#पाण्डु #धार्मिकआयोजन : विश्वनाथ मंदिर में नई कार्यकारिणी गठित—भव्य वर्षगांठ की रूपरेखा तय।
पलामू जिले के पाण्डु प्रखंड स्थित तीसीबार पंचायत के झारखंड विश्वनाथ मंदिर में संगठन को मजबूत करने के उद्देश्य से बैठक आयोजित हुई। बैठक में नई कमेटी का गठन कर विभिन्न पदाधिकारियों को जिम्मेदारियां सौंपी गईं। साथ ही मंदिर की 21वीं वर्षगांठ को भव्य रूप से मनाने की तैयारी पर चर्चा की गई। आयोजन को लेकर सदस्यों ने सामूहिक रूप से कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए।
- तीसीबार पंचायत स्थित विश्वनाथ मंदिर में हुई महत्वपूर्ण बैठक।
- सर्वसम्मति से नई मंदिर समिति का गठन किया गया।
- इंद्रेश कुमार दुबे बने अध्यक्ष, अविनाश सिंह को सचिव की जिम्मेदारी।
- राजेंद्र प्रसाद को कोषाध्यक्ष और तीर्थ राज दुबे को मीडिया प्रभारी बनाया गया।
- मंदिर की 21वीं वर्षगांठ को भव्य बनाने की तैयारी शुरू।
पलामू जिले के पाण्डु प्रखंड अंतर्गत तीसीबार पंचायत स्थित झारखंड विश्वनाथ मंदिर में एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया, जिसमें मंदिर समिति के पुनर्गठन और आगामी धार्मिक कार्यक्रमों को लेकर व्यापक चर्चा हुई। बैठक में बड़ी संख्या में मंदिर से जुड़े सदस्यों की भागीदारी रही, जिससे आयोजन की गंभीरता और महत्व स्पष्ट हुआ।
बैठक का मुख्य उद्देश्य संगठन को मजबूत करना, जिम्मेदारियों का स्पष्ट विभाजन करना और आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा तय करना था। इस दौरान सदस्यों ने एकजुट होकर मंदिर के विकास और धार्मिक गतिविधियों को नई दिशा देने का संकल्प लिया।
नई कार्यकारिणी का गठन
बैठक के दौरान सर्वसम्मति से मंदिर समिति की नई कार्यकारिणी का गठन किया गया। इस नई कमेटी में विभिन्न पदों पर जिम्मेदार व्यक्तियों को नियुक्त किया गया, ताकि संगठन सुचारू रूप से संचालित हो सके।
नई कार्यकारिणी इस प्रकार है:
- अध्यक्ष: इंद्रेश कुमार दुबे (चुनमुन दुबे)
- सचिव: अविनाश सिंह
- कोषाध्यक्ष: राजेंद्र प्रसाद
- मीडिया प्रभारी: तीर्थ राज दुबे
- संयोजक: शैलेश कुमार सिंह एवं नंदलाल प्रसाद राकेश कुमार दुबे
इन पदाधिकारियों को संगठन के संचालन, समन्वय, वित्तीय प्रबंधन और प्रचार-प्रसार की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
21वीं वर्षगांठ को लेकर बनी विशेष योजना
बैठक में मंदिर की आगामी 21वीं वर्षगांठ को लेकर विशेष रूप से चर्चा की गई। सदस्यों ने इस अवसर को भव्य, आकर्षक और ऐतिहासिक बनाने का संकल्प लिया।
इस अवसर पर आयोजित किए जाने वाले प्रस्तावित कार्यक्रमों में शामिल हैं:
- धार्मिक अनुष्ठान एवं पूजा-पाठ
- भजन-कीर्तन एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम
- विशाल भंडारा का आयोजन
- क्षेत्रीय स्तर पर व्यापक प्रचार-प्रसार
सदस्यों का मानना है कि इन कार्यक्रमों के माध्यम से अधिक से अधिक श्रद्धालुओं को जोड़ा जा सकेगा और धार्मिक वातावरण को और सशक्त बनाया जा सकेगा।
संगठन की मजबूती पर दिया गया जोर
बैठक में यह निर्णय लिया गया कि संगठन को मजबूत बनाने के लिए सभी सदस्यों के बीच जिम्मेदारियों का स्पष्ट विभाजन किया जाएगा। प्रत्येक सदस्य को अपनी भूमिका निष्ठा और समर्पण के साथ निभाने की अपील की गई।
मंदिर संरक्षक विनय कुमार दुबे ने कहा: “संगठन की मजबूती ही किसी भी धार्मिक संस्था की सबसे बड़ी ताकत होती है। सभी सदस्य मिलकर कार्य करें, तभी हम बड़े आयोजन को सफल बना पाएंगे।”
मंजू दुबे ने कहा: “21वीं वर्षगांठ पूरे क्षेत्र के लिए विशेष अवसर है, इसे यादगार बनाने के लिए सभी को मिलकर तैयारी करनी होगी।”
बैठक में शामिल रहे प्रमुख सदस्य
इस महत्वपूर्ण बैठक में कई प्रमुख सदस्य उपस्थित रहे, जिनमें:
विनय कुमार दुबे, मंजू दुबे, इंद्रेश कुमार दुबे, शैलेश कुमार सिंह, अविनाश सिंह, अभय कुमार दुबे, राकेश कुमार दुबे, नंदलाल प्रसाद, सोना कुमार दुबे, राजेंद्र प्रसाद, मंदिर पुजारी राम शंकर पांडेय, शीतल, दिनेश कुमार, पिंटू कुमार, पियूष सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं सदस्य मौजूद रहे।
सभी सदस्यों ने संगठन के विकास और धार्मिक गतिविधियों के विस्तार के लिए अपने सुझाव साझा किए और एकजुट होकर कार्य करने का संकल्प लिया।
एकता और आस्था का दिखा संगम
यह बैठक न केवल संगठनात्मक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण रही, बल्कि इसने आपसी एकता, समर्पण और धार्मिक आस्था का भी मजबूत संदेश दिया। सदस्यों ने यह विश्वास जताया कि नई कार्यकारिणी के नेतृत्व में मंदिर की गतिविधियां और अधिक व्यवस्थित और प्रभावी होंगी।
न्यूज़ देखो: संगठन मजबूत तो आयोजन सफल
तीसीबार का यह कदम बताता है कि जब समाज संगठित होकर आगे बढ़ता है, तो बड़े से बड़ा आयोजन भी सफल बनाया जा सकता है। नई कमेटी के गठन से स्पष्ट है कि अब जिम्मेदारियों का बंटवारा तय हो चुका है, जिससे काम में गति आएगी। अब देखना होगा कि 21वीं वर्षगांठ को कितनी भव्यता के साथ आयोजित किया जाता है और यह आयोजन क्षेत्र में कितना प्रभाव छोड़ता है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
एकजुटता से ही बनती है पहचान — आगे बढ़े समाज
जब समाज एकजुट होता है, तो हर लक्ष्य आसान हो जाता है। ऐसे आयोजन केवल धार्मिक नहीं, बल्कि सामाजिक एकता को भी मजबूत करते हैं।
आप भी अपने क्षेत्र के कार्यक्रमों में सक्रिय भाग लें और समाज को आगे बढ़ाने में योगदान दें।
छोटा प्रयास भी बड़े बदलाव की शुरुआत बन सकता है।
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