
#पलामू #गणतंत्र_दिवस : पंचायती राज में उत्कृष्ट कार्य के लिए मुखिया प्रियंका सिंह का चयन।
पलामू जिले के पांड़ू प्रखंड अंतर्गत पांड़ू पंचायत की मुखिया प्रियंका सिंह को दिल्ली में आयोजित होने वाले गणतंत्र दिवस समारोह में विशेष अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया है। यह आमंत्रण भारत सरकार के पंचायती राज मंत्रालय के निर्देश पर राज्य सरकार के माध्यम से मिला है। पंचायत स्तर पर पारदर्शी और सक्रिय कार्यों के लिए उनका चयन किया गया है। इसे पूरे पांड़ू क्षेत्र और झारखंड के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।
- पांड़ू पंचायत की मुखिया प्रियंका सिंह होंगी दिल्ली समारोह में शामिल।
- भारत सरकार के पंचायती राज मंत्रालय के निर्देश पर मिला आमंत्रण।
- झारखंड राज्य पंचायत राज विभाग के माध्यम से हुआ चयन।
- पंचायत स्तर पर पारदर्शिता और सक्रियता को मिला राष्ट्रीय मंच।
- पांड़ू प्रखंड में खुशी और गर्व का माहौल।
- ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।
पलामू जिले के पांड़ू प्रखंड के लिए यह क्षण ऐतिहासिक और गौरवपूर्ण है। पांड़ू पंचायत की मुखिया प्रियंका सिंह को देश की राजधानी दिल्ली में आयोजित होने वाले गणतंत्र दिवस समारोह में विशेष अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया है। यह सम्मान केवल एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि पूरे पंचायत, प्रखंड और जिले के लिए उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है। ग्रामीण नेतृत्व को राष्ट्रीय मंच पर प्रतिनिधित्व मिलना, पंचायती राज व्यवस्था की मजबूती का प्रतीक माना जा रहा है।
कैसे मिला यह राष्ट्रीय सम्मान
जानकारी के अनुसार, मुखिया प्रियंका सिंह का चयन भारत सरकार के पंचायती राज मंत्रालय के निर्देश पर किया गया है। इस प्रक्रिया में झारखंड राज्य पंचायत राज विभाग ने राज्य का प्रतिनिधित्व तय किया, जिसमें पांड़ू पंचायत की मुखिया को गणतंत्र दिवस समारोह में भाग लेने का अवसर दिया गया। यह चयन पंचायत स्तर पर किए गए कार्यों, योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और प्रशासनिक पारदर्शिता के आधार पर हुआ है।
पंचायती राज व्यवस्था के तहत ग्राम पंचायतों को सशक्त बनाने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों को केंद्र सरकार द्वारा लगातार प्रोत्साहित किया जा रहा है। इसी कड़ी में देशभर से चुनिंदा जनप्रतिनिधियों को राष्ट्रीय समारोहों में आमंत्रित किया जाता है, ताकि ग्रामीण भारत की आवाज सीधे राष्ट्रीय मंच तक पहुंचे।
मुखिया प्रियंका सिंह की प्रतिक्रिया
इस उपलब्धि पर मुखिया प्रियंका सिंह ने केंद्र और राज्य सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा:
प्रियंका सिंह ने कहा: “सशक्त ग्राम पंचायत ही मजबूत लोकतंत्र और विकसित भारत की आधारशिला है। पंचायत स्तर पर पारदर्शिता, ईमानदारी और सक्रियता के साथ किए जा रहे कार्यों का ही यह परिणाम है कि आज ग्रामीण नेतृत्व को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान मिल रहा है।”
उन्होंने आगे कहा कि यह सम्मान केवल उनका व्यक्तिगत नहीं, बल्कि पांड़ू पंचायत की जनता का है, जिन्होंने उन पर भरोसा जताया और विकास कार्यों में सहयोग किया।
पांड़ू पंचायत में किए गए प्रमुख कार्य
स्थानीय लोगों के अनुसार, मुखिया प्रियंका सिंह के कार्यकाल में पंचायत स्तर पर कई महत्वपूर्ण पहलें की गई हैं। सरकारी योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन, जनसुनवाई, स्वच्छता, पेयजल, सड़क और सामाजिक कल्याण से जुड़े मुद्दों पर सक्रियता ने उन्हें अलग पहचान दिलाई है। पंचायत कार्यालय में पारदर्शिता और आम लोगों की समस्याओं के त्वरित समाधान पर विशेष ध्यान दिया गया, जिसका असर जमीनी स्तर पर दिखाई दिया।
यही कारण है कि उनका चयन गणतंत्र दिवस जैसे राष्ट्रीय आयोजन के लिए हुआ, जहां देशभर से चुने गए जनप्रतिनिधि लोकतंत्र की मजबूती का संदेश देंगे।
क्षेत्र में खुशी और गर्व का माहौल
मुखिया प्रियंका सिंह के चयन की खबर जैसे ही पांड़ू प्रखंड में पहुंची, पूरे क्षेत्र में खुशी की लहर दौड़ गई। ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने इसे पूरे पंचायत और प्रखंड के लिए सम्मान की बात बताया। लोगों का कहना है कि इससे क्षेत्र का नाम राष्ट्रीय स्तर पर रोशन हुआ है।
ग्रामीणों ने बधाई देते हुए उम्मीद जताई कि इस उपलब्धि से पंचायत स्तर पर विकास कार्यों को और गति मिलेगी और पांड़ू पंचायत अन्य क्षेत्रों के लिए प्रेरणा बनेगी।
पंचायत से संसद तक लोकतंत्र की मजबूत कड़ी
गणतंत्र दिवस समारोह में ग्राम पंचायत की मुखिया की भागीदारी यह दर्शाती है कि लोकतंत्र की जड़ें गांवों में कितनी मजबूत हैं। पंचायती राज संस्थाएं केवल स्थानीय प्रशासन का हिस्सा नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक व्यवस्था की नींव हैं। जब ग्राम स्तर के जनप्रतिनिधि राष्ट्रीय समारोहों में शामिल होते हैं, तो यह संदेश जाता है कि शासन की दिशा और दशा तय करने में गांवों की भूमिका अहम है।
न्यूज़ देखो: ग्रामीण नेतृत्व का राष्ट्रीय मंच पर सम्मान
प्रियंका सिंह का चयन यह साबित करता है कि अगर पंचायत स्तर पर ईमानदारी और पारदर्शिता से काम हो, तो उसकी गूंज दिल्ली तक पहुंचती है। यह सम्मान न केवल एक जनप्रतिनिधि का है, बल्कि पंचायती राज व्यवस्था की सफलता का प्रमाण है। आगे यह देखना अहम होगा कि इस उपलब्धि से क्षेत्रीय विकास को कितनी नई ऊर्जा मिलती है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
गांव से देश तक विकास की आवाज
जब गांव का प्रतिनिधि राष्ट्रीय मंच पर पहुंचता है, तो लोकतंत्र और मजबूत होता है।
पंचायतों को सशक्त बनाना ही समावेशी विकास की कुंजी है।
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सजग नागरिक बनें, सकारात्मक कार्यों को सराहें और लोकतंत्र को मजबूत करें।





