News dekho specials
Garhwa

माघ पूर्णिमा पर गढ़वा में श्री श्री ठाकुर अनुकूल चंद्र जी का मासिक सत्संग आयोजित, भक्ति और अनुशासन का संदेश गूंजा

#गढ़वा #धार्मिक_सत्संग : गुरु भक्ति, सामूहिक प्रार्थना और कल्याण के संकल्प के साथ श्रद्धापूर्वक संपन्न आयोजन।

गढ़वा जिले के भागलपुर टंडवा में माघी पूर्णिमा के पावन अवसर पर परम दयाल युग पुरुषोत्तम श्री श्री ठाकुर अनुकूल चंद्र जी का मासिक सत्संग श्रद्धा और अनुशासन के साथ आयोजित किया गया। गुरु भाई संत कुमार जी के निवास पर हुए इस आयोजन में सामूहिक प्रार्थना, भजन-कीर्तन और धर्मग्रंथ पाठ के माध्यम से आध्यात्मिक वातावरण निर्मित हुआ। सत्संग में गुरु के बताए मार्ग पर चलने और समाज व विश्व कल्याण का संकल्प लिया गया। बड़ी संख्या में गुरु भाई-बहनों की सहभागिता ने आयोजन को विशेष बना दिया।

Join News देखो WhatsApp Channel
  • माघी पूर्णिमा के अवसर पर मासिक सत्संग का आयोजन।
  • भागलपुर टंडवा, गढ़वा स्थित गुरु भाई संत कुमार जी के निवास पर कार्यक्रम।
  • सामूहिक प्रार्थना, भजन-कीर्तन, आरती और धर्मग्रंथ पाठ।
  • प्रसाद एवं महाप्रसाद की विशेष व्यवस्था।
  • गुरु के बताए मार्ग पर चलने का सामूहिक संकल्प।

माघी पूर्णिमा के शुभ अवसर पर आयोजित इस मासिक सत्संग में आध्यात्मिक चेतना, अनुशासन और सेवा भाव का अनूठा संगम देखने को मिला। कार्यक्रम की शुरुआत शंख ध्वनि के साथ हुई, जिसके बाद “बंदी पुरुषोत्तम की जय” के जयघोष से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा। इसके उपरांत सामूहिक प्रार्थना और भजन-कीर्तन के माध्यम से श्रद्धालुओं ने गुरु भक्ति में स्वयं को समर्पित किया।

सत्संग के दौरान सभी प्रमुख धर्मग्रंथों का पाठ किया गया, जिससे उपस्थित श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक ज्ञान और जीवन मूल्यों की गहरी अनुभूति हुई। आयोजन में यह संदेश बार-बार दोहराया गया कि कलयुग में नाम स्मरण, सत्संग, गुरु भक्ति और माता-पिता की सेवा ही मानव जीवन का सच्चा आधार है।

गुरु भक्ति और अनुशासन का महत्व

सत्संग में वक्ताओं ने कहा कि श्री श्री ठाकुर अनुकूल चंद्र जी द्वारा बताए गए मार्ग पर चलने से न केवल व्यक्ति का, बल्कि पूरे समाज और विश्व का कल्याण संभव है। उन्होंने कहा कि आज के समय में हर मनुष्य को सद्गुरु की शरण में रहना चाहिए और दीक्षा ग्रहण करनी चाहिए, जिससे घर, परिवार और समाज में सकारात्मक परिवर्तन आए।

वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि सत्संग केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि जीवन को सही दिशा देने का माध्यम है। यहां अच्छे विचार, संस्कार और अनुशासन की शिक्षा मिलती है, जो व्यक्ति को आत्मिक और सामाजिक रूप से मजबूत बनाती है।

कलयुग में सत्संग की प्रासंगिकता

सत्संग में यह भी कहा गया कि कलयुग में “केवल नाम अधारा” है। भगवान की पूजा, गुरु की आराधना और सत्संग के माध्यम से मनुष्य अपने जीवन को सार्थक बना सकता है। सत्संग के दौरान उपस्थित श्रद्धालुओं ने अनुभव साझा करते हुए कहा कि ऐसे आयोजनों से मन को शांति मिलती है और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।

आज के समय में जब समाज अनेक चुनौतियों से जूझ रहा है, तब सत्संग मानव को संयम, सहनशीलता और सेवा भाव की सीख देता है। यही कारण है कि इस प्रकार के धार्मिक और आध्यात्मिक आयोजनों की प्रासंगिकता लगातार बढ़ रही है।

प्रसाद और महाप्रसाद की व्यवस्था

कार्यक्रम के अंत में प्रसाद एवं महाप्रसाद की व्यवस्था की गई, जिसमें सभी श्रद्धालुओं ने श्रद्धा के साथ सहभागिता की। महाप्रसाद वितरण के दौरान सेवा और समर्पण की भावना स्पष्ट रूप से देखने को मिली। आयोजकों ने कहा कि सेवा ही सच्ची साधना है और यही गुरु का सच्चा संदेश भी है।

News dekho specials

गणमान्य गुरु भाई-बहनों की उपस्थिति

इस मासिक सत्संग में पलामू प्रमंडल के वरिष्ठ एसपीआर कुलदीप मिश्रा दादाजी सहित कई वरिष्ठ और सक्रिय गुरु भाई-बहनों की गरिमामयी उपस्थिति रही। कार्यक्रम में रघुवर प्रसाद कश्यप, दिलीप कश्यप, सियाराम पांडे, संत कुमार, शंभू पाल, शंकर जायसवाल, हरिद्वार प्रसाद केसरी, सुरेंद्र पाल, जितेंद्र यादव, रवि रंजन कुमार, सूर्य देव चंद्रवंशी, बृंदाराम, रानी देवी, सविता देवी, किरण कुमारी, ममता देवी, कांति देवी समेत बड़ी संख्या में गुरु भाई-बहन उपस्थित थे।

सभी उपस्थित श्रद्धालुओं ने एक स्वर में गुरु के बताए मार्ग पर चलने, सत्संग को जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाने और समाज में सकारात्मक संदेश फैलाने का संकल्प लिया।

आध्यात्मिक एकता का सशक्त संदेश

यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक बना, बल्कि सामाजिक एकता और अनुशासन का भी सशक्त संदेश देता नजर आया। विभिन्न वर्गों और आयु समूहों के लोगों की सहभागिता ने यह सिद्ध किया कि सत्संग आज भी समाज को जोड़ने वाली सबसे मजबूत कड़ी है।

न्यूज़ देखो: सत्संग से सशक्त होता समाज

गढ़वा में आयोजित यह मासिक सत्संग बताता है कि आध्यात्मिक आयोजनों से समाज में अनुशासन, सेवा और सकारात्मक सोच को मजबूती मिलती है। गुरु भक्ति और सत्संग के माध्यम से व्यक्ति अपने जीवन को संतुलित और सार्थक बना सकता है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

गुरु मार्ग पर चलें, समाज को जोड़ें

सत्संग केवल सुनने का नहीं, जीवन में उतारने का विषय है।
गुरु के बताए रास्ते पर चलकर ही सच्चा कल्याण संभव है।
इस प्रेरक आयोजन की जानकारी साझा करें, अपनी राय कमेंट में रखें और अधिक से अधिक लोगों को सत्संग से जोड़ने में सहयोग करें।

📥 Download E-Paper

यह खबर आपके लिए कितनी महत्वपूर्ण थी?

रेटिंग देने के लिए किसी एक स्टार पर क्लिक करें!

इस खबर की औसत रेटिंग: 0 / 5. कुल वोट: 0

अभी तक कोई वोट नहीं! इस खबर को रेट करने वाले पहले व्यक्ति बनें।

चूंकि आपने इस खबर को उपयोगी पाया...

हमें सोशल मीडिया पर फॉलो करें!



IMG-20250723-WA0070
IMG-20251223-WA0009

नीचे दिए बटन पर क्लिक करके हमें सोशल मीडिया पर फॉलो करें


Related News

Back to top button
🔔

Notification Preferences

error: