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गढ़वा में मानव तस्करी, बाल मजदूरी और बाल विवाह के खिलाफ एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन

#गढ़वा #जागरूकता : प्रवासी श्रमिकों की सुरक्षा और बाल अधिकारों की रक्षा पर विशेष पहल
  • डालसा और जन साहस के संयुक्त तत्वावधान में कार्यशाला का आयोजन।
  • मानव तस्करी, बाल मजदूरी और बाल विवाह रोकने पर हुई विस्तृत चर्चा।
  • कार्यक्रम में विभागीय समन्वय और कानूनी उपायों पर जोर दिया गया।
  • प्रमुख वक्ताओं में डालसा सचिव निभा रंजन लकड़ा और श्रम अधीक्षक संजय आनंद शामिल।
  • जन साहस ने जिले की रिपोर्ट और हेल्पलाइन (18002000211) की जानकारी साझा की।

गढ़वा में समाज के कमजोर और वंचित वर्गों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और प्रवासी श्रमिकों को सुरक्षित वातावरण प्रदान करने के उद्देश्य से एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डालसा), गढ़वा और जन साहस (JAN SAHAS) के संयुक्त तत्वावधान में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सेमिनार हॉल में संपन्न हुआ।

इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य मानव तस्करी, बाल मजदूरी और बाल विवाह जैसी सामाजिक बुराइयों के खिलाफ जागरूकता बढ़ाना और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करना रहा। प्रवासी श्रमिकों की सुरक्षा को विशेष महत्व दिया गया क्योंकि पलायन के दौरान महिलाएं और बच्चे सबसे ज्यादा शोषण के शिकार बनते हैं।

विभागों के समन्वय से रोकथाम की रणनीति

कार्यशाला में विस्तार से बताया गया कि कैसे शिक्षा विभाग, श्रम विभाग, समाज कल्याण विभाग, पुलिस प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग एक साथ मिलकर इन समस्याओं से निपटने के प्रयास कर रहे हैं। रोकथाम, मुक्ति और पुनर्वास की योजनाओं पर चर्चा हुई और यह रेखांकित किया गया कि स्थानीय स्तर पर संरक्षण तंत्र को और मजबूत बनाने की जरूरत है।

प्रमुख वक्ताओं ने दिए सुझाव

कार्यक्रम में डालसा की सचिव सुश्री निभा रंजन लकड़ा, श्रम अधीक्षक संजय आनंद और अन्य अधिकारियों ने भाग लिया। उन्होंने प्रवासी श्रमिकों और बच्चों के अधिकारों की सुरक्षा के लिए कानूनी और प्रशासनिक उपायों की जानकारी दी।

सुश्री निभा रंजन लकड़ा ने कहा: “हमें समाज के कमजोर वर्गों तक कानूनी मदद और जागरूकता पहुंचानी होगी ताकि कोई भी बाल श्रम, बाल विवाह या मानव तस्करी का शिकार न बने।”

जन साहस की रिपोर्ट और हेल्पलाइन की जानकारी

जन साहस द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट में यह बताया गया कि गढ़वा जिले के विभिन्न प्रखंडों में कितने प्रवासी परिवारों का पंजीकरण किया गया है और कितने लोगों को सहायता पहुंचाई गई है। साथ ही हेल्पलाइन नंबर 18002000211 और रेस्क्यू टीमों के माध्यम से अब तक किए गए मामलों की जानकारी भी साझा की गई।

सामूहिक प्रयास से ही संभव बदलाव

कार्यशाला में सामाजिक कार्यकर्ताओं, विधिक विशेषज्ञों और विभागीय प्रतिनिधियों ने मिलकर यह संकल्प लिया कि जिले में बाल अधिकारों की रक्षा, मानव तस्करी की रोकथाम और प्रवासी श्रमिकों की सुरक्षा के लिए हर स्तर पर कार्रवाई की जाएगी।

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न्यूज़ देखो: समाज के कमजोर वर्गों के लिए बड़ी पहल

गढ़वा में आयोजित यह कार्यशाला दिखाती है कि प्रशासन और सामाजिक संगठनों का मिलाजुला प्रयास ही मानवाधिकारों की रक्षा कर सकता है। प्रवासी श्रमिकों और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ऐसे कदम लगातार उठाए जाने चाहिए। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

अब समय है जिम्मेदारी निभाने का

मानव तस्करी और बाल विवाह जैसी बुराइयों को खत्म करने के लिए जागरूकता और कानून का पालन सबसे जरूरी है। आइए हम सब मिलकर इन बुराइयों के खिलाफ आवाज उठाएं। अपनी राय कॉमेंट करें और इस खबर को ज्यादा से ज्यादा शेयर करें ताकि बदलाव की शुरुआत हर घर से हो।

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