
#नेतरहाट #खाद्य_सुरक्षा : पर्यटन नगरी में औचक निरीक्षण के दौरान एक्सपायरी खाद्य सामग्री मिलने पर कार्रवाई।
लातेहार उपायुक्त उत्कर्ष गुप्ता के निर्देश पर पर्यटन नगरी नेतरहाट में शनिवार को विशेष खाद्य सुरक्षा जांच अभियान चलाया गया। जिला खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी डॉ. मोईन अख्तर के नेतृत्व में होटल, रेस्टोरेंट और गेस्टहाउस का औचक निरीक्षण किया गया। जांच के दौरान दो प्रतिष्ठानों में एक्सपायरी खाद्य सामग्री पाए जाने पर जुर्माना लगाया गया। यह कार्रवाई पर्यटकों और आम उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
- नेतरहाट में होटल, रेस्टोरेंट व गेस्टहाउस की हुई विशेष जांच।
- डॉ. मोईन अख्तर, जिला खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी के नेतृत्व में अभियान।
- मील्स क्राफ्ट रेस्टोरेंट और झुमर रिसोर्ट में मिली एक्सपायरी सामग्री।
- दोनों प्रतिष्ठानों पर 500-500 रुपये का अर्थदंड लगाया गया।
- खाद्य सुरक्षा मानकों के पालन को लेकर सख्त निर्देश जारी।
पर्यटन नगरी नेतरहाट में आने वाले सैलानियों और स्थानीय नागरिकों को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने खाद्य प्रतिष्ठानों पर सख्ती बढ़ा दी है। इसी क्रम में लातेहार उपायुक्त उत्कर्ष गुप्ता के निर्देश पर शनिवार को एक विशेष जांच अभियान सह औचक निरीक्षण किया गया। इस अभियान का नेतृत्व जिला खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी डॉ. मोईन अख्तर ने किया, जिसमें खाद्य सुरक्षा से जुड़े सभी मानकों की बारीकी से जांच की गई।
होटल और रेस्टोरेंट में गहन निरीक्षण
जांच अभियान के दौरान नेतरहाट स्थित विभिन्न होटल, रेस्टोरेंट एवं गेस्टहाउस का निरीक्षण किया गया। इस दौरान प्रतिष्ठानों में साफ-सफाई की स्थिति, रसोईघर की स्वच्छता, कर्मचारियों की व्यक्तिगत हाइजीन, भोजन में उपयोग की जा रही सामग्री की गुणवत्ता तथा एफएसएसएआई द्वारा निर्गत फूड लाइसेंस की गहन जांच की गई। अधिकारियों ने यह भी देखा कि खाद्य पदार्थों को किस प्रकार संग्रहित किया जा रहा है और एक्सपायरी तिथि का पालन किया जा रहा है या नहीं।
अधिकांश प्रतिष्ठानों में मिला फूड लाइसेंस
निरीक्षण के दौरान यह पाया गया कि कुछ एक प्रतिष्ठानों को छोड़कर अधिकांश खाद्य प्रतिष्ठानों के पास वैध फूड लाइसेंस मौजूद था। जिन प्रतिष्ठानों में रेस्टोरेंट का संचालन नहीं हो रहा था, लेकिन होटल कैटेगरी में सेवाएं दी जा रही थीं, उन्हें संबंधित श्रेणी का लाइसेंस लेने के लिए नोटिस जारी किया गया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि बिना लाइसेंस खाद्य कारोबार करना कानूनन अपराध है।
एक्सपायरी खाद्य सामग्री मिलने पर कार्रवाई
जांच के क्रम में थाना रोड स्थित मेसर्स मील्स क्राफ्ट रेस्टोरेंट में एक्सपायरी पेय पदार्थ पाए गए। वहीं मेसर्स झुमर रिसोर्ट में एक्सपायरी ब्रेड एवं मसाले मिलने से प्रशासन की चिंता बढ़ गई। दोनों मामलों को गंभीरता से लेते हुए खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 की धारा 69 के तहत संबंधित प्रतिष्ठानों पर 500-500 रुपये का अर्थदंड लगाया गया।
जिला खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी डॉ. मोईन अख्तर ने कहा:
“एक्सपायरी खाद्य सामग्री का उपयोग उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ है। भविष्य में इस तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।”
साथ ही दोनों प्रतिष्ठानों को सख्त चेतावनी दी गई कि भविष्य में इस तरह की पुनरावृत्ति होने पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
स्वच्छता और हाइजीन को लेकर सख्त निर्देश
निरीक्षण के दौरान सभी होटल और रेस्टोरेंट संचालकों को कई आवश्यक निर्देश दिए गए। उन्हें रसोईघर में विशेष साफ-सफाई रखने, कर्मचारियों को हेड कैप और एप्रन पहनकर कार्य करने तथा कचरे के निस्तारण के लिए ढक्कनयुक्त डस्टबिन का उपयोग अनिवार्य रूप से करने को कहा गया। इसके अलावा खुले मसालों के उपयोग से बचने और पैकेट बंद सामग्री का प्रयोग करने की सलाह दी गई।
खरीद के समय एक्सपायरी जांच अनिवार्य
खाद्य सुरक्षा विभाग ने प्रतिष्ठान संचालकों को यह भी निर्देश दिया कि खाद्य सामग्री की खरीद करते समय एक्सपायरी तिथि, लॉट नंबर और बैच नंबर की जांच अनिवार्य रूप से करें। इससे न केवल उपभोक्ताओं का स्वास्थ्य सुरक्षित रहेगा, बल्कि प्रतिष्ठानों की विश्वसनीयता भी बनी रहेगी।
आगे भी जारी रहेगा अभियान
डॉ. मोईन अख्तर ने स्पष्ट किया कि खाद्य सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि इस तरह का निरीक्षण अभियान केवल एक दिन तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसे नियमित रूप से चलाया जाएगा, ताकि नेतरहाट जैसे पर्यटन स्थल पर आने वाले पर्यटकों को सुरक्षित और स्वच्छ भोजन मिल सके।


न्यूज़ देखो: पर्यटकों की सेहत सर्वोपरि
यह खबर दर्शाती है कि प्रशासन अब पर्यटन स्थलों पर खाद्य सुरक्षा को लेकर कोई समझौता नहीं करना चाहता। नेतरहाट जैसे प्रमुख पर्यटन स्थल पर इस तरह की सख्ती उपभोक्ताओं के हित में है। सवाल यह है कि क्या सभी प्रतिष्ठान भविष्य में नियमों का ईमानदारी से पालन करेंगे। नियमित निरीक्षण और पारदर्शी कार्रवाई से ही भरोसा कायम रह सकता है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
सुरक्षित भोजन, स्वस्थ समाज की नींव
खाद्य सुरक्षा केवल कानून का विषय नहीं, बल्कि जनस्वास्थ्य से जुड़ा अहम मुद्दा है। उपभोक्ताओं को भी सजग रहना चाहिए और खराब या एक्सपायरी सामग्री दिखने पर शिकायत दर्ज करानी चाहिए। यह खबर दूसरों तक पहुंचाएं, अपनी राय कमेंट में साझा करें और सुरक्षित भोजन के प्रति जागरूकता फैलाने में सहयोग करें।





