
#मेदिनीनगर #पलामू #सामाजिक_सेवा : मकर संक्रांति पर वार्ड 20 में सौ जरूरतमंदों के बीच कंबल वितरण।
पलामू जिले के मेदिनीनगर शहर में मकर संक्रांति के अवसर पर समाजसेवी निर्मला देवी ने निजी खर्च से जरूरतमंदों के बीच कंबल वितरण कर मानवीय मिसाल पेश की। वार्ड संख्या 20 में आयोजित इस कार्यक्रम में ठंड से जूझ रहे गरीब परिवारों को राहत दी गई। यह पहल बिना किसी सरकारी सहायता के की गई। स्थानीय लोगों ने इस सामाजिक कार्य की सराहना की है।
- मेदिनीनगर वार्ड संख्या 20 में कंबल वितरण कार्यक्रम आयोजित।
- समाजसेवी निर्मला देवी ने निजी खर्च से जरूरतमंदों को दी राहत।
- मकर संक्रांति के अवसर पर 100 लोगों को मिला कंबल।
- कार्यक्रम का आयोजन काली मंदिर, कान्दू मोहल्ला, बेलवाटिका में।
- कई सामाजिक व जनप्रतिनिधि रहे उपस्थित।
मकर संक्रांति के पावन अवसर पर मेदिनीनगर शहर के वार्ड संख्या 20 में मानवता और सेवा का एक प्रेरणादायक उदाहरण देखने को मिला। वार्ड की निवासी समाजसेवी निर्मला देवी, पति सुरेश पंडित के साथ, ने अपने निजी खर्च से गरीब और जरूरतमंद लोगों के बीच कंबल वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया। यह कार्यक्रम दोपहर 12 बजे काली मंदिर, कान्दू मोहल्ला, बेलवाटिका परिसर में संपन्न हुआ।
कड़ाके की ठंड के इस मौसम में जहां कई गरीब परिवार रात गुजारने के लिए पर्याप्त साधनों से वंचित रहते हैं, वहीं निर्मला देवी की इस पहल ने जरूरतमंदों को बड़ी राहत पहुंचाई। कार्यक्रम के दौरान करीब 100 जरूरतमंद लोगों के बीच कंबल का वितरण किया गया, जिससे ठंड से जूझ रहे परिवारों के चेहरे पर मुस्कान देखने को मिली।
जरूरतमंदों की पीड़ा से जन्मी पहल
जानकारी के अनुसार, समाजसेवी निर्मला देवी को यह सूचना मिली थी कि उनके वार्ड में कई ऐसे परिवार हैं, जिनके पास ठंड से बचने के लिए कंबल या रजाई तक उपलब्ध नहीं है। इस स्थिति को देखते हुए उन्होंने अपने पति सुरेश पंडित और अपने जेष्ठ विनोद पंडित से विचार-विमर्श किया।
परिवार की सहमति के बाद यह निर्णय लिया गया कि बिना किसी देरी के अपने स्तर से जरूरतमंदों की मदद की जाए। इसी सोच के तहत कंबल वितरण कार्यक्रम की योजना बनाई गई और उसे सफलतापूर्वक अमल में लाया गया।
निजी खर्च से सौ लोगों को मिली ठंड से राहत
इस कार्यक्रम की सबसे बड़ी खासियत यह रही कि इसमें किसी प्रकार की सरकारी सहायता या बाहरी सहयोग नहीं लिया गया। समाजसेवी निर्मला देवी ने पूरी व्यवस्था निजी खर्च से की। उन्होंने अपने आवास के पास ही कार्यक्रम आयोजित कर जरूरतमंदों को बुलाया और उन्हें सम्मानपूर्वक कंबल प्रदान किया।
निर्मला देवी ने इस अवसर पर कहा:
निर्मला देवी ने कहा: “ठंड के इस मौसम में अगर किसी को हमारी छोटी सी मदद से राहत मिलती है, तो इससे बड़ी खुशी कोई नहीं हो सकती। आगे भी जो जरूरतमंद बच गए हैं, उन्हें आने वाले दिनों में कंबल जरूर दिया जाएगा।”
उनका यह बयान साफ दर्शाता है कि यह सेवा केवल एक दिन की नहीं, बल्कि आगे भी जारी रहने वाली पहल है।
सामाजिक कार्यों से जुड़ी रही हैं निर्मला देवी
मालूम हो कि निर्मला देवी लंबे समय से सामाजिक कार्यों से जुड़ी रही हैं। वे जरूरतमंदों की सहायता, धार्मिक आयोजनों और सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाती रही हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्होंने हमेशा समाज के कमजोर वर्ग के लिए आगे बढ़कर मदद की है।
इस बार मकर संक्रांति जैसे पर्व पर ठंड से राहत देने का उनका निर्णय न केवल समयानुकूल था, बल्कि बेहद आवश्यक भी।
स्थानीय लोगों और गणमान्य व्यक्तियों की रही मौजूदगी
कंबल वितरण कार्यक्रम के दौरान वार्ड संख्या 20 के कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम में पूर्व वार्ड पार्षद जितेंद्र कुमार सिंह, प्रदीप पंडित (ग्रीन वैली के डायरेक्टर), जितेंद्र सिंह (पूर्व वार्ड पार्षद), मनोज प्रजापति (पूर्व वार्ड पार्षद), ललन सिंहा, विष्णु दयाल, बिनोद पंडित, उदय राम समेत कई स्थानीय लोग मौजूद थे।
इन सभी ने निर्मला देवी के इस मानवीय कार्य की भूरी-भूरी प्रशंसा की और कहा कि ऐसे कार्य समाज में सकारात्मक संदेश देते हैं।
लोगों ने की सराहना, बताया प्रेरणादायक कदम
वार्ड संख्या 20 के लोगों ने कहा कि इस कड़ाके की ठंड में जरूरतमंदों को कंबल देना बहुत बड़ा सहारा है। कई लोगों ने इसे प्रेरणादायक बताते हुए कहा कि अगर समाज के सक्षम लोग इसी तरह आगे आएं, तो कोई भी गरीब ठंड या अभाव से नहीं जूझेगा।
स्थानीय नागरिकों ने ईश्वर से कामना की कि निर्मला देवी को आगे भी इसी तरह समाज सेवा करने की शक्ति और सामर्थ्य मिले।
न्यूज़ देखो: समाज सेवा की सच्ची तस्वीर
निर्मला देवी का यह कदम बताता है कि समाज सेवा के लिए बड़े मंच या सरकारी पद जरूरी नहीं। एक जागरूक नागरिक भी अपने संसाधनों से बड़ा बदलाव ला सकता है। यह पहल दूसरों के लिए भी प्रेरणा बन सकती है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
सेवा से ही बनता है संवेदनशील समाज
ठंड के मौसम में जरूरतमंदों की मदद करना केवल दान नहीं, बल्कि इंसानियत का फर्ज है।
ऐसी पहलें समाज को जोड़ती हैं और आपसी सहयोग की भावना को मजबूत करती हैं।
अगर आपके आसपास भी कोई जरूरतमंद है, तो आगे बढ़कर मदद करें।
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