बुद्ध पूर्णिमा पर रंका के दो युवाओं ने बचाई ज़िंदगियाँ, विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल की सराहनीय पहल

बुद्ध पूर्णिमा पर रंका के दो युवाओं ने बचाई ज़िंदगियाँ, विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल की सराहनीय पहल

author Sonu Kumar
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#गढ़वा #बुद्ध_पूर्णिमा #रक्तदान – थैलेसीमिया पीड़िता और एक दुर्लभ रक्त समूह की महिला को मिला जीवनदायी रक्त, सक्रिय रहे समाजसेवी और संगठन

  • बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर रंका के दो युवाओं ने किया स्वेच्छा से रक्तदान
  • थैलेसीमिया पीड़िता बच्ची और B– ग्रुप से पीड़ित महिला को समय पर मिला रक्त
  • विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल रंका इकाई ने निभाई सामाजिक जिम्मेदारी
  • दिव्यांग रक्तदाता रामानुज कुमार विश्वकर्मा का छठवां रक्तदान
  • समाजसेवी सतीश पांडे और रक्तवीर समूह की रही अहम भूमिका

थैलेसीमिया पीड़िता को मिला जीवनदान, रंका के रक्तवीर ने निभाया मानव धर्म

बुद्ध पूर्णिमा जैसे पावन अवसर पर गढ़वा में मानवता की अनोखी मिसाल देखने को मिली। मंगरदह, नगर उंटारी निवासी जितेन्द्र राम की सात वर्षीय पुत्री जागृति भारती जो थैलेसीमिया जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रही है, उसे O पॉजिटिव रक्त की सख्त ज़रूरत थी।

परिवार ने यह बात समाजसेवी सतीश कुमार पाण्डेय को बताई। उन्होंने तत्परता दिखाते हुए रंका रक्तवीर समूह में यह जानकारी साझा की। खबर मिलते ही विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल रंका के सक्रिय सदस्य अनिल मधेशिया बिना देर किए गढ़वा सदर ब्लड बैंक पहुंचे और अपना 10वां रक्तदान कर बच्ची की जान बचाई।

“रक्तदान महादान है। अगर मेरे रक्त से किसी की जान बच सकती है, तो यह मेरे जीवन की सबसे बड़ी खुशी है। रक्तदान से कोई कमजोरी नहीं होती, बल्कि शरीर स्वस्थ रहता है।”
अनिल मधेशिया, रक्तदाता

रेयर ब्लड ग्रुप की तलाश में मिली उम्मीद, दिव्यांग ने बढ़ाया साहस

दूसरी ओर, डाला ओबरा निवासी संतोष कुमार की पत्नी करुणा कुमारी, जो B– नेगेटिव ग्रुप से हैं, उन्हें रक्त की तत्काल ज़रूरत थी। इस रेयर ब्लड ग्रुप के लिए परिजन ने संपर्क किया विश्व हिंदू परिषद रंका खंड अध्यक्ष सोनू कुमार मधेशिया और युवा स्वयंसेवक मोहित कुमार चौधरी से।

काफी खोजबीन के बाद पता चला कि रंका अनुमंडल निवासी रामानुज कुमार विश्वकर्मा, जो स्वयं दिव्यांग हैं, उनका B– नेगेटिव ब्लड ग्रुप है। उन्हें सूचना मिलते ही वे सदर अस्पताल ब्लड बैंक गढ़वा पहुंचे और छठवीं बार रक्तदान कर पीड़िता की जान बचाई।

“मैं पहले भी रक्तदान कर चुका हूँ। यह एक महान कार्य है। आज के युवाओं को आगे आकर रक्तदान कर दूसरों की जान बचानी चाहिए।”
रामानुज कुमार विश्वकर्मा, रक्तदाता

समाजसेवी, संगठन और रक्तवीर ग्रुप की भूमिका सराहनीय

समाजसेवी सतीश कुमार पाण्डेय ने बताया कि वे रक्तदान को सर्वोच्च सामाजिक सेवा मानते हैं और वर्षों से रक्तदान कर रहे हैं। उन्होंने अब तक सैकड़ों लोगों को प्रेरित कर रक्तदान करवाया है। इस कार्य में रंका रक्तवीर समूह के समन्वयक सोनू कुमार मधेशिया और मोहित कुमार चौधरी लगातार सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।

गढ़वा ब्लड बैंक में इस रक्तदान अभियान को सफल बनाने में लैब टेक्नीशियन रामजी रवि और रूप देव सिंह का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा।

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गढ़वा

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