Palamau

पलामू: टोना टोटका के शक में महिला की सुपारी किलिंग, दो आरोपी गिरफ्तार

#पलामू #अंधविश्वास_हत्या — छत्तरपुर के बाघामाड़ा गांव में टोना-टोटका के शक में महिला की गोली मारकर हत्या
  • बाघामाड़ा गांव में 55 वर्षीय विमला देवी की गोली मारकर हत्या, दो आरोपी गिरफ्तार
  • आरोपी गौतम कुमार को लगा विमला देवी कर रही थीं टोना-टोटका, इसलिए बनाई हत्या की साजिश
  • हत्या के लिए 80 हजार रुपये में तय किया सौदा, दो शूटरों को किया शामिल
  • मुख्य साजिशकर्ता सकेंद्र उरांव और याद अली पहले से ही जेल में बंद
  • एक अन्य अपराधी फरार, पुलिस ने शुरू की रिमांड पर पूछताछ की प्रक्रिया

टोना-टोटका के अंधविश्वास में ले ली गई जान

पलामू। जिले के छत्तरपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत बाघामाड़ा गांव में 16 मई की रात एक भयावह घटना ने सबको चौंका दिया। विमला देवी (55 वर्ष) अपने पति के साथ घर के बाहर सो रही थीं, तभी अज्ञात अपराधियों ने उन पर गोली चला दी, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। यह मामला अब अंधविश्वास से जुड़ा सामने आया है, जिसमें टोना-टोटका के शक में महिला की हत्या कर दी गई।

साजिश रचने वालों में शामिल निकले पड़ोसी और रिश्तेदार

पुलिस की जांच में सामने आया कि विमला देवी के पड़ोसी गौतम कुमार (23 वर्ष) और उसके रिश्तेदार विनोद भुइंया ने हत्या की साजिश रची थी। एसपी रिष्मा रमेशन के अनुसार, गौतम की भाभी और बच्चे काफी समय से बीमार चल रहे थे। इस वजह से वह मान बैठा कि विमला देवी डायन हैं और उन्हीं की वजह से उसका परिवार बीमार है।

सुपारी देकर करवाई हत्या

एसपी रिष्मा रमेशन: “गौतम ने अपने रिश्तेदार विनोद की मदद से सकेंद्र उरांव से संपर्क किया। सकेंद्र ने हत्या के बदले 80 हजार रुपये की मांग की, जिसमें से 50 हजार एडवांस दिए गए थे।”

सकेंद्र ने हत्या की योजना को अंजाम देने के लिए याद अली उर्फ सोनू अली और एक अन्य अपराधी को जोड़ा। इन अपराधियों ने पहले विमला देवी के घर की रेकी की और फिर बाइक पर सवार होकर वारदात को अंजाम दिया।

मुख्य आरोपी पहले से ही जेल में बंद

हत्या को अंजाम देने वाले सकेंद्र उरांव और याद अली पहले से ही हाइवा जलाने के एक मामले में जेल में बंद हैं। पुलिस ने अब उन्हें रिमांड पर लेकर पूछताछ करने का निर्णय लिया है ताकि हत्या से जुड़े और तथ्य सामने आ सकें। वहीं इस वारदात में शामिल एक अन्य अपराधी अभी फरार है, जिसकी तलाश पुलिस कर रही है।

न्यूज़ देखो: अंधविश्वास की आग में झुलसते जीवन

यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि अंधविश्वास और डायन प्रथा जैसी सामाजिक बुराइयाँ आज भी ग्रामीण समाज में गहराई से जमी हुई हैं। एक महिला को बिना सबूत के डायन मानकर मार देना हमारी सामूहिक सोच पर सवाल खड़े करता है। न्यूज़ देखो ऐसे मामलों को उजागर करता है ताकि जन-जागरूकता बढ़े, प्रशासन सक्रिय हो और कानून व्यवस्था को सख्ती से लागू किया जाए।

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