गिरिडीह के बनपुरा में सार्वजनिक तालाब पर कब्जा, ग्रामीणों ने अंचलाधिकारी से लगाई गुहार

गिरिडीह के बनपुरा में सार्वजनिक तालाब पर कब्जा, ग्रामीणों ने अंचलाधिकारी से लगाई गुहार

author Surendra Verma
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#बिरनी #सार्वजनिक_सम्पत्ति #कब्ज़ा – गांव की आजीविका का सहारा बन चुका तालाब अब विवादों के घेरे में, प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की मांग

  • बनपुरा गांव के सर्वे तालाब पर स्थानीय व्यक्ति द्वारा ईंट की बाउंड्री खड़ी कर कब्जा करने का आरोप
  • ग्रामीणों ने अंचलाधिकारी को सौंपा लिखित आवेदन, जांच और कानूनी कार्रवाई की मांग
  • तालाब से 7-10 एकड़ भूमि की सिंचाई और मछली पालन किया जाता है
  • आरोपी पर पहले भी दो बार सार्वजनिक जमीन कब्जाने का आरोप लग चुका है
  • पीड़ितों का कहना, अभियंता पुत्र पद का दबाव बनाकर ग्रामीणों को धमका रहा
  • अंचलाधिकारी ने कहा— जांच के बाद होगी सख्त कार्रवाई और अतिक्रमण मुक्त कराया जाएगा

ग्रामीण आजीविका पर संकट: तालाब कब्जे से गहराया संकट

गिरिडीह जिले के बिरनी प्रखंड अंतर्गत बनपुरा गांव में स्थित सर्वे तालाब वर्षों से ग्रामीणों के खेती और मछली पालन का मुख्य स्रोत रहा है। लेकिन अब यह तालाब अतिक्रमण का शिकार हो चुका है। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव के ही निवासी शिवशंकर वर्मा ने तालाब की जमीन पर ईंट की दीवार खड़ी कर कब्जा कर लिया है, जिससे न केवल सिंचाई व्यवस्था बाधित हो रही है बल्कि गांव की आर्थिक व्यवस्था भी प्रभावित हो रही है।

तालाब की ज़मीन से लगभग 7 से 10 एकड़ खेतों की सिंचाई होती है और मछली पालन से कई परिवारों की आजीविका जुड़ी है। ग्रामीणों ने प्रशासन से इस पर अविलंब कार्रवाई की मांग की है

पुराने विवादों से भी जुड़ा रहा है मामला

शिवशंकर वर्मा पर पहले भी कई बार सार्वजनिक संपत्तियों पर कब्जा करने के आरोप लग चुके हैं।

  • 28 जून 2024 को गांव के सार्वजनिक रास्ते को ट्रेंच काट कर बाधित कर दिया गया था, जिसे अंचल कार्यालय के हस्तक्षेप से हटाया गया।
  • हाल में ही गैरमजरूआ जमीन (खाता न. 29, प्लॉट न. 638) पर ईंट की बाउंड्री वॉल डालने की कोशिश की गई थी, जिसे अंचल कर्मचारी की मदद से रोका गया।

ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि शिवशंकर वर्मा दबंग, सनकी और कानून को ताक पर रखकर लगातार कब्जा कर रहा है।

पद का दुरुपयोग और ग्रामीणों को धमकी

ग्रामीणों का कहना है कि शिवशंकर वर्मा का पुत्र अभय कुमार, जो कि एक कनीय अभियंता के पद पर कार्यरत है, अपने पद का दबाव बनाकर ग्रामीणों को झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी देता है।

इस पर अभय कुमार ने सफाई देते हुए कहा—

“मुझे इस मामले की जानकारी नहीं है। कुछ लोग साजिश के तहत झूठा आवेदन देकर माहौल खराब कर रहे हैं।”

अंचलाधिकारी ने दिए जांच और कार्रवाई के संकेत

पूरे मामले पर अंचलाधिकारी संदीप मद्धेशिया ने कहा—

“सार्वजनिक तालाब पर कब्जा गैरकानूनी है। राजस्व कर्मचारी को भेजकर जांच करवाई जाएगी। दोषी पाए जाने पर सख्त कानूनी कार्रवाई करते हुए तालाब को अतिक्रमण मुक्त कराया जाएगा।”

ग्रामीणों को उम्मीद है कि इस बार प्रशासन कड़ा रुख अपनाएगा और जनसुविधा के संसाधनों की रक्षा करेगा।

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Written by

डुमरी, गिरिडीह

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