
#जारी #मनरेगा_दिवस : पाँच पंचायतों में विशेष शिविर लगाकर श्रमिकों को रोजगार व योजनाओं से जोड़ा गया।
अल्बर्ट एक्का प्रखंड में ‘मनरेगा का विश्वास, रोजगार से विकास’ अभियान के तहत मनरेगा दिवस का आयोजन उत्साहपूर्वक किया गया। इस दौरान प्रखंड की सभी पाँच पंचायतों में विशेष शिविर लगाकर ग्रामीणों को मनरेगा से जुड़ी योजनाओं और रोजगार के अवसरों की जानकारी दी गई। कार्यक्रम में उत्कृष्ट कार्य करने वाले श्रमिकों को सम्मानित किया गया और बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने आवेदन देकर योजना से जुड़ने में रुचि दिखाई। आयोजन का उद्देश्य ग्रामीणों को गांव में ही सम्मानजनक रोजगार उपलब्ध कराना और विकास को गति देना रहा।
- अल्बर्ट एक्का प्रखंड में मनरेगा दिवस का आयोजन।
- पाँचों पंचायतों में लगे विशेष जागरूकता शिविर।
- उत्कृष्ट कार्य के लिए 24 श्रमिक सम्मानित।
- 259 ग्रामीणों की सक्रिय सहभागिता।
- 34 नए जॉब कार्ड का वितरण और 78 का केवाईसी।
अल्बर्ट एक्का प्रखंड अंतर्गत ‘मनरेगा का विश्वास, रोजगार से विकास’ अभियान के तहत आयोजित मनरेगा दिवस ने ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और विकास को लेकर नई ऊर्जा भरने का कार्य किया। इस अवसर पर प्रखंड की सभी पाँच पंचायतों में पंचायत भवनों में विशेष शिविरों का आयोजन कर ग्रामीणों को मनरेगा की विभिन्न योजनाओं, प्रक्रियाओं और लाभों से अवगत कराया गया।
अभियान का उद्देश्य और रूपरेखा
प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारी आजाद कुमार ने कार्यक्रम की जानकारी देते हुए बताया कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य ग्रामीणों को अपने ही गांव में सम्मानजनक और सतत रोजगार उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि मनरेगा केवल मजदूरी तक सीमित योजना नहीं है, बल्कि इसके माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में स्थायी परिसंपत्तियों का निर्माण कर विकास को गति दी जा रही है।
उन्होंने बताया कि अभियान के दौरान ग्रामीणों को यह भी समझाया गया कि किस प्रकार समय पर आवेदन देकर वे रोजगार प्राप्त कर सकते हैं और योजनाओं का अधिकतम लाभ उठा सकते हैं।
श्रमिकों का सम्मान, बढ़ा मनोबल
मनरेगा दिवस के अवसर पर उत्कृष्ट कार्य करने वाले 24 श्रमिकों को सम्मानित किया गया। यह सम्मान न केवल उनके श्रम का सम्मान था, बल्कि अन्य श्रमिकों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बना। सम्मान पाकर श्रमिकों के चेहरे पर आत्मविश्वास और गर्व साफ झलक रहा था।
आंकड़ों में मनरेगा दिवस
कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने सक्रिय भागीदारी की।
प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारी द्वारा साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार:
- कुल 259 ग्रामीणों ने कार्यक्रम में हिस्सा लिया।
- 158 लोगों ने मनरेगा के तहत काम के लिए आवेदन जमा किया।
- 34 नए जॉब कार्ड का वितरण किया गया, जिससे नए परिवार योजना से जुड़े।
- जॉब कार्ड अपडेट करने के लिए 78 लोगों का केवाईसी किया गया।
- मनरेगा के अंतर्गत संचालित विभिन्न योजनाओं के लिए 131 ग्रामीणों ने आवेदन दिए।
पंचायत स्तर पर व्यापक सहभागिता
यह कार्यक्रम प्रखंड की सभी पाँच पंचायतों में एक साथ आयोजित किया गया। प्रत्येक पंचायत भवन में लगे शिविरों में मुखिया, रोजगार सेवक और पंचायत कर्मी मुख्य रूप से उपस्थित रहे। अधिकारियों और कर्मियों ने ग्रामीणों को मनरेगा से जुड़ी प्रक्रियाओं को सरल भाषा में समझाया और उनके सवालों का समाधान किया।
विकास का माध्यम बनता मनरेगा
कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों ने ग्रामीणों को बताया कि मनरेगा केवल रोजगार देने की योजना नहीं है, बल्कि इसके माध्यम से:
- ग्रामीण सड़कों का निर्माण,
- जल संरक्षण,
- तालाब, कुआं और अन्य परिसंपत्तियों का निर्माण,
- और गांव के समग्र विकास को गति दी जा रही है।
इससे न केवल रोजगार सृजन हो रहा है, बल्कि गांव की आधारभूत संरचना भी मजबूत हो रही है।
न्यूज़ देखो: मनरेगा से गांव में भरोसा और विकास
अल्बर्ट एक्का प्रखंड में मनरेगा दिवस का आयोजन यह दर्शाता है कि यदि योजनाओं का सही क्रियान्वयन हो, तो ग्रामीणों का भरोसा प्रशासन पर बढ़ता है। श्रमिकों का सम्मान और नए जॉब कार्ड का वितरण रोजगार के अधिकार को मजबूती देता है। अब चुनौती यह है कि इन आवेदनों को समय पर काम में बदला जाए, ताकि ‘रोजगार से विकास’ का उद्देश्य धरातल पर पूरी तरह साकार हो सके। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
सम्मान से संकल्प तक
जब श्रमिक का सम्मान होता है, तब विकास की नींव मजबूत होती है।
मनरेगा जैसे कार्यक्रम ग्रामीण आत्मनिर्भरता की दिशा में अहम कदम हैं।
इस सकारात्मक पहल पर अपनी राय साझा करें, खबर को आगे बढ़ाएं और अधिक से अधिक लोगों को योजनाओं से जुड़ने के लिए प्रेरित करें।







