन विवाद में हुई मारपीट के दौरान चालक को गंभीर चोटें आई थीं, जिसके बाद इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। घटना के बाद से पूरे इलाके में तनाव का माहौल बना हुआ है।

जमीन विवाद से शुरू हुआ मामला

प्राप्त जानकारी के अनुसार, शिकारीपाड़ा थाना क्षेत्र में लंबे समय से जमीन को लेकर विवाद चल रहा था। इसी विवाद के दौरान ई-रिक्शा चालक के साथ मारपीट की गई। गंभीर रूप से घायल चालक को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

मौत की खबर मिलते ही परिजन और ग्रामीण आक्रोशित हो उठे। उनका कहना है कि यदि समय रहते आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाती, तो शायद यह घटना इतनी गंभीर रूप न लेती। ग्रामीणों का आरोप है कि मारपीट करने वाले सभी आरोपी खुलेआम घूम रहे थे, जिससे लोगों में आक्रोश और बढ़ गया।

शव रखकर एनएच-114A जाम

घटना के विरोध में परिजनों और ग्रामीणों ने मृतक का शव लेकर एनएच-114A पर बैठकर जाम कर दिया। प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग थी कि सभी आरोपियों को तत्काल गिरफ्तार किया जाए और मृतक के परिवार को उचित मुआवजा दिया जाए।

जाम के दौरान सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। दुमका–रामपुरहाट मार्ग पूरी तरह बाधित रहा, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। कई यात्री घंटों सड़क पर फंसे रहे, वहीं मालवाहक वाहनों के चालकों को भी काफी दिक्कतें उठानी पड़ीं।

पुलिस की कार्रवाई और गिरफ्तारियां

सूचना मिलते ही शिकारीपाड़ा थाना की पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को संभालने का प्रयास किया। पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर उन्हें शांत कराने की कोशिश की। पुलिस ने बताया कि इस मामले में अब तक दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है और अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।

पुलिस अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। हत्या का मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

प्रशासन का मुआवजे का आश्वासन

प्रदर्शन कर रहे लोगों को शांत कराने के लिए प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने मृतक के परिजनों को मुआवजा देने का आश्वासन दिया और कहा कि नियमानुसार सरकारी सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।

प्रशासन की ओर से यह भी कहा गया कि शेष आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाएगी। इसके बाद ही प्रदर्शनकारियों ने धीरे-धीरे जाम हटाने पर सहमति जताई, जिससे यातायात बहाल हो सका।

क्षेत्र में तनाव का माहौल

हालांकि जाम हटने के बाद यातायात सामान्य हो गया, लेकिन क्षेत्र में अब भी तनाव की स्थिति बनी हुई है। पुलिस ने एहतियातन इलाके में अतिरिक्त बल की तैनाती की है ताकि किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके।

स्थानीय लोगों का कहना है कि जमीन विवाद को लेकर पहले भी कई बार तनाव की स्थिति बन चुकी है, लेकिन समय रहते समाधान नहीं होने के कारण ऐसी गंभीर घटना सामने आई। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि भविष्य में ऐसे विवादों का त्वरित समाधान किया जाए, ताकि जानमाल की क्षति न हो।

न्यूज़ देखो: कानून व्यवस्था पर उठते सवाल

शिकारीपाड़ा की यह घटना एक बार फिर कानून व्यवस्था और स्थानीय विवादों के समय पर समाधान को लेकर सवाल खड़े करती है। जमीन विवाद जैसे मामलों में अगर शुरुआती स्तर पर सख्ती दिखाई जाए, तो शायद ऐसी घटनाओं को रोका जा सकता है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन अपने आश्वासनों पर कितना अमल करता है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

न्याय और सुरक्षा की मांग

एक परिवार ने अपना कमाने वाला खो दिया, यह सिर्फ एक घटना नहीं बल्कि चेतावनी है।
समय रहते कार्रवाई और न्याय मिलना बेहद जरूरी है।
आप भी अपनी राय रखें, खबर साझा करें और न्याय की आवाज़ को मजबूत करें।
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Written by

दुमका/देवघर

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