Palamau

पलामू पुलिस ने इंटरस्टेट चोरी गिरोह का किया भंडाफोड़, मां-बेटे सहित पांच गिरफ्तार

#पलामू #अपराध_उद्भेदन : झारखंड और यूपी में सक्रिय अंतरराज्यीय चोर गिरोह का पुलिस ने किया खुलासा।

पलामू जिला पुलिस ने झारखंड और उत्तर प्रदेश में सक्रिय एक अंतरराज्यीय चोरी गिरोह का सफल उद्भेदन किया है। चैनपुर क्षेत्र में पकड़े गए संदिग्धों से पूछताछ के बाद मां-बेटे समेत पांच आरोपियों की गिरफ्तारी हुई है। पुलिस ने इनके पास से सोने-चांदी के जेवरात और ताला तोड़ने के औजार बरामद किए हैं। इस कार्रवाई से 24 चोरी की घटनाओं का खुलासा हुआ है, जिसे पुलिस के लिए बड़ी सफलता माना जा रहा है।

Join News देखो WhatsApp Channel
  • चैनपुर थाना क्षेत्र से इंटरस्टेट गिरोह के 05 सदस्य गिरफ्तार
  • मां-बेटे समेत महिला आरोपी भी गिरोह में शामिल।
  • 30 ग्राम सोना और 350 ग्राम चांदी के जेवरात बरामद।
  • झारखंड, गढ़वा और यूपी के सोनभद्र में की गई चोरी की घटनाएं उजागर।
  • 24 चोरी के मामलों का पुलिस ने किया उद्भेदन।

पलामू जिले में लगातार हो रही चोरी की घटनाओं के बीच जिला पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने अंतरराज्यीय स्तर पर सक्रिय एक संगठित चोर गिरोह का पर्दाफाश करते हुए उसके पांच सदस्यों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह झारखंड के विभिन्न जिलों के साथ-साथ उत्तर प्रदेश के सोनभद्र इलाके में भी चोरी की घटनाओं को अंजाम देता था। पुलिस के अनुसार, यह गिरोह बेहद शातिर तरीके से वारदात करता था और तकनीक से दूरी बनाकर अपराध को अंजाम देता था।

चैनपुर में संदिग्धों की गिरफ्तारी से खुला राज

पुलिस को चैनपुर थाना क्षेत्र में कुछ संदिग्ध लोगों की गतिविधियों की सूचना मिली थी। इसके बाद पुलिस टीम ने इलाके में घेराबंदी कर संदिग्धों को पकड़ा। तलाशी के दौरान उनके पास से चोरी में इस्तेमाल होने वाले लोहे के औजार बरामद किए गए। जब पुलिस ने इनसे सख्ती से पूछताछ की, तो पूरे गिरोह का नेटवर्क सामने आ गया।

पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे दिन के समय इलाकों में घूम-घूमकर बंद और खाली घरों की रेकी करते थे और रात के अंधेरे में चोरी की वारदात को अंजाम देते थे। यह तरीका उन्हें लंबे समय तक पुलिस की नजरों से बचाए रखता था।

गिरफ्तार आरोपियों का विवरण

पुलिस ने इस गिरोह से जुड़े जिन पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है, उनमें सभी पलामू जिले के मेदिनीनगर स्थित कुंड मोहल्ला के निवासी हैं। गिरफ्तार आरोपियों के नाम इस प्रकार हैं—
राजा कुमार उर्फ राजा डोम, लक्की कुमार, आकाश कुमार, आशु कुमार और सुनीता देवी। पुलिस के अनुसार, सुनीता देवी गिरोह के मास्टरमाइंड की मां है, जो चोरी की सामग्री को छिपाने और ठिकाने लगाने में अहम भूमिका निभाती थी।

पुलिस ने यह भी बताया कि गिरोह में एक अन्य महिला सदस्य भी शामिल है, जो गिरफ्तार आरोपी की बहन है। उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।

बरामद सामान और औजार

गिरफ्तार आरोपियों के पास से पुलिस ने करीब 30 ग्राम सोने के जेवरात और 350 ग्राम चांदी के जेवरात बरामद किए हैं। इसके अलावा, ताला और गेट तोड़ने में इस्तेमाल होने वाले कई लोहे के औजार भी जब्त किए गए हैं। ये औजार इस बात की पुष्टि करते हैं कि गिरोह पेशेवर तरीके से चोरी करता था।

मोबाइल से दूरी, नशे की लत और सुनियोजित वारदात

पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि यह गिरोह किसी भी प्रकार के मोबाइल फोन का इस्तेमाल नहीं करता था, ताकि पुलिस उनकी लोकेशन ट्रैक न कर सके। गिरोह के सदस्य नशे के आदी बताए जा रहे हैं, जो दिन में घूमकर रेकी करते और रात में चोरी की घटनाओं को अंजाम देते थे।

चोरी के बाद गिरोह चोरी किए गए जेवरात को स्थानीय जेवर कारोबारियों को बेच देता था। कुछ मामलों में पुलिस को यह भी जानकारी मिली है कि चोरी का सोना रांची के अपर बाजार इलाके में बेचा गया था।

24 चोरी की घटनाओं का खुलासा

पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों ने झारखंड के पलामू, गढ़वा और उत्तर प्रदेश के सोनभद्र इलाके में कई चोरी की घटनाओं को अंजाम देने की बात स्वीकार की है। अब तक 24 चोरी की घटनाओं का उद्भेदन किया जा चुका है। पुलिस को उम्मीद है कि आगे की जांच में और भी मामलों का खुलासा हो सकता है।

जेल से छूटने के बाद फिर सक्रिय हुआ गिरोह

पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, गिरोह के दो सदस्य राजा कुमार और आकाश कुमार बीते 15 अगस्त को जेल से बाहर आए थे। जेल से छूटने के बाद उन्होंने फिर से चोरी की घटनाओं को अंजाम देना शुरू कर दिया। उत्तर प्रदेश समेत कई इलाकों में चोरी के दौरान इनकी गतिविधियां सीसीटीवी कैमरों में भी कैद हुई हैं, जिससे पुलिस को अहम सुराग मिले।

पुलिस अधिकारियों की संयुक्त कार्रवाई

इस पूरे अभियान में पुलिस की विशेष टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। छापेमारी और गिरफ्तारी की इस कार्रवाई में डीएसपी राजीव रंजन, इंस्पेक्टर पूनम टोप्पो, ज्योतिलाल रजवार समेत कई पुलिस अधिकारी और जवान शामिल थे। टीम ने सुनियोजित तरीके से कार्रवाई कर गिरोह को दबोचने में सफलता हासिल की।

पलामू की पुलिस अधीक्षक रीष्मा रमेशन ने कहा:

“पुलिस ने पांच सदस्यों को गिरफ्तार किया है, जिनमें एक महिला भी शामिल है। गिरोह ने उत्तर प्रदेश, गढ़वा और पलामू क्षेत्र में कई चोरी की घटनाओं को अंजाम दिया है। अब तक 24 मामलों का उद्भेदन हुआ है और आगे की अनुसंधान प्रक्रिया जारी है।”

न्यूज़ देखो: संगठित अपराध पर करारा प्रहार

पलामू पुलिस की यह कार्रवाई दिखाती है कि संगठित अपराधियों के खिलाफ सख्त और लगातार कार्रवाई हो रही है। अंतरराज्यीय नेटवर्क को तोड़ना पुलिस के लिए बड़ी चुनौती होती है, जिसे इस मामले में सफलतापूर्वक अंजाम दिया गया। अब सवाल यह है कि चोरी के सामान की पूरी सप्लाई चेन पर कब तक कार्रवाई होती है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

सजग नागरिक ही अपराध पर लगाम लगा सकते हैं

खाली घरों और संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी समय पर पुलिस को दें।
अपने आसपास सतर्क रहें और सामूहिक सुरक्षा को प्राथमिकता बनाएं।
यह खबर साझा करें ताकि लोग जागरूक हों और अपराधियों पर दबाव बने।
अपनी राय कमेंट में लिखें और समाज को सुरक्षित बनाने में योगदान दें।

यह खबर आपके लिए कितनी महत्वपूर्ण थी?

रेटिंग देने के लिए किसी एक स्टार पर क्लिक करें!

इस खबर की औसत रेटिंग: 0 / 5. कुल वोट: 0

अभी तक कोई वोट नहीं! इस खबर को रेट करने वाले पहले व्यक्ति बनें।

चूंकि आपने इस खबर को उपयोगी पाया...

हमें सोशल मीडिया पर फॉलो करें!

IMG-20251223-WA0009
IMG-20250723-WA0070
आगे पढ़िए...

नीचे दिए बटन पर क्लिक करके हमें सोशल मीडिया पर फॉलो करें


Related News

ये खबर आपको कैसी लगी, अपनी प्रतिक्रिया दें

Back to top button
error: