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रांची में एनएसयूआई प्रदेश कार्यकारिणी विस्तार बैठक, शैक्षिक समस्याओं पर तेज़ हुई आवाजें

#रांची #एनएसयूआई_बैठक : प्रदेश अध्यक्ष विनय उरांव की अध्यक्षता में हुई महत्वपूर्ण बैठक, विश्वविद्यालयों की समस्याओं पर विस्तृत चर्चा
  • 04 दिसंबर 2025, रांची कांग्रेस भवन में एनएसयूआई की प्रदेश कार्यकारिणी विस्तार बैठक आयोजित।
  • बैठक की अध्यक्षता एनएसयूआई झारखंड प्रदेश अध्यक्ष विनय उरांव ने की।
  • कार्यक्रम में पूर्व शिक्षा मंत्री बंधु तिर्की और एनएसयूआई राष्ट्रीय सचिव चुन्नू सिंह हुए शामिल।
  • नीलांबर-पीतांबर विश्वविद्यालय अध्यक्ष आशीष ठाकुर ने शिक्षक कमी सहित कई समस्याएँ रखीं।
  • आवश्यकता आधारित शिक्षकों के 8 वर्षों से लंबित समायोजन को लेकर ज्ञापन सौंपा गया।
  • मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन तक मुद्दा पहुँचाने का अनुरोध किया गया।

एनएसयूआई द्वारा 4 दिसंबर 2025 को रांची कांग्रेस भवन में आयोजित प्रदेश कार्यकारिणी विस्तार बैठक राजनीतिक और शैक्षणिक दोनों दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण रही। बैठक की अध्यक्षता एनएसयूआई के झारखंड प्रदेश अध्यक्ष विनय उरांव ने की, जिसमें राज्यभर के कई वरिष्ठ नेता और छात्र संगठन से जुड़े महत्वपूर्ण पदाधिकारी शामिल हुए। इस कार्यक्रम का उद्देश्य राज्य के विभिन्न विश्वविद्यालयों में छात्रों से जुड़े मुद्दों, शैक्षिक अव्यवस्थाओं और शिक्षक संकट पर विस्तृत चर्चा करना था।

मुख्य अतिथियों की मौजूदगी ने बढ़ाया महत्व

बैठक में पूर्व शिक्षा मंत्री बंधु तिर्की, एनएसयूआई के राष्ट्रीय सचिव एवं झारखंड प्रभारी चुन्नू सिंह, प्रदेश उपाध्यक्ष गोपाल कृष्ण चौधरी, प्रदेश सचिव सैफ अहमद, तथा झारखंड के विभिन्न विश्वविद्यालयों और जिलों के एनएसयूआई अध्यक्ष उपस्थित थे। सभी पदाधिकारियों ने एकजुट होकर विश्वविद्यालयों की चुनौतियों और छात्रों के हितों पर अपने विचार रखे।

नीलांबर-पीतांबर विश्वविद्यालय की गंभीर समस्याएँ सामने

बैठक के दौरान नीलांबर-पीतांबर विश्वविद्यालय (एनपीयू) अध्यक्ष आशीष ठाकुर ने विश्वविद्यालय में व्याप्त शैक्षणिक समस्याओं पर विस्तार से प्रकाश डाला।
उनके अनुसार—

  • विश्वविद्यालय में शिक्षकों की भारी कमी एक बड़ी समस्या है।
  • कई विभाग ऐसे हैं जहाँ वर्षों से नियमित शिक्षक उपलब्ध नहीं हैं।
  • इससे छात्रों की पढ़ाई और शोध संबंधी कार्य प्रभावित हो रहे हैं।

आशीष ठाकुर ने आवश्यकता आधारित शिक्षकों के बारे में भी गंभीर चिंता जताई। लगभग 8 वर्षों से सेवा दे रहे इन शिक्षकों का अब तक समायोजन न होना विश्वविद्यालयों में शिक्षा व्यवस्था को कमजोर कर रहा है।

बंधु तिर्की को सौंपा गया ज्ञापन

आशीष ठाकुर ने बैठक के दौरान माननीय पूर्व शिक्षा मंत्री बंधु तिर्की को एक लिखित ज्ञापन सौंपा, जिसमें आवश्यकता आधारित शिक्षकों के शीघ्र समायोजन की मांग की गई।
उन्होंने आग्रह किया कि इस ज्ञापन को
झारखंड के माननीय मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन
तक पहुंचाया जाए, ताकि जल्द से जल्द इन शिक्षकों को नियमित रूप दिया जा सके।

ज्ञापन में बताया गया कि इन शिक्षकों के समायोजन से—

  • विश्वविद्यालयों में पठन-पाठन सुचारू होगा,
  • शोध कार्यों में गति आएगी,
  • और वर्षों से सेवा दे रहे शिक्षकों को स्थायित्व मिल सकेगा।

एनएसयूआई ने दिखाया एकजुटता का संदेश

बैठक के दौरान नेताओं ने कहा कि एनएसयूआई लंबे समय से शैक्षणिक समस्याओं को उठाती रही है और आगे भी विद्यार्थियों व शिक्षकों के हित में लड़ाई जारी रहेगी।
सभी पदाधिकारियों ने विश्वविद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए मजबूत कदम उठाने की आवश्यकता पर जोर दिया।

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न्यूज़ देखो: छात्र-शिक्षक मुद्दों पर मजबूत पहल

एनएसयूआई द्वारा आयोजित यह बैठक राज्य में उच्च शिक्षा से जुड़े वास्तविक मुद्दों को न केवल सामने लाती है बल्कि समाधान के लिए राजनीतिक स्तर पर ठोस हस्तक्षेप की आवश्यकता भी दर्शाती है। आवश्यकता आधारित शिक्षकों का समायोजन विश्वविद्यालयों के भविष्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

शिक्षा सुधार की दिशा में साझी पहल जरूरी

जब छात्र संगठनों, शिक्षक समूहों और सरकार की नीतियाँ एक दिशा में चलें, तभी शिक्षा व्यवस्था मजबूत होती है। आप क्या सोचते हैं—क्या आवश्यकता आधारित शिक्षकों का समायोजन जल्द होना चाहिए?
अपनी राय कमेंट में साझा करें और खबर को दूसरों तक पहुँचाएं।

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