
#बरवाडीह #वनभोज_कार्यक्रम : प्राकृतिक पहाड़ी स्थल पर अभिभावकों ने मिलकर नव वर्ष का स्वागत किया।
बरवाडीह प्रखंड के गढ़वाटांड़ में नव वर्ष 2026 के पहले रविवार को अभिभावकों द्वारा सामूहिक वन भोज कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम एक सुंदर पहाड़ी स्थल पर संपन्न हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए। आयोजन का उद्देश्य सामाजिक सौहार्द, आपसी भाईचारा और सामूहिकता को मजबूत करना रहा। इस अवसर पर समाजसेवी राजदीप कुमार उर्फ रिक्की की उपस्थिति ने कार्यक्रम को विशेष बनाया।
- गढ़वाटांड़ में नव वर्ष 2026 के पहले रविवार को वन भोज आयोजन।
- बरवाडीह प्रखंड के पहाड़ी प्राकृतिक स्थल पर कार्यक्रम संपन्न।
- समाजसेवी राजदीप कुमार उर्फ रिक्की रहे विशेष रूप से उपस्थित।
- आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में अभिभावक और ग्रामीण शामिल।
- सामाजिक एकता, भाईचारे और मेल-जोल का दिया गया संदेश।
नव वर्ष 2026 के शुभ अवसर पर गढ़वाटांड़ गांव में अभिभावकों की पहल से आयोजित यह वन भोज कार्यक्रम पूरे क्षेत्र के लिए एक सकारात्मक उदाहरण बनकर सामने आया। वर्ष के पहले रविवार को आयोजित इस सामूहिक आयोजन ने न केवल नव वर्ष के उत्साह को बढ़ाया, बल्कि समाज में आपसी मेल-जोल और भाईचारे की भावना को भी मजबूत किया। पहाड़ी क्षेत्र के मनोरम वातावरण में लोगों ने एक-दूसरे के साथ समय बिताकर नव वर्ष का स्वागत किया।
प्राकृतिक वातावरण में हुआ आयोजन
यह वन भोज कार्यक्रम बरवाडीह प्रखंड के एक सुंदर और शांत पहाड़ी स्थल पर आयोजित किया गया। चारों ओर हरियाली, स्वच्छ हवा और प्राकृतिक सौंदर्य ने कार्यक्रम को खास बना दिया। ग्रामीणों ने बताया कि ऐसे प्राकृतिक वातावरण में सामूहिक आयोजन से मानसिक शांति मिलती है और आपसी रिश्ते और मजबूत होते हैं। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी ने इस वातावरण का भरपूर आनंद लिया।
समाजसेवी राजदीप कुमार उर्फ रिक्की की रही उपस्थिति
कार्यक्रम में शुभ आरसीसी बाउंड्री वॉल के डायरेक्टर सह समाजसेवी राजदीप कुमार उर्फ रिक्की की गरिमामयी उपस्थिति रही। उन्होंने अभिभावकों और ग्रामीणों के साथ समय बिताया और इस पहल की सराहना की।
राजदीप कुमार उर्फ रिक्की ने कहा: “इस तरह के सामूहिक आयोजन समाज को जोड़ने का कार्य करते हैं। इससे नई पीढ़ी को आपसी सहयोग, अनुशासन और सामूहिकता की भावना सीखने का अवसर मिलता है।”
उन्होंने आगे कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में इस प्रकार के कार्यक्रम सामाजिक एकता को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाते हैं और इन्हें लगातार आयोजित किया जाना चाहिए।
अभिभावकों और ग्रामीणों की सक्रिय सहभागिता
वन भोज कार्यक्रम में गढ़वाटांड़ के साथ-साथ आसपास के गांवों से भी बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। कार्यक्रम को सफल बनाने में अनिल, मना, लोकनाथ राम, राजू, सुनील सिंह, बुलू, कृष्ण यादव, बैद्यनाथ राम, संतोष, जंग बहादुर, रवीन्द्र राम, शैलेंद्र, छोटू सहित कई अन्य ग्रामीणों की सक्रिय भूमिका रही। सभी ने मिलकर भोजन तैयार किया, व्यवस्था संभाली और कार्यक्रम को सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न कराया।
सामूहिक भोजन और आपसी संवाद
कार्यक्रम के दौरान सभी ने मिलकर सामूहिक भोजन का आनंद लिया। भोजन के साथ-साथ लोगों के बीच आपसी बातचीत, हंसी-मजाक और नव वर्ष की शुभकामनाओं का आदान-प्रदान हुआ। अभिभावकों ने बताया कि इस तरह के आयोजन बच्चों और युवाओं को सामाजिक संस्कार सिखाने का बेहतर माध्यम होते हैं, जहां वे सामूहिकता और सहयोग का महत्व समझते हैं।
सामाजिक सौहार्द का संदेश
गढ़वाटांड़ में आयोजित यह वन भोज कार्यक्रम केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसका उद्देश्य समाज में आपसी सौहार्द और भाईचारे को बढ़ावा देना भी था। अभिभावकों ने कहा कि आज के समय में जब लोग व्यस्त जीवनशैली के कारण एक-दूसरे से दूर होते जा रहे हैं, ऐसे आयोजन समाज को जोड़ने का काम करते हैं।
हर वर्ष आयोजन का लिया गया संकल्प
कार्यक्रम में मौजूद अभिभावकों ने यह भी निर्णय लिया कि इस तरह का वन भोज कार्यक्रम हर वर्ष आयोजित किया जाएगा। उनका मानना है कि नियमित रूप से होने वाले ऐसे आयोजन समाज में सकारात्मक ऊर्जा बनाए रखते हैं और नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति और सामूहिक परंपराओं से जोड़ते हैं।
ग्रामीण समाज के लिए प्रेरणादायी पहल
गढ़वाटांड़ का यह आयोजन आसपास के अन्य गांवों के लिए भी प्रेरणा बनकर उभरा है। ग्रामीणों का कहना है कि कम संसाधनों में भी यदि सामूहिक सोच और सहयोग हो, तो ऐसे सफल आयोजन किए जा सकते हैं। इससे समाज में सकारात्मक सोच और आपसी विश्वास बढ़ता है।
न्यूज़ देखो: ग्रामीण समाज में सामूहिक आयोजनों की अहम भूमिका
गढ़वाटांड़ का यह वन भोज कार्यक्रम यह दर्शाता है कि ग्रामीण समाज में सामूहिक आयोजन सामाजिक एकता की मजबूत नींव रखते हैं। अभिभावकों की यह पहल नई पीढ़ी को जोड़ने और सामाजिक मूल्यों को सहेजने की दिशा में महत्वपूर्ण है। ऐसे आयोजन प्रशासन और समाज दोनों के लिए प्रेरणा हैं। आने वाले समय में यदि ऐसे प्रयास बढ़ें, तो सामाजिक सौहार्द और मजबूत होगा। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
मिलकर मनाएं, मिलकर आगे बढ़ें
यह वन भोज कार्यक्रम सिर्फ नव वर्ष मनाने का माध्यम नहीं, बल्कि समाज को जोड़ने की एक मिसाल है। ऐसे आयोजनों से ही मजबूत और जागरूक समाज का निर्माण होता है।
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