
#लातेहार #यातायात_बाधा : डेढ़ टंगवा घाटी में तकनीकी खराबी से तेल टैंकर फंसा, रिसाव से बढ़ी दुर्घटना की आशंका।
लातेहार जिले के चंदवा–लोहरदगा मुख्य मार्ग पर लुकुइया के समीप डेढ़ टंगवा घाटी में तेल से भरा एक टैंकर तकनीकी खराबी के कारण बीच सड़क पर फंस गया है। ब्रेक फेल होने और तेल रिसाव की वजह से सड़क पर फिसलन की स्थिति बन गई है, जिससे यात्रियों की सुरक्षा पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है। इस घटना से मार्ग पर आवागमन बुरी तरह प्रभावित हो गया है और स्थानीय लोगों ने तत्काल प्रशासनिक हस्तक्षेप की मांग की है।
- चंदवा–लोहरदगा मुख्य मार्ग पर डेढ़ टंगवा घाटी में तेल टैंकर खराब।
- तकनीकी खराबी और ब्रेक फेल होने से आगे नहीं बढ़ पा रहा टैंकर।
- टैंकर से तेल का रिसाव, सड़क पर बनी फिसलन।
- घाटी क्षेत्र में दुर्घटना का गंभीर खतरा।
- यात्रियों और स्थानीय लोगों को भारी परेशानी।
- प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग।
लातेहार जिले के अत्यंत व्यस्त चंदवा–लोहरदगा मुख्य मार्ग पर सोमवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब लुकुइया के पास स्थित डेढ़ टंगवा घाटी में तेल से लदा एक टैंकर अचानक तकनीकी खराबी के कारण बीच सड़क पर फंस गया। घाटी क्षेत्र और संकरे मोड़ होने के कारण यह स्थिति और भी खतरनाक बन गई है।
तकनीकी खराबी और ब्रेक फेल से बिगड़ी स्थिति
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, चलती अवस्था में टैंकर में अचानक तकनीकी खराबी आ गई। इसके साथ ही ब्रेक सिस्टम भी फेल हो गया, जिससे चालक वाहन को सुरक्षित स्थान तक नहीं ले जा सका। मजबूरी में टैंकर को घाटी के बीच सड़क पर ही रोकना पड़ा। भारी वाहन के बीच सड़क पर रुक जाने से दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई।
तेल रिसाव से फिसलन, हादसे की आशंका
स्थिति को और गंभीर बनाते हुए टैंकर से तेल का रिसाव भी शुरू हो गया। सड़क पर फैले तेल के कारण मार्ग बेहद फिसलन भरा हो गया है। घाटी क्षेत्र होने के कारण यहां पहले से ही वाहनों के नियंत्रण खोने का खतरा रहता है, ऐसे में तेल रिसाव ने दुर्घटना की आशंका को कई गुना बढ़ा दिया है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते टैंकर को नहीं हटाया गया और तेल रिसाव पर काबू नहीं पाया गया, तो किसी बड़े हादसे से इनकार नहीं किया जा सकता।
यात्रियों को हो रही भारी परेशानी
घटना के कारण चंदवा–लोहरदगा मार्ग पर यातायात लगभग ठप हो गया है। छोटे-बड़े वाहन घंटों तक फंसे रहे, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। खासकर घाटी में फंसे दोपहिया और हल्के वाहन चालकों में डर का माहौल देखा गया।
स्थानीय लोगों की प्रशासन से मांग
मौके पर मौजूद ग्रामीणों और वाहन चालकों ने प्रशासन से जल्द से जल्द क्रेन और तकनीकी टीम भेजकर टैंकर को हटाने, तेल रिसाव को नियंत्रित करने और सड़क पर सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने की मांग की है। लोगों ने कहा कि चेतावनी संकेत, बैरिकेडिंग और पुलिस की तैनाती बेहद जरूरी है, ताकि किसी अप्रिय घटना को रोका जा सके।
खबर लिखे जाने तक इंतजाम नाकाफी
खबर लिखे जाने तक घटनास्थल पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं हो पाए थे। न तो पर्याप्त पुलिस बल मौजूद था और न ही यातायात को वैकल्पिक मार्ग से डायवर्ट करने की ठोस व्यवस्था की गई थी, जिससे लोगों में नाराजगी देखी गई।
न्यूज़ देखो: घाटी मार्गों पर लापरवाही बन सकती है जानलेवा
डेढ़ टंगवा घाटी जैसी संवेदनशील जगह पर तेल टैंकर का खराब होकर फंस जाना प्रशासनिक सतर्कता पर सवाल खड़े करता है। ऐसे मार्गों पर आपात स्थिति से निपटने के लिए पूर्व तैयारी और त्वरित कार्रवाई बेहद जरूरी है। अब देखना होगा कि प्रशासन कितनी तेजी से हालात को नियंत्रित करता है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
सुरक्षा पहले, लापरवाही नहीं
घाटी और खतरनाक मार्गों पर हर पल सतर्कता जरूरी है।
प्रशासन की जिम्मेदारी है कि यात्रियों की जान की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दे।
यदि आप भी इस मार्ग से गुजरते हैं, तो सावधानी बरतें और नियमों का पालन करें।
अपनी राय कमेंट करें, खबर साझा करें और सड़क सुरक्षा को लेकर जागरूकता फैलाएं।





