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रेडिएंट झारखंड 2.0 में NTTF आरडी टाटा टेक्निकल एजुकेशन सेंटर के छात्रों का परचम, इनोवेशन अवार्ड से राष्ट्रीय पहचान

#जमशेदपुर #तकनीकी_शिक्षा : राष्ट्रीय स्तर की प्रदर्शनी में छात्रों के नवाचारों को मिला सम्मान।

रेडिएंट झारखंड 2.0 नेशनल लेवल एग्जीबिशन में NTTF आर.डी. टाटा टेक्निकल एजुकेशन सेंटर के छात्रों ने अपनी तकनीकी प्रतिभा का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। 29 से 31 जनवरी 2026 तक आयोजित इस प्रदर्शनी में संस्थान के दो इनोवेटिव प्रोजेक्ट्स को इनोवेशन अवार्ड से सम्मानित किया गया। यह उपलब्धि व्यावहारिक तकनीकी शिक्षा और छात्र नवाचार की मजबूत मिसाल बनी है। प्रतियोगिता में देशभर के प्रतिभागियों के बीच RNTC के छात्रों ने अलग पहचान बनाई।

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  • NTTF RNTC के छात्रों ने रेडिएंट झारखंड 2.0 में जीता इनोवेशन अवार्ड
  • ट्रैश एक्सेस हब और सर्विलांस रोबोट को मिला राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान।
  • प्रदर्शनी का आयोजन 29–31 जनवरी 2026 को हुआ।
  • स्मार्ट कचरा प्रबंधन और सुरक्षा तकनीक पर आधारित प्रोजेक्ट्स।
  • संस्थान द्वारा पेटेंट फाइलिंग और कमर्शियल लॉन्च की तैयारी।

रेडिएंट झारखंड 2.0 नेशनल लेवल एग्जीबिशन में NTTF आर.डी. टाटा टेक्निकल एजुकेशन सेंटर (RNTC) के छात्रों ने यह साबित कर दिया कि झारखंड की तकनीकी प्रतिभा राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने में सक्षम है। इस तीन दिवसीय प्रदर्शनी में देशभर से आए तकनीकी संस्थानों और नवाचारों के बीच RNTC के दो छात्र प्रोजेक्ट्स ने निर्णायकों का ध्यान आकर्षित किया और प्रतिष्ठित इनोवेशन अवार्ड अपने नाम किया।

यह उपलब्धि केवल पुरस्कार तक सीमित नहीं है, बल्कि यह व्यावहारिक इंजीनियरिंग, समस्या-समाधान आधारित शिक्षा और सामाजिक जरूरतों से जुड़े नवाचार की सफलता को भी दर्शाती है।

ट्रैश एक्सेस हब: स्मार्ट कचरा प्रबंधन की दिशा में पहल

पहला विजेता प्रोजेक्ट ट्रैश एक्सेस हब रहा, जिसे रागिनी सिन्हा, प्रीतम मंडल, सिया दास और शिव सागर ने मिलकर तैयार किया। यह एक ऑटोमैटिक सिस्टम है, जो स्मार्ट कचरा प्रबंधन को आसान और प्रभावी बनाने पर केंद्रित है।

इस मॉडल का उद्देश्य शहरी और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में कचरा प्रबंधन की चुनौतियों को तकनीक के माध्यम से हल करना है। स्वचालित प्रणाली होने के कारण यह मानव हस्तक्षेप को कम करता है और स्वच्छता के स्तर को बेहतर बनाने में सहायक साबित हो सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार, इस प्रकार के नवाचार नगर निगमों के लिए भविष्य में उपयोगी साबित हो सकते हैं।

सर्विलांस रोबोट: सुरक्षा तकनीक में उन्नत समाधान

दूसरा इनोवेशन अवार्ड सर्विलांस रोबोट को मिला, जिसे अमन कुमार चौहान, शालिनी सिन्हा, शिवांगी सिंह और सलोनी सिंह ने विकसित किया। यह एक ऑल-टेरेन सर्विलांस रोबोट है, जिसे कठिन और जोखिम भरे रास्तों पर निगरानी रखने के लिए डिजाइन किया गया है।

यह रोबोट ऐसे इलाकों में भी कार्य कर सकता है, जहां सामान्य निगरानी व्यवस्था पहुंचने में असमर्थ रहती है। सुरक्षा एजेंसियों और आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में इस तकनीक के व्यापक उपयोग की संभावनाएं जताई जा रही हैं। निर्णायकों ने इसके डिजाइन, कार्यक्षमता और सामाजिक उपयोगिता की विशेष रूप से सराहना की।

संस्थान की प्रतिक्रिया और गर्व का क्षण

NTTF RNTC ने छात्रों की इस उपलब्धि पर हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि यह जीत संस्थान की व्यावहारिक इंजीनियरिंग और इनोवेशन आधारित शिक्षा के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है। नेशनल लेवल पर मिली इस पहचान से संस्थान का आत्मविश्वास और मजबूत हुआ है।

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प्राचार्य का प्रेरणादायक वक्तव्य

संस्थान के प्राचार्य ने छात्रों को बधाई देते हुए कहा:
प्राचार्य ने कहा: “हमारे छात्रों ने यह साबित कर दिया है कि जब तकनीक नवाचार से जुड़ती है, तो वह समाज की जटिल समस्याओं का समाधान बन जाती है। यह अवार्ड केवल एक शुरुआत है। हमारा लक्ष्य ऐसे इंजीनियर तैयार करना है, जो भविष्य की चुनौतियों के लिए आज समाधान खोजें।”

पेटेंट और व्यावसायिक स्तर की तैयारी

इनोवेशन अवार्ड मिलने के बाद संस्थान ने यह भी घोषणा की है कि ट्रैश एक्सेस हब और सर्विलांस रोबोट दोनों की यूनिक डिजाइन और तकनीक के लिए पेटेंट फाइल करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इसके साथ ही इन प्रोटोटाइप्स को उद्योग विशेषज्ञों की मदद से और अधिक रिफाइन किया जाएगा।

संस्थान का उद्देश्य है कि इन मॉडलों को नगर निगमों और सुरक्षा एजेंसियों के लिए व्यावसायिक स्तर पर उपलब्ध कराया जा सके, ताकि इनका वास्तविक उपयोग समाज में हो सके।

परियोजना से जुड़े नाम

प्रोजेक्ट नाम के अंतर्गत मिथिला महतो, हिरेश विवेक कुमार, विवेक शर्मा और पल्लवी चौधरी का नाम भी सामने आया है, जिन्होंने इस नवाचार प्रक्रिया में अपनी भूमिका निभाई।

इस उपलब्धि की जानकारी वरुण कुमार, प्रशासन अधिकारी, द्वारा साझा की गई।

तकनीकी शिक्षा में नई पहचान

रेडिएंट झारखंड 2.0 जैसे राष्ट्रीय मंच पर RNTC के छात्रों की सफलता यह दर्शाती है कि झारखंड में तकनीकी शिक्षा केवल पाठ्यक्रम तक सीमित नहीं है, बल्कि वास्तविक समस्याओं के समाधान की दिशा में आगे बढ़ रही है।

न्यूज़ देखो: नवाचार से बनता है आत्मनिर्भर भविष्य

यह सफलता बताती है कि यदि छात्रों को सही मार्गदर्शन, संसाधन और मंच मिले, तो वे राष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी पहचान बना सकते हैं। NTTF RNTC का यह प्रयास तकनीकी शिक्षा में नवाचार और रोजगारोन्मुख सोच को मजबूती देता है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

नवाचार से राष्ट्र निर्माण की ओर कदम

युवा इंजीनियरों की यह उपलब्धि प्रेरणादायक है।
तकनीक, सोच और मेहनत जब एक साथ आती है, तो बदलाव संभव होता है।
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