
#रांची #विधानसभा_प्रदर्शन : छात्रवृत्ति भुगतान में देरी और किसानों की धान क्रय समस्या पर विपक्ष का सरकार से त्वरित समाधान की मांग
- झारखंड विधानसभा परिसर में विपक्षी दलों का जोरदार धरना-प्रदर्शन आयोजित हुआ।
- बगोदर विधायक नागेंद्र महतो ने छात्रवृत्ति भुगतान और धान क्रय में देरी पर सरकार को घेरा।
- प्रदर्शनकारियों ने छात्रों की बकाया छात्रवृत्ति जल्द जारी करने की मांग उठाई।
- किसानों से एमएसपी पर धान क्रय सुनिश्चित करने के लिए सरकार पर दबाव बनाया गया।
- विपक्ष ने चेतावनी दी कि समस्याओं के समाधान में देरी हुई तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
झारखंड विधानसभा परिसर में सोमवार को विपक्षी दलों द्वारा छात्रवृत्ति भुगतान में हो रही देरी और किसानों से एमएसपी पर धान क्रय नहीं होने के मुद्दे को लेकर एक बड़े पैमाने पर धरना-प्रदर्शन किया गया। इस प्रदर्शन में बगोदर विधायक नागेंद्र महतो भी शामिल हुए। प्रदर्शनकारी विपक्षी विधायकों ने सरकार को आड़े हाथों लेते हुए छात्रों और किसानों से जुड़े इन महत्वपूर्ण मुद्दों पर त्वरित कार्रवाई की मांग की। विधायक नागेंद्र महतो ने बताया कि छात्रवृत्ति भुगतान की देरी से हजारों छात्र प्रभावित हो रहे हैं, वहीं किसान अपनी पैदावार बेचने को लेकर परेशान हैं। इसी वजह से विपक्ष ने विधानसभा परिसर में सरकार के खिलाफ एकजुट होकर आवाज बुलंद की।
विपक्ष का आरोप सरकार की संवेदनहीनता उजागर
विपक्षी विधायकों का कहना है कि राज्य की वर्तमान सरकार शिक्षा और कृषि—दोनों मोर्चों पर लगातार विफल होती जा रही है। छात्रवृत्ति भुगतान महीनों से लंबित है, जिससे विशेष रूप से आर्थिक रूप से कमजोर तबके के विद्यार्थी पढ़ाई के संकट में फंस गए हैं। किसान भी धान बेचने के लिए परेशान हैं, क्योंकि एमएसपी पर क्रय व्यवस्था जमीन पर दिखाई नहीं देती।
विधायक नागेंद्र महतो की स्पष्ट मांग
धरना-प्रदर्शन के दौरान विधायक नागेंद्र महतो ने कहा:
नागेंद्र महतो ने कहा: “हम सरकार से मांग करते हैं कि छात्रों की बकाया छात्रवृत्ति तुरंत जारी की जाए और किसानों से एमएसपी पर धान क्रय सुनिश्चित किया जाए। देरी से केवल जनता को नुकसान हो रहा है।”
उन्होंने यह भी कहा कि विपक्ष छात्रों और किसानों की आवाज को मजबूती से उठाता रहेगा और जनहित के मुद्दों पर किसी भी तरह का समझौता नहीं करेगा।
छात्र और किसान दोनों मोर्चों पर बढ़ रही परेशानी
धरने में मौजूद प्रतिनिधियों ने बताया कि छात्रवृत्ति भुगतान में देरी के कारण कई छात्र अपनी पढ़ाई छोड़ने को मजबूर हो रहे हैं या आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। वहीं किसानों ने बताया कि मंडियों में सरकारी क्रय केंद्र या तो बंद हैं या धीमी गति से काम कर रहे हैं, जिसके कारण किसान औने-पौने दाम में अपनी फसल बेचने को विवश हैं।
विपक्ष का भविष्य का कार्यक्रम
विपक्षी दलों ने कहा कि अगर सरकार आने वाले दिनों में इन दोनों मुद्दों पर कोई ठोस कदम नहीं उठाती है, तो बड़े स्तर पर उग्र आंदोलन की शुरुआत की जाएगी। यह भी संकेत दिया गया कि आने वाले विधानसभा सत्र में विपक्ष इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाएगा।

न्यूज़ देखो: जनता से जुड़े मुद्दों की अनदेखी पर बड़ा सवाल
यह पूरा प्रकरण बताता है कि शिक्षा और कृषि जैसे बुनियादी क्षेत्रों में समस्याएँ लगातार गहराती जा रही हैं। सरकार के दावों के बावजूद जमीन पर इंतज़ाम कमजोर दिखते हैं, जिससे छात्रों और किसानों को सीधा नुकसान उठाना पड़ रहा है। विपक्ष का यह विरोध जनता की आवाज़ को सामने लाने का प्रयास है जिसे गंभीरता से लिया जाना चाहिए। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
संगठित जनआवाज़ से ही बदलेंगे हालात
जब जनता के मूल अधिकारों पर असर डालने वाली समस्याएँ बढ़ती हैं, तब सजग नागरिकों की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है। छात्रों और किसानों की आवाज़ को मजबूती तब मिलती है जब समाज एकजुट होकर उनके मुद्दों को सामने रखता है। ऐसे समय में यह आवश्यक है कि हर नागरिक अपने स्तर पर व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने की पहल करे और लोकतांत्रिक जिम्मेदारियों को निभाए।
अगर आपके क्षेत्र में भी छात्रवृत्ति, धान क्रय या किसी जनसेवा से जुड़ी समस्या है, तो अपनी बात बेझिझक कमेंट में लिखें। इस खबर को अधिक से अधिक साझा करें ताकि जिम्मेदार विभागों तक जनता की आवाज़ पहुंचे और संवाद मजबूत हो सके।







