
#बरवाडीह #पंचायत_भ्रष्टाचार : जन्म प्रमाण पत्र पर सिग्नेचर के नाम पर अवैध वसूली का मामला उजागर।
बरवाडीह प्रखंड में पंचायत सचिव विजय शंकर राम पर जन्म प्रमाण पत्र के सिग्नेचर के नाम पर अवैध वसूली और महिलाओं के साथ बदसलूकी का गंभीर आरोप सामने आया है। पीड़ित महिलाएं ज्योति कुमारी और अनिता देवी ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से न्याय की गुहार लगाई। मामला दर्ज होने के बाद सांसद प्रतिनिधि ने जांच कराने का आश्वासन दिया है। यह घटना पंचायत स्तर पर सरकारी कार्यों में भ्रष्टाचार और दुर्व्यवहार की गंभीर समस्या को उजागर करती है।
- बरवाडीह प्रखंड सचिव विजय शंकर राम पर प्रत्येक जन्म प्रमाण पत्र पर 500-500 रुपये मांगने का आरोप।
- पीड़ित महिलाएं ज्योति कुमारी और अनिता देवी, दोनों अहिरपुरवा टोला की निवासी।
- महिलाओं ने सांसद प्रतिनिधि दीपक तिवारी को लिखित आवेदन सौंपा।
- आरोप है कि अवैध राशि देने से इनकार पर सचिव ने धक्का देकर भगा देने की धमकी दी।
- स्थानीय लोग और जनप्रतिनिधि तत्काल जांच और कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
बरवाडीह प्रखंड में जन्म प्रमाण पत्र के लिए पंचायत सचिव विजय शंकर राम के खिलाफ गंभीर आरोप उठे हैं। अहिरपुरवा टोला की ज्योति कुमारी अपने पुत्र कार्तिक कुमार और आयुष कुमार के जन्म प्रमाण पत्र पर हस्ताक्षर कराने गई थीं, वहीं अनिता देवी अपनी पुत्री खुशबू कुमारी के प्रमाण पत्र के लिए सचिव के आवास पर पहुंची थीं।
पीड़ित महिलाओं ने आरोप लगाया कि प्रत्येक सिग्नेचर के लिए सचिव ने 500 रुपये की मांग की। जब उन्होंने इस अवैध राशि का भुगतान करने से इनकार किया तो सचिव ने अभद्र व्यवहार करते हुए उन्हें धक्का देकर भगा देने की धमकी दी। घटना से आहत महिलाएं सीधे सांसद कालीचरण सिंह के नाम लिखित आवेदन तैयार कर सांसद प्रतिनिधि दीपक तिवारी को सौंपा।
सांसद प्रतिनिधि दीपक तिवारी ने कहा: “मामले की गंभीरता को देखते हुए इसकी पूरी जांच कराई जाएगी। दोषी पाए जाने पर पंचायत सचिव के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।”
पंचायत स्तर पर भ्रष्टाचार और जनता की समस्याएं
इस घटना ने पंचायत स्तर पर सरकारी कार्यों में भ्रष्टाचार और आम नागरिक, विशेषकर महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार की समस्याओं को उजागर किया है। स्थानीय लोग भी प्रशासन से त्वरित जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं ताकि गरीब और जरूरतमंद नागरिक बिना रिश्वत के अपने हक़ के लिए सुरक्षित तरीके से सरकारी कार्य कर सकें।
पीड़ित महिलाओं की मांग
ज्योति कुमारी और अनिता देवी ने आवेदन में यह स्पष्ट किया कि वे सिर्फ अपने बच्चों के जन्म प्रमाण पत्र चाहते थे और किसी भी स्थिति में अवैध वसूली नहीं देंगी। उन्होंने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से निष्पक्ष जांच कर दोषी सचिव पर कड़ी कार्रवाई करने की गुहार लगाई है।
न्यूज़ देखो: पंचायत स्तर पर निगरानी और पारदर्शिता की आवश्यकता
बरवाडीह का यह मामला यह दर्शाता है कि छोटे सरकारी कार्यालयों में भ्रष्टाचार और दुर्व्यवहार की समस्या गंभीर बनी हुई है। प्रशासन को चाहिए कि ऐसे मामलों में तुरंत कार्रवाई करें और आम नागरिकों, विशेषकर महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करें। क्या प्रशासन त्वरित जांच कर पंचायत स्तर पर भ्रष्टाचार पर रोक लगाने में सक्षम होगा? हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
अपने हक के लिए जागरूक बनें
सरकारी कार्यों में भ्रष्टाचार और गलत व्यवहार के खिलाफ सजग रहना हर नागरिक का अधिकार और कर्तव्य है। अपने अनुभव साझा करें, इस खबर को अपने दोस्तों तक पहुंचाएं और सुनिश्चित करें कि कोई भी अवैध वसूली या दुर्व्यवहार के शिकार न बने। जागरूक रहें, सुरक्षित रहें और अपने हक की मांग करें।






