
#पांकी #कलश_यात्रा : नव निर्मित शिव मंदिर प्राण प्रतिष्ठा में भक्तिमय वातावरण का अनुभव।
पांकी बरवाड़ीह में आयोजित कलश यात्रा के दौरान नव निर्मित शिव मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा अनुष्ठान में भाजपा नेत्री मंजुलता दुबे ने भाग लिया। समारोह में स्थानीय श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया और “हर हर महादेव” के जयकारों से वातावरण भक्तिमय बना। दुबे ने धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजनों में भाग लेने को समाज के प्रति जिम्मेदारी और आस्था का प्रतीक बताया।
- पांकी बरवाड़ीह में कलश यात्रा के दौरान शिव मंदिर का प्राण प्रतिष्ठा अनुष्ठान।
- मंजुलता दुबे ने समारोह में भाग लेकर आशीर्वाद दिया।
- स्थानीय श्रद्धालुओं ने भक्तिमय जयकारों के साथ आयोजन में हिस्सा लिया।
- धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजनों में भाग लेना समाज के प्रति जिम्मेदारी का प्रतीक।
पांकी बरवाड़ीह में आयोजित कलश यात्रा में नव निर्मित शिव मंदिर का प्राण प्रतिष्ठा अनुष्ठान बड़ी धूमधाम से संपन्न हुआ। भाजपा नेत्री मंजुलता दुबे ने इस आयोजन में भाग लेकर स्थानीय श्रद्धालुओं के साथ आस्था और उत्साह का अनुभव साझा किया। “हर हर महादेव” के जयकारों से पूरा क्षेत्र भक्तिमय हो गया और श्रद्धालुओं में उल्लास दिखाई दिया।
धार्मिक आयोजन में भागीदारी
मंजुलता दुबे ने कहा कि इस प्रकार के धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों में भाग लेना समाज के प्रति जिम्मेदारी और आस्था दोनों का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि ऐसे आयोजनों से न केवल धार्मिक भाव बढ़ते हैं, बल्कि समुदाय में सहयोग और सामूहिक भावना भी मजबूत होती है।
मंजुलता दुबे ने कहा: “धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजनों में भाग लेना समाज के प्रति हमारी जिम्मेदारी और आस्था का प्रतीक है।”
उन्होंने स्थानीय समुदाय के साथ मिलकर पूजा-अर्चना में भाग लिया और नव निर्मित मंदिर की धार्मिक महत्ता को समझने का प्रयास किया।
स्थानीय श्रद्धालुओं का उत्साह
स्थानीय लोगों ने भी आयोजन में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। उनके उत्साह और भक्ति ने समारोह को भक्तिमय और आनंददायक बनाया। आयोजन स्थल पर “हर हर महादेव” के जयकारों से पूरा माहौल भक्तिभाव से भर गया।
श्रद्धालुओं ने बताया कि इस प्रकार के आयोजनों से समाज में सामूहिक धार्मिक भावना और सांस्कृतिक जुड़ाव मजबूत होता है।
न्यूज़ देखो: सामूहिक आस्था और सांस्कृतिक आयोजन
पांकी बरवाड़ीह की कलश यात्रा यह दिखाती है कि धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों में भागीदारी से न केवल आस्था प्रकट होती है बल्कि समाज में एकजुटता और जिम्मेदारी का संदेश भी जाता है। नेताओं और नागरिकों का सामूहिक सहभागिता शहर की सामाजिक और सांस्कृतिक नींव को मजबूत करती है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
धार्मिक आस्था और समाज में जिम्मेदारी का संदेश
धार्मिक आयोजनों में भाग लेकर हम अपने समाज और संस्कृति के प्रति जिम्मेदारी निभाते हैं।
आप भी अपने क्षेत्र के सांस्कृतिक आयोजनों में भाग लेकर सामूहिक भावना को मजबूत करें।
इस अनुभव को साझा करें, दूसरों तक पहुंचाएं और समुदाय के विकास में सहयोग दें।
भक्ति, उत्साह और जिम्मेदारी से ही समाज सशक्त बनता है।



