
#जमशेदपुर #पूर्वसैनिकसम्मेलन : संगठनात्मक एकता, पारिवारिक सहभागिता और राष्ट्रभाव से ओतप्रोत आयोजन।
अखिल भारतीय पूर्व सैनिक सेवा परिषद जमशेदपुर द्वारा वार्षिक वनभोज सह पारिवारिक मिलन समारोह का आयोजन एटमॉस्फेयर रिजॉर्ट पिकनिक स्पॉट में हर्षोल्लास के साथ किया गया। कार्यक्रम में लगभग 375 पूर्व सैनिक, सैन्य मातृशक्ति और उनके परिजन शामिल हुए। आयोजन का उद्देश्य पारिवारिक समन्वय, आपसी परिचय और संगठनात्मक मजबूती को बढ़ावा देना रहा। खेलकूद, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और स्वच्छता अभियान के माध्यम से यह कार्यक्रम सामाजिक और राष्ट्रहित के संदेश के साथ संपन्न हुआ।
- अखिल भारतीय पूर्व सैनिक सेवा परिषद जमशेदपुर का वार्षिक वनभोज सह पारिवारिक मिलन।
- एटमॉस्फेयर रिजॉर्ट में करीब 375 पूर्व सैनिक व परिजन हुए शामिल।
- बच्चों, महिलाओं व पूर्व सैनिकों के लिए खेलकूद व सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित।
- नए सदस्यों का स्वागत और उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मान।
- वनभोज के बाद स्वच्छता अभियान चलाकर दिया सामाजिक संदेश।
जमशेदपुर में आयोजित अखिल भारतीय पूर्व सैनिक सेवा परिषद का यह वार्षिक वनभोज सह पारिवारिक मिलन समारोह केवल एक मनोरंजन कार्यक्रम नहीं, बल्कि संगठन की सामाजिक, सांस्कृतिक और राष्ट्रवादी सोच का सशक्त उदाहरण बना। प्राकृतिक वातावरण के बीच आयोजित इस कार्यक्रम में पूर्व सैनिकों, सैन्य मातृशक्ति और बच्चों की सक्रिय भागीदारी ने इसे यादगार बना दिया। आयोजन के दौरान पारिवारिक मेल-जोल, संगठनात्मक संवाद और सामाजिक जिम्मेदारी के भाव स्पष्ट रूप से देखने को मिले।
संगठनात्मक एकता और सामाजिक उद्देश्य
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य संगठन के सदस्यों के बीच आपसी परिचय, सहयोग और एकजुटता को मजबूत करना रहा। अखिल भारतीय पूर्व सैनिक सेवा परिषद जमशेदपुर के महामंत्री जितेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि परिषद हर वर्ष इस तरह के आयोजन के माध्यम से अपने सदस्यों और उनके परिवारों को जोड़ने का कार्य करती है। उन्होंने बताया कि यह कार्यक्रम सामाजिक जागरूकता, आपसी मेलभाव और स्वच्छ भारत अभियान के प्रति समर्पित रहा।
वहीं अखिल भारतीय पूर्व सैनिक सेवा परिषद जमशेदपुर के महामंत्री सिद्धनाथ सिंह ने कहा:
“राष्ट्र, समाज और सैनिकों के हित में किए गए परिषद के कार्यों से संगठन लगातार मजबूत हो रहा है। यह वनभोज उसी सामूहिक भावना का प्रतीक है।”
खेलकूद और मनोरंजन से भरा दिन
कार्यक्रम के दौरान पूर्व सैनिकों, महिलाओं और बच्चों के लिए अनेक खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। इनमें इन-आउट, जलेबी रेस, रिले रेस, बैलून रेस, म्यूजिकल चेयर और तंबोला जैसे खेल शामिल रहे। खेल विभाग का संचालन पेटी ऑफिसर कुंदन कुमार सिंह और जयप्रकाश ने किया।
तंबोला का संचालन पी शंकर, दीपक शर्मा और सार्जेंट उमेश ने किया, जिसने उपस्थित लोगों का विशेष आकर्षण खींचा। खेलों के विजेताओं को मुख्य अतिथियों द्वारा प्रथम, द्वितीय और तृतीय पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया गया।
प्रमुख पुरस्कार विजेता
- म्यूज़िकल चेयर (लेडीज़): संगीता, पत्नी अमोद कुमार।
- म्यूज़िकल चेयर (चिल्ड्रन): कृषिव सिंह, पुत्र कुंदन सिंह।
- इन/आउट (12 वर्ष से कम): अनुराग वर्मा, पुत्र केके वर्मा।
- इन/आउट (12 वर्ष से अधिक): वैष्णवी, पुत्री पंकज महतो।
- लेमन स्पून रेस: अनुराग वर्मा, पुत्र केके वर्मा।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बांधा समां
कार्यक्रम में बच्चों द्वारा नृत्य, देशभक्ति कविता और गीतों की प्रस्तुति दी गई। संगठन गीत योगेश कुमार सिंह ने गाया। इन प्रस्तुतियों ने पूरे वातावरण को देशभक्ति और उल्लास से भर दिया। अंत में सभी पूर्व सैनिकों ने देशभक्ति गीतों पर झूमते हुए कार्यक्रम का समापन किया।
नए सदस्यों का स्वागत और सम्मान
परिचय सत्र के दौरान नेवी उपेंद्र प्रसाद चौरसिया, मिथिलेश कुमार सिंह और हरेंद्र कुमार सिंह को नए सदस्य के रूप में संगठन में शामिल किया गया। उनका स्वागत महामंत्री जितेंद्र कुमार सिंह और सत्येंद्र कुमार सिंह द्वारा किया गया। इसके साथ ही आयोजन को सफल बनाने में भूमिका निभाने वाले कार्यकर्ताओं को आपसी सम्मान भी दिया गया।
स्वच्छता अभियान से दिया अनुशासन का संदेश
वनभोज के समापन के बाद सभी पूर्व सैनिकों ने सैन्य अनुशासन का परिचय देते हुए स्वच्छता अभियान चलाया। कार्यक्रम स्थल की सफाई कर यह संदेश दिया गया कि समाज और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी निभाना हम सभी का कर्तव्य है।
प्रमुख रूप से उपस्थित सदस्य
पूर्व सैनिक
सत्येंद्र कुमार सिंह, रनेश सरण, अवधेश कुमार, संतोष कुमार सिंह, उमेश सिंह, बिरजू, पंकज शर्मा, अमरिंदर शर्मा, राजेश, विजय, सत्य प्रकाश, दीपक शर्मा, सुखविंदर सिंह, अमोद कुमार, विश्वजीत कुमार, संजय सिंह सहित अन्य।
सैन्य मातृशक्ति
नीता, पूनम, पूजा, रीना, भावना, मृदुला, रेखा, रिंकी, कल्याणी, कंचन, पिंकी, संगीता, सविंदर, शालिनी, आभा सहित अन्य उपस्थित रहीं।

न्यूज़ देखो: अनुशासन, एकता और सामाजिक जिम्मेदारी का उदाहरण
यह आयोजन दिखाता है कि पूर्व सैनिक न केवल राष्ट्र की रक्षा में अग्रणी रहे हैं, बल्कि समाज निर्माण में भी उनकी भूमिका अहम है। पारिवारिक सहभागिता, खेल, संस्कृति और स्वच्छता जैसे तत्वों के माध्यम से परिषद ने अनुशासन और जिम्मेदारी का संदेश दिया। ऐसे आयोजन समाज के लिए प्रेरणास्रोत बनते हैं। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
एकजुटता से समाज मजबूत, पूर्व सैनिकों से सीखें जिम्मेदारी
पूर्व सैनिकों का यह आयोजन हमें सिखाता है कि आनंद और जिम्मेदारी साथ-साथ चल सकते हैं। सामाजिक मेलजोल, स्वच्छता और राष्ट्रभाव को अपनाकर हम भी अपने समाज को बेहतर बना सकते हैं।
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