
#मेदिनीनगर #पलामू #सामाजिकसेवा : मकर संक्रांति पर वरदान चैरिटेबल ट्रस्ट ने पोखराहा कुष्ठ कॉलोनी में जरूरतमंदों को राहत सामग्री वितरित की।
मेदिनीनगर के पोखराहा स्थित कुष्ठ कॉलोनी में मकर संक्रांति के अवसर पर वरदान चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा दान और सेवा का विशेष अभियान चलाया गया। वर्षों से विकास से वंचित इस बस्ती में कंबल, गर्म कपड़े और पारंपरिक खाद्य सामग्री का वितरण किया गया। अभियान में डॉक्टरों और समाजसेवियों का सहयोग रहा, जिससे बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं के चेहरों पर मुस्कान लौटी। यह पहल दान, धर्म और मानवीय संवेदना के महत्व को रेखांकित करती है।
- वरदान चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा पोखराहा कुष्ठ कॉलोनी में सेवा अभियान।
- मकर संक्रांति पर कंबल, गर्म कपड़े और पारंपरिक खाद्य सामग्री का वितरण।
- डॉ. चांदनी आर. बाजपेई, डॉ. रंजन बाजपेई और डॉ. जफर हसन का सहयोग।
- लाभार्थियों में बच्चे, गर्भवती महिलाएं, दिव्यांग और बुजुर्ग शामिल।
- बच्चों को शिक्षा और स्वच्छता के प्रति जागरूक किया गया।
मकर संक्रांति को दान और पुण्य का पर्व माना जाता है, और इसी भावना को साकार करते हुए वरदान चैरिटेबल ट्रस्ट ने इस वर्ष सेवा का अनूठा उदाहरण प्रस्तुत किया। मेदिनीनगर के पोखराहा क्षेत्र में स्थित कुष्ठ कॉलोनी, जो आज भी बुनियादी विकास से दूर है, वहां ट्रस्ट की टीम ने पहुंचकर जरूरतमंदों के बीच राहत सामग्री वितरित की।
दान और धर्म का वास्तविक स्वरूप
इस अवसर पर ट्रस्ट के सदस्यों ने बताया कि मकर संक्रांति केवल पर्व नहीं, बल्कि जरूरतमंदों के जीवन में थोड़ी सी खुशियां जोड़ने का अवसर है। कॉलोनी में रहने वाले लोगों के लिए त्योहार का अर्थ अक्सर भरपेट भोजन और गर्म कपड़े तक सीमित रह जाता है। ऐसे में यह सेवा उनके लिए संबल बनी।
डॉक्टर दंपति और समाजसेवियों का सहयोग
इस सेवा अभियान में प्रयागराज के डॉक्टर दंपति डॉ. चांदनी आर. बाजपेई और डॉ. रंजन बाजपेई तथा हजारीबाग के डॉक्टर जफर हसन के सौजन्य से कंबल का वितरण किया गया। वहीं रानू सिन्हा और टीम वरदान की ओर से चूड़ा, तिलकुट, गुड़ लाई और गर्म कपड़े वितरित किए गए।
सभी सहयोगियों ने इसे सामाजिक दायित्व बताते हुए आगे भी ऐसे कार्यों में सहयोग जारी रखने की प्रतिबद्धता जताई।
बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को मिली राहत
इस अभियान से लाभ पाने वालों में छोटे बच्चे, गर्भवती महिलाएं, दिव्यांग, विधवा और बुजुर्ग महिलाएं शामिल रहीं। ठंड के मौसम में कंबल और गर्म कपड़े पाकर लोगों के चेहरों पर राहत साफ नजर आई। पारंपरिक खाद्य सामग्री ने पर्व की अनुभूति को और खास बना दिया।
शिक्षा और स्वच्छता का संदेश
टीम वरदान के सदस्यों ने बच्चों को नियमित स्कूल जाने और स्वच्छता बनाए रखने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि शिक्षा और साफ-सफाई ही भविष्य को बेहतर बना सकती है। बच्चों ने भी इस संदेश को ध्यान से सुना और आगे पालन करने का आश्वासन दिया।
स्थानीय सहयोग और सामूहिक प्रयास
इस अभियान में पोखराहा क्षेत्र की टीम मेंबर खुश्बू शर्मा का महत्वपूर्ण योगदान रहा। उनकी सक्रिय भागीदारी से वितरण व्यवस्था सुचारु रूप से संपन्न हो सकी। मौके पर विवेक वर्मा और सौभाग्य सृजन भी उपस्थित रहे।
संस्था की सचिव शर्मिला वर्मा ने सभी दानदाताओं, डॉक्टरों और टीम के सदस्यों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सामूहिक प्रयास से ही समाज में सकारात्मक बदलाव संभव है।
कुष्ठ कॉलोनी में लौटी त्योहार की रौनक
सेवा अभियान के बाद कुष्ठ बस्ती में त्योहार की रौनक देखने को मिली। जिन चेहरों पर आम दिनों में उदासी रहती है, वहां इस दिन मुस्कान और संतोष झलकता दिखा। लोगों ने सभी सहयोगियों और टीम वरदान का दिल से धन्यवाद किया।



न्यूज़ देखो: दान से दिखी इंसानियत की सच्ची तस्वीर
पोखराहा कुष्ठ कॉलोनी में किया गया यह सेवा कार्य बताता है कि दान और धर्म केवल परंपरा नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी है। जब संस्थाएं और समाजसेवी मिलकर आगे आते हैं, तो सबसे उपेक्षित वर्ग तक भी खुशियां पहुंचती हैं। ऐसे प्रयास विकास की मुख्यधारा से दूर समुदायों के लिए आशा की किरण बनते हैं। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
दान से बढ़ती संवेदना, सेवा से मजबूत समाज
त्योहार तभी सार्थक होते हैं, जब वे सभी तक खुशियां पहुंचाएं।
वरदान चैरिटेबल ट्रस्ट का यह प्रयास मानवीय मूल्यों को मजबूत करता है।
समाज का हर सक्षम व्यक्ति यदि थोड़ा योगदान दे, तो बदलाव संभव है।
आप भी जरूरतमंदों की मदद के लिए आगे आएं और सेवा का संकल्प लें।
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