Uncategorized

पंचायती राज व्यवस्था को नई मजबूती, पेशम पंचायत की मुखिया रागिनी सिन्हा मास्टर ट्रेनर चयनित

#गिरिडीह #बिरनी #पंचायती_राज : पंचायत सहायकों के प्रशिक्षण से प्रशासनिक कार्यों में आएगी नई प्रभावशीलता।

गिरिडीह जिले की ग्राम पंचायत पेशम की मुखिया रागिनी सिन्हा का चयन पंचायत सहायकों के लिए मास्टर ट्रेनर के रूप में किया गया है। 15 से 18 जनवरी तक रांची में आयोजित चार दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम में वे भाग लेंगी। यह चयन पंचायती राज व्यवस्था को अधिक सशक्त, पारदर्शी और जनोन्मुखी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। प्रशिक्षण के माध्यम से पंचायत स्तर पर प्रशासनिक दक्षता और योजनाओं के क्रियान्वयन को मजबूती मिलने की उम्मीद है।

Join News देखो WhatsApp Channel
  • रागिनी सिन्हा का चयन पंचायत सहायकों की मास्टर ट्रेनर के रूप में।
  • ग्राम पंचायत पेशम, जिला गिरिडीह की मुखिया हैं रागिनी सिन्हा।
  • 15 से 18 जनवरी तक रांची में चार दिवसीय विशेष प्रशिक्षण।
  • पंचायत प्रशासन, योजनाओं और जनसेवा पर मिलेगा प्रशिक्षण।
  • चयन को महिला नेतृत्व और सशक्तिकरण का उदाहरण माना जा रहा है।

पंचायती राज व्यवस्था को जमीनी स्तर पर मजबूत बनाने की दिशा में गिरिडीह जिले से एक सकारात्मक और प्रेरणादायक पहल सामने आई है। ग्राम पंचायत पेशम की मुखिया रागिनी सिन्हा को पंचायत सहायकों के प्रशिक्षण हेतु मास्टर ट्रेनर के रूप में चयनित किया गया है। यह जिम्मेदारी न केवल उनके व्यक्तिगत अनुभव और नेतृत्व क्षमता को दर्शाती है, बल्कि पंचायत स्तर पर बेहतर प्रशासनिक व्यवस्था की उम्मीद भी जगाती है। स्थानीय स्तर पर इस खबर को गर्व और उत्साह के साथ देखा जा रहा है।

रांची में होगा चार दिवसीय विशेष प्रशिक्षण

प्राप्त जानकारी के अनुसार 15 जनवरी से 18 जनवरी तक रांची में आयोजित विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम में मुखिया रागिनी सिन्हा भाग लेंगी। यह प्रशिक्षण पंचायत सहायकों को प्रशासनिक कार्यप्रणाली, सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और आम जनता से जुड़े मुद्दों को बेहतर ढंग से समझने के उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है।

इस प्रशिक्षण में पंचायत स्तर पर दस्तावेजीकरण, पारदर्शिता, जवाबदेही और सेवा वितरण जैसे अहम विषयों पर फोकस किया जाएगा। मास्टर ट्रेनर के रूप में रागिनी सिन्हा प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद पंचायत सहायकों को अपने अनुभव और सीख साझा करेंगी, जिससे पंचायतों के कामकाज में गुणवत्ता और गति दोनों बढ़ेंगी।

पंचायत प्रशासन को मिलेगा व्यावहारिक मार्गदर्शन

पंचायती राज व्यवस्था में पंचायत सहायकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है। वे योजनाओं के क्रियान्वयन से लेकर ग्रामीणों की समस्याओं के समाधान तक की प्रक्रिया में अहम कड़ी होते हैं। ऐसे में एक अनुभवी जनप्रतिनिधि का मास्टर ट्रेनर के रूप में चयन पंचायत प्रशासन को व्यावहारिक और जमीनी समझ प्रदान करेगा।

स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों का मानना है कि मुखिया रागिनी सिन्हा के नेतृत्व और अनुभव से पंचायत सहायकों को केवल नियम-कानून ही नहीं, बल्कि जनसेवा की संवेदनशीलता और जिम्मेदारी का भी प्रशिक्षण मिलेगा। इससे ग्राम पंचायतों के कार्यों में पारदर्शिता और प्रभावशीलता बढ़ने की संभावना है।

स्थानीय स्तर पर गर्व और सकारात्मक प्रतिक्रिया

मुखिया रागिनी सिन्हा के चयन को ग्राम पंचायत पेशम और आसपास के क्षेत्र के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि यह चयन यह साबित करता है कि यदि पंचायत स्तर पर ईमानदारी और सक्रियता से काम किया जाए, तो उसकी पहचान जिला और राज्य स्तर तक बनती है।

कई ग्रामीणों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने उम्मीद जताई है कि इस प्रशिक्षण के बाद पंचायत स्तर पर योजनाओं का लाभ सही लाभार्थियों तक पहुंचेगा और विकास कार्यों में अनावश्यक देरी और भ्रम की स्थिति कम होगी।

प्रशिक्षण के दौरान भी पंचायत कार्य रहेगा सक्रिय

मुखिया रागिनी सिन्हा ने स्पष्ट किया है कि प्रशिक्षण अवधि के दौरान भी ग्राम पंचायत पेशम का कामकाज प्रभावित नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि किसी भी आवश्यक कार्य या समस्या के लिए वे संपर्क में रह सकती हैं।

रागिनी सिन्हा ने कहा: “प्रशिक्षण के दौरान भी ग्राम पंचायत पेशम में किसी प्रकार के आवश्यक कार्य या समस्या के लिए लोग मुझसे संपर्क कर सकते हैं, ताकि पंचायत का कामकाज निर्बाध रूप से चलता रहे।”

यह बयान उनके प्रशासनिक दृष्टिकोण और जनसेवा के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

महिला नेतृत्व और सशक्तिकरण का उदाहरण

रागिनी सिन्हा का मास्टर ट्रेनर के रूप में चयन पंचायती राज व्यवस्था में महिला नेतृत्व और सशक्तिकरण का मजबूत उदाहरण भी प्रस्तुत करता है। आज भी ग्रामीण प्रशासन में महिलाओं की भागीदारी को लेकर कई चुनौतियां मौजूद हैं, लेकिन ऐसे चयन यह दिखाते हैं कि महिलाएं न केवल नेतृत्व कर सकती हैं, बल्कि दूसरों को प्रशिक्षण देने में भी सक्षम हैं।

यह पहल अन्य महिला जनप्रतिनिधियों के लिए भी प्रेरणास्रोत बन सकती है और पंचायत स्तर पर महिलाओं की सक्रिय भूमिका को और मजबूत कर सकती है।

न्यूज़ देखो: पंचायती राज में प्रशिक्षण से आएगा वास्तविक बदलाव

यह खबर दर्शाती है कि पंचायती राज व्यवस्था को मजबूत करने के लिए केवल योजनाएं नहीं, बल्कि सक्षम नेतृत्व और प्रशिक्षण भी जरूरी है। एक अनुभवी मुखिया का मास्टर ट्रेनर बनना पंचायत सहायकों के लिए व्यावहारिक सीख का अवसर है। अब यह देखना अहम होगा कि इस प्रशिक्षण का असर जमीनी स्तर पर कितनी जल्दी और कितनी प्रभावी तरीके से दिखाई देता है। पंचायत प्रशासन की कार्यप्रणाली में होने वाले बदलावों पर हमारी नजर बनी रहेगी।
हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

सशक्त पंचायत से सशक्त गांव की ओर

जब पंचायतें मजबूत होती हैं, तभी गांवों का समग्र विकास संभव होता है। प्रशिक्षण, पारदर्शिता और जिम्मेदार नेतृत्व ही पंचायती राज की असली ताकत हैं।
यह चयन केवल एक पद की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि ग्रामीण विकास की दिशा में एक ठोस कदम है।
आपके गांव और पंचायत में ऐसे प्रयास कितने प्रभावी हैं, अपनी राय साझा करें।
खबर को आगे बढ़ाएं, चर्चा करें और स्थानीय शासन को मजबूत बनाने की इस पहल को समर्थन दें।

यह खबर आपके लिए कितनी महत्वपूर्ण थी?

रेटिंग देने के लिए किसी एक स्टार पर क्लिक करें!

इस खबर की औसत रेटिंग: 0 / 5. कुल वोट: 0

अभी तक कोई वोट नहीं! इस खबर को रेट करने वाले पहले व्यक्ति बनें।

चूंकि आपने इस खबर को उपयोगी पाया...

हमें सोशल मीडिया पर फॉलो करें!

IMG-20251223-WA0009
IMG-20250723-WA0070
आगे पढ़िए...

नीचे दिए बटन पर क्लिक करके हमें सोशल मीडिया पर फॉलो करें


Saroj Verma

दुमका/देवघर

ये खबर आपको कैसी लगी, अपनी प्रतिक्रिया दें

Back to top button
error: