
#कोलेबिरा #उर्स_कव्वाली : दूसरे दिन अधिकारियों ने मजार पर चादर चढ़ाई।
कोलेबिरा प्रखंड के थाना परिसर में आयोजित तीन दिवसीय उर्स कव्वाली कार्यक्रम के दूसरे दिन चादरपोशी की रस्म अदा की गई। प्रखंड विकास पदाधिकारी वीरेंद्र किंडो सहित अन्य अधिकारियों ने अंजान शाह पीर बाबा की मजार पर सामूहिक चादर चढ़ाई। सभी ने प्रखंड और जिले में अमन-शांति की कामना की। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।
- दूसरे दिन मजार पर हुई सामूहिक चादरपोशी।
- बीडीओ वीरेंद्र किंडो ने की अगुवाई।
- आपूर्ति पदाधिकारी आदित्य उरांव और श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी कवि रंजन प्रसाद रहे मौजूद।
- प्रखंड और जिले में अमन-शांति की कामना।
- थाना परिसर में चल रहा है तीन दिवसीय उर्स कव्वाली कार्यक्रम।
कोलेबिरा प्रखंड के थाना परिसर में आयोजित तीन दिवसीय उर्स कव्वाली कार्यक्रम के तहत दूसरे दिन का आयोजन श्रद्धा और भक्ति भाव के साथ संपन्न हुआ। परंपरा के अनुसार बाबा की मजार पर चादरपोशी की रस्म अदा की गई। इस अवसर पर प्रखंड के विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे और सामूहिक रूप से चादर चढ़ाकर क्षेत्र की सुख-शांति की दुआ मांगी।
दूसरे दिन चादरपोशी का विशेष महत्व
उर्स के दूसरे दिन चादरपोशी का विशेष महत्व माना जाता है। इस दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु और गणमान्य लोग मजार पर पहुंचकर चादर अर्पित करते हैं। कोलेबिरा थाना परिसर में स्थित बाबा की मजार पर भी सुबह से ही श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी रही।
दूसरे दिन की इस रस्म में प्रशासनिक अधिकारियों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली। इससे आयोजन की गरिमा और बढ़ी तथा श्रद्धालुओं में सकारात्मक संदेश गया।
अधिकारियों की सामूहिक भागीदारी
इस अवसर पर प्रखंड विकास पदाधिकारी वीरेंद्र किंडो, प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी आदित्य उरांव एवं श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी कवि रंजन प्रसाद ने सामूहिक रूप से बाबा की मजार पर चादर चढ़ाई। तीनों अधिकारियों ने क्षेत्र में शांति, भाईचारा और विकास की कामना की।
मजार पर पहुंचकर उन्होंने विधिवत तरीके से चादर अर्पित की और प्रखंड तथा जिले में अमन-चैन कायम रहने की दुआ मांगी। अधिकारियों की इस भागीदारी को स्थानीय लोगों ने सराहा।
उर्स कव्वाली कार्यक्रम में उमड़ी भीड़
तीन दिवसीय उर्स कव्वाली कार्यक्रम के दौरान थाना परिसर में धार्मिक और सांस्कृतिक माहौल बना हुआ है। कव्वाली कार्यक्रम के माध्यम से श्रद्धालुओं में आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार हो रहा है। दूर-दराज क्षेत्रों से आए लोग मजार पर पहुंचकर बाबा से अपनी मनोकामनाएं मांग रहे हैं।
कार्यक्रम स्थल पर व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन द्वारा आवश्यक कदम उठाए गए हैं। श्रद्धालुओं के लिए मूलभूत सुविधाओं की व्यवस्था की गई है, ताकि आयोजन शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो सके।
सामाजिक सद्भाव का संदेश
उर्स केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सामाजिक एकता और भाईचारे का प्रतीक भी है। थाना परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम में विभिन्न समुदायों के लोग एक साथ शामिल हो रहे हैं। इससे सामाजिक समरसता का संदेश प्रसारित हो रहा है।
स्थानीय लोगों का मानना है कि ऐसे आयोजन समाज में सकारात्मक वातावरण तैयार करते हैं और आपसी सहयोग की भावना को मजबूत करते हैं।
न्यूज़ देखो: प्रशासन की भागीदारी से बढ़ा आयोजन का महत्व
कोलेबिरा में आयोजित उर्स के दूसरे दिन प्रशासनिक अधिकारियों की उपस्थिति यह दर्शाती है कि धार्मिक आयोजनों को सामाजिक सौहार्द के मंच के रूप में देखा जा रहा है। जब अधिकारी स्वयं आगे बढ़कर भागीदारी निभाते हैं, तो जनता में विश्वास बढ़ता है। यह आयोजन क्षेत्र में शांति और समरसता का संदेश दे रहा है। आने वाले दिनों में भी ऐसे आयोजनों की गरिमा बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
आस्था के साथ सामाजिक जिम्मेदारी निभाएं
धार्मिक आयोजन तभी सफल माने जाते हैं जब वे समाज को जोड़ने का कार्य करें।
उर्स का यह कार्यक्रम हमें आपसी सम्मान और सहयोग की सीख देता है।
अपने प्रखंड और जिले में शांति बनाए रखने के लिए हर नागरिक की भूमिका महत्वपूर्ण है।






