शराब घोटाले में सिर्फ कुछ अफसर नहीं, बड़े-बड़े मठाधीश भी शामिल : अविनाश वर्मा

शराब घोटाले में सिर्फ कुछ अफसर नहीं, बड़े-बड़े मठाधीश भी शामिल : अविनाश वर्मा

author News देखो Team
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#पलामू #शराब_घोटाला – भाजपा नेता बोले— सीबीआई जांच ही कर सकती है दूध का दूध, पानी का पानी

  • भाजपा प्रदेश कार्य समिति सदस्य अविनाश वर्मा ने राज्य सरकार पर साधा निशाना
  • कहा— विनय चौबे की गिरफ्तारी के बाद कई राजनेता भी जांच के घेरे में आ सकते हैं
  • राज्य की बदहाली और अफसरशाही के लिए शराब नीति को ठहराया जिम्मेदार
  • बाबूलाल मरांडी की चेतावनी को अनसुना करने पर भी जताया अफसोस
  • कहा— सिर्फ 2-4 अफसरों के सिर पर घोटाले का बोझ डालना समझ से परे
  • सीबीआई जांच की मांग दोहराई, कहा— तभी सामने आएंगे असली गुनहगार

एसीबी की कार्रवाई को बताया साहसिक, सीबीआई जांच की मांग की

मेदिनीनगर, पलामू। झारखंड में चल रहे शराब घोटाले को लेकर भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश कार्य समिति सदस्य अविनाश कुमार वर्मा ने सरकार और प्रशासन को आड़े हाथों लिया है। उन्होंने राज्य सरकार की जांच एजेंसी एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) द्वारा विनय चौबे सहित कई अफसरों की गिरफ्तारी को साहसिक कार्रवाई बताते हुए कहा कि अगर जांच ईमानदारी से चली, तो आने वाले समय में कई बड़े नेता और अफसर भी सलाखों के पीछे नजर आएंगे।

“शराब घोटाले जैसे संगीन मामले में सिर्फ दो-चार लोगों को ही आरोपी बताना तर्कसंगत नहीं है। इसमें और भी कई चेहरों का पर्दाफाश होना बाकी है,”
– अविनाश कुमार वर्मा, भाजपा नेता

उन्होंने चेताया कि इस जांच को सत्ता के दबाव में प्रभावित करने की कोशिशें होंगी, इसलिए आवश्यक है कि इसे सीबीआई के हवाले किया जाए ताकि निष्पक्षता बनी रहे।

झारखंड की जनता त्रस्त, लेकिन सरकार ने घोटालेबाजों को संरक्षण दिया

अविनाश वर्मा ने राज्य की जनहित योजनाओं की बदहाली पर भी तीखा कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि जनता पीने के पानी, बिजली, बालू, स्वास्थ्य, रोजगार, पेंशन योजनाओं के लिए संघर्ष कर रही है। “विकास कार्य रुके पड़े हैं, मजदूर और युवा वर्ग हताश हैं,” उन्होंने कहा।

“शराब नीति के तहत झारखंड में बाहरी एजेंसियों को ठेका देना गरीबों के जख्मों पर नमक छिड़कने जैसा है,”
– अविनाश कुमार वर्मा

मरांडी की चेतावनी को नज़रअंदाज़ करना पड़ा भारी

भाजपा नेता ने याद दिलाया कि राज्य के पहले मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने 19 अप्रैल 2022 को ही उत्पादन नीति पर गंभीर आपत्ति जताई थी। उन्होंने मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप की मांग की थी लेकिन उनकी चेतावनी को अनसुना कर दिया गया, जिससे अफसरशाही को खुली छूट मिल गई।

“इस घोटाले के लिए सिर्फ एक अफसर नहीं, बल्कि पूरी प्रक्रिया में शामिल दर्जनों लोग जिम्मेदार हैं,”
– अविनाश कुमार वर्मा

न्यूज़ देखो : भ्रष्टाचार के खिलाफ आपकी सजग आवाज़

न्यूज़ देखो झारखंड में हो रहे हर घोटाले पर पैनी नजर बनाए रखता है। चाहे सत्ता में बैठे बड़े चेहरे हों या भ्रष्टाचार में लिप्त अफसर, हम हर तथ्य को उजागर करते हैं। हमारी कोशिश है कि सच्चाई सामने आए और दोषी बेनकाब हों
हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

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