
#बरवाडीह #लातेहार #पर्यटन : नव वर्ष के दूसरे रविवार को बेतला नेशनल पार्क में पर्यटकों की रही खासी चहल-पहल।
नव वर्ष के दूसरे रविवार को लातेहार जिले के बेतला नेशनल पार्क में पर्यटकों की भारी भीड़ देखी गई। टाइगर सफारी, ऐतिहासिक पलामू किला और कमलदह झील जैसे प्रमुख आकर्षणों ने सैलानियों को खासा लुभाया। परिवारों, बच्चों और शिक्षण भ्रमण पर आए विद्यार्थियों की सक्रिय मौजूदगी से पार्क में रौनक बनी रही। बढ़ती पर्यटक संख्या से स्थानीय पर्यटन व्यवसाय को भी प्रत्यक्ष लाभ मिला।
- बरवाडीह शांति निकेतन स्कूल के डायरेक्टर पवन गुप्ता परिवार संग टाइगर सफारी पर निकले।
- नव वर्ष के मौके पर बेतला नेशनल पार्क में बड़ी संख्या में पहुंचे पर्यटक।
- पर्यटकों ने पलामू किला, कमलदह झील और प्राकृतिक व्याख्या केंद्र का किया भ्रमण।
- चिल्ड्रेन पार्क में सरकारी स्कूलों के बच्चों ने खेलकूद और मनोरंजन का उठाया आनंद।
- पर्यटकों की भीड़ से स्थानीय होटल, वाहन चालक और दुकानदार उत्साहित।
नव वर्ष के दूसरे रविवार को लातेहार जिले का प्रसिद्ध पर्यटन स्थल बेतला नेशनल पार्क सैलानियों से गुलजार नजर आया। मौसम अनुकूल होने और नव वर्ष की छुट्टियों के चलते बड़ी संख्या में पर्यटक यहां पहुंचे। जंगल, वन्यजीव और ऐतिहासिक धरोहरों के संगम ने पर्यटकों को प्रकृति के करीब समय बिताने का अवसर दिया।
इसी क्रम में बरवाडीह शांति निकेतन स्कूल के डायरेक्टर पवन गुप्ता ने अपने परिवार के साथ टाइगर सफारी के माध्यम से बेतला नेशनल पार्क का भ्रमण किया। सफारी के दौरान उन्होंने घने जंगल, वन्यजीवों के प्राकृतिक आवास और हरियाली का आनंद लिया।
टाइगर सफारी ने बढ़ाया रोमांच
टाइगर सफारी के दौरान जंगल की सैर पर्यटकों के लिए रोमांचक अनुभव साबित हुई। पवन गुप्ता ने बताया कि प्राकृतिक वातावरण और वन्यजीवों को उनके प्राकृतिक आवास में देखना बच्चों और परिवार के लिए यादगार अनुभव रहा। उन्होंने बेतला नेशनल पार्क को परिवार संग समय बिताने के लिए एक बेहतरीन स्थल बताया।
ऐतिहासिक और प्राकृतिक स्थलों का दीदार
रविवार को पहुंचे अन्य पर्यटकों ने भी ऐतिहासिक पलामू किला, मनोरम कमलदह झील और बेतला प्राकृतिक व्याख्या केंद्र का भ्रमण किया। पलामू किले की ऐतिहासिक संरचना और आसपास फैला जंगल पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बना रहा।
प्राकृतिक व्याख्या केंद्र में पर्यटकों को वन्यजीवों, जैव विविधता और जंगल संरक्षण से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां दी गईं। यहां खासकर बच्चों और युवाओं में वन संरक्षण को लेकर जिज्ञासा और उत्साह देखने को मिला।
चिल्ड्रेन पार्क में बच्चों की रही खास रौनक
बेतला नेशनल पार्क से सटे चिल्ड्रेन पार्क में भी चहल-पहल देखने को मिली। सरकारी स्कूलों से शैक्षणिक भ्रमण पर आए बच्चों ने झूले, खेल सामग्री और खुले वातावरण में भरपूर आनंद लिया। शिक्षकों के साथ पहुंचे बच्चों ने इसे पढ़ाई के साथ-साथ मनोरंजन का बेहतरीन अवसर बताया।

स्थानीय पर्यटन व्यवसाय को मिला लाभ
पर्यटकों की बढ़ती संख्या से स्थानीय पर्यटन व्यवसायियों में भी उत्साह देखा गया। होटल संचालकों, वाहन चालकों और स्थानीय दुकानदारों को नव वर्ष के अवसर पर अच्छी आमदनी हुई। इससे स्थानीय लोगों को रोजगार और आर्थिक गतिविधियों में बढ़ोतरी का लाभ मिला।
स्थानीय व्यवसायियों का कहना है कि यदि इसी तरह सुविधाओं का विस्तार और प्रचार-प्रसार किया जाए, तो बेतला नेशनल पार्क झारखंड के प्रमुख पर्यटन स्थलों में और मजबूत पहचान बना सकता है।
न्यूज़ देखो: पर्यटन से जुड़ रहा स्थानीय विकास
बेतला नेशनल पार्क में बढ़ती पर्यटक गतिविधियां यह दर्शाती हैं कि प्राकृतिक और ऐतिहासिक धरोहरों का सही संरक्षण और प्रचार स्थानीय विकास को गति दे सकता है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
प्रकृति से जुड़ें, जिम्मेदारी निभाएं
प्राकृतिक धरोहरों का संरक्षण हम सभी की जिम्मेदारी है। पर्यटन का आनंद लें, लेकिन पर्यावरण को सुरक्षित रखने में भी योगदान दें। अपनी राय कमेंट करें, खबर साझा करें और बेतला जैसे पर्यटन स्थलों के संरक्षण के लिए जागरूकता फैलाएं।





