जारी में शिक्षक अभिभावक मिंटिंग का आयोजन: विद्यार्थियों की उपस्थिति और शिक्षा पर दिया गया जोर

जारी में शिक्षक अभिभावक मिंटिंग का आयोजन: विद्यार्थियों की उपस्थिति और शिक्षा पर दिया गया जोर

author Shahjeb Ansari
43 Views Download E-Paper (0)
#जारी #शिक्षासंवाद : विद्यालय सभागार में आयोजित बैठक में शिक्षक, अभिभावक और जनप्रतिनिधि शामिल हुए – बच्चों की शत प्रतिशत उपस्थिति पर दिया गया बल
  • रा.उत्क्र.प्लस टू उच्च विद्यालय जारी में शिक्षक अभिभावक मिंटिंग का आयोजन।
  • मुख्य अतिथि जीप सदस्य दिलीप बड़ाईक ने दीप प्रज्वलित कर बैठक का उद्घाटन किया।
  • शत प्रतिशत उपस्थिति दर्ज करने वाले बच्चों को सम्मानित किया गया।
  • अभिभावकों से अपील – बच्चों को प्रतिदिन समय पर विद्यालय भेजें
  • 75% उपस्थिति के बिना बोर्ड परीक्षा फॉर्म भरने की अनुमति नहीं होगी।

जारी प्रखंड के रा.उत्क्र.प्लस टू उच्च विद्यालय के सभागार में आयोजित शिक्षक अभिभावक मिंटिंग में बच्चों की शिक्षा, उपस्थिति और अनुशासन पर विशेष चर्चा की गई। बैठक का उद्घाटन मुख्य अतिथि जीप सदस्य दिलीप बड़ाईक, शिक्षकों और अभिभावकों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। इस दौरान उन बच्चों को सम्मानित किया गया जिन्होंने पूरे महीने में शत प्रतिशत उपस्थिति दर्ज की थी।

बच्चों की शिक्षा को लेकर गंभीर चर्चा

मुख्य अतिथि दिलीप बड़ाईक ने अभिभावकों से कहा कि यदि बच्चों का भविष्य उज्ज्वल बनाना है तो जरूरी है कि वे उन्हें प्रतिदिन समय पर विद्यालय भेजें। उन्होंने कहा कि सरकार बच्चों की पढ़ाई के लिए हर प्रकार की सुविधा मुहैया करा रही है, लेकिन उनकी सफलता तभी संभव है जब घर से अनुशासन और नियमितता मिले।

उपस्थिति और बोर्ड परीक्षा की तैयारी

कार्यक्रम में एच.एम. जोसेफा टोप्पो ने आगामी बोर्ड परीक्षा को लेकर विशेष निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन छात्रों की उपस्थिति 75 प्रतिशत से कम होगी उन्हें परीक्षा फॉर्म भरने की अनुमति नहीं दी जाएगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि जो बच्चे प्रतिदिन स्कूल आते हैं उनका परिणाम हमेशा बेहतर होता है, जबकि जो छात्र कभी आते हैं और कभी नहीं, उनका प्रदर्शन कमजोर रहता है।

एच.एम. जोसेफा टोप्पो ने कहा: “अब यह नियम सख्ती से लागू होगा कि 75% उपस्थिति वाले ही बोर्ड परीक्षा में शामिल होंगे। अभिभावक जिम्मेदारी लें और बच्चों को रोजाना विद्यालय भेजें।”

बच्चों की सफलता में अभिभावकों की भूमिका

बैठक में यह भी कहा गया कि बच्चों को सिर्फ पढ़ाई के लिए प्रेरित करना ही काफी नहीं है, बल्कि उनके अनुशासन और नियमितता पर अभिभावकों की सतत निगरानी आवश्यक है। शिक्षकों ने अभिभावकों से आग्रह किया कि वे अपने बच्चों को न केवल विद्यालय भेजें बल्कि घर पर पढ़ाई के लिए भी प्रोत्साहित करें।

कार्यक्रम में शामिल लोग

इस मौके पर सीसी करमटोली मुखिया फुलमाईत देवी, रोशन बखला, विक्टोरिया एक्का, अमिता तिर्की, अशोक खलखो, राजीव रंजन मिंज, अशोक केरकेट्टा, नवीन कुमार सिंह, तस्लीम रजा, सरोज केरकेट्टा, कान्ताग्रेस जोजवार, जोसेफा टोप्पो, बसन्ती केरकेट्टा, अध्यक्ष लौरेन्स किस्पोट्टा सहित बड़ी संख्या में विद्यार्थी, अभिभावक और शिक्षक उपस्थित रहे।

न्यूज़ देखो: शिक्षा में अनुशासन और उपस्थिति ही सफलता की कुंजी

इस कार्यक्रम ने स्पष्ट किया कि बच्चों की सफलता सिर्फ सरकारी योजनाओं या विद्यालय के प्रयासों से संभव नहीं है, बल्कि अभिभावकों की सक्रिय भूमिका भी बेहद महत्वपूर्ण है। शत प्रतिशत उपस्थिति और अनुशासन को ही बच्चों की सफलता की असली चाबी माना गया। शिक्षा की गुणवत्ता तभी बढ़ेगी जब सभी पक्ष मिलकर जिम्मेदारी निभाएंगे।

हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

शिक्षा ही उज्ज्वल भविष्य का मार्ग

अब समय है कि हम सभी बच्चों की शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दें। अपने बच्चों को नियमित रूप से विद्यालय भेजना हर अभिभावक का पहला कर्तव्य होना चाहिए। आइए हम सब मिलकर इस अभियान को सफल बनाएं, अपनी राय कमेंट करें और इस खबर को साझा करें ताकि जागरूकता फैले।

📥 Download E-Paper

यह खबर आपके लिए कितनी महत्वपूर्ण थी?

रेटिंग देने के लिए किसी एक स्टार पर क्लिक करें!

इस खबर की औसत रेटिंग: 0 / 5. कुल वोट: 0

अभी तक कोई वोट नहीं! इस खबर को रेट करने वाले पहले व्यक्ति बनें।

चूंकि आपने इस खबर को उपयोगी पाया...

हमें सोशल मीडिया पर फॉलो करें!

Written by

जारी, गुमला

🔔

Notification Preferences

error: