#लातेहार #चंदवा #पेरेंट्सटीचरमीटिंग : अभिभावक और शिक्षक मिलकर बच्चों के भविष्य पर संवाद।
चंदवा स्थित क्रिएटिव अकैडमी में 27 फरवरी 2026 को पेरेंट्स-टीचर मीटिंग का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों के शैक्षणिक, बौद्धिक और नैतिक विकास पर अभिभावकों एवं शिक्षकों के बीच विस्तृत चर्चा हुई। डायरेक्टर मनु कुमार गुप्ता ने नए सत्र में आधुनिक और गतिविधि आधारित शिक्षा पर जोर देने की बात कही। कार्यक्रम में सक्रिय अभिभावकों को सम्मानित भी किया गया।
- क्रिएटिव अकैडमी, चंदवा में 27 फरवरी 2026 को पीटीएम आयोजित।
- डायरेक्टर मनु कुमार गुप्ता ने साझा किया शिक्षा का विजन।
- आधुनिक शिक्षण पद्धति और डिजिटल संसाधनों पर रहेगा फोकस।
- सक्रिय अभिभावकों को किया गया विशेष सम्मानित।
- बड़ी संख्या में अभिभावक और शिक्षक रहे उपस्थित।
चंदवा के मेन रोड गैरेज लाइन स्थित गायत्री मंदिर के समीप संचालित क्रिएटिव अकैडमी में शुक्रवार को पेरेंट्स-टीचर मीटिंग (पीटीएम) का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास को सुनिश्चित करना और अभिभावकों के साथ सीधा संवाद स्थापित करना था। विद्यालय परिसर में सकारात्मक और संवादात्मक वातावरण देखने को मिला, जहां अभिभावकों और शिक्षकों ने बच्चों की प्रगति पर खुलकर चर्चा की।
बच्चों के उज्ज्वल भविष्य पर जोर
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विद्यालय के डायरेक्टर मनु कुमार गुप्ता ने कहा कि किसी भी विद्यार्थी के समग्र विकास में विद्यालय और अभिभावक दोनों की समान भूमिका होती है। उन्होंने कहा कि केवल कक्षा में पढ़ाई पर्याप्त नहीं है, बल्कि घर और विद्यालय के बीच निरंतर संवाद भी जरूरी है।
मनु कुमार गुप्ता ने कहा: “बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में अभिभावकों और शिक्षकों की समान भागीदारी अत्यंत आवश्यक है।”
उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे नियमित रूप से विद्यालय से जुड़े रहें और बच्चों को अनुशासित एवं सकारात्मक शैक्षणिक वातावरण प्रदान करने में सहयोग करें।
नए सत्र में आधुनिक शिक्षण पद्धति पर जोर
डायरेक्टर ने जानकारी दी कि आगामी शैक्षणिक सत्र में आधुनिक शिक्षण पद्धति को प्राथमिकता दी जाएगी। डिजिटल संसाधनों, स्मार्ट क्लास और गतिविधि आधारित शिक्षा को बढ़ावा दिया जाएगा, ताकि छात्र-छात्राएं प्रतिस्पर्धी दौर में खुद को बेहतर तरीके से तैयार कर सकें।
विद्यालय प्रबंधन का मानना है कि बदलते समय के साथ शिक्षा प्रणाली में नवाचार जरूरी है। बच्चों में रचनात्मकता, तार्किक सोच और नैतिक मूल्यों का विकास भी उतना ही महत्वपूर्ण है।
सक्रिय अभिभावकों को किया गया सम्मानित
पीटीएम के दौरान उन अभिभावकों को विशेष रूप से सम्मानित किया गया, जो अपने बच्चों की पढ़ाई पर विशेष ध्यान देते हैं और विद्यालय की गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी निभाते हैं। विद्यालय प्रबंधन ने इसे अभिभावकों के प्रति आभार व्यक्त करने की सकारात्मक पहल बताया।
यह सम्मान कार्यक्रम अभिभावकों को और अधिक जिम्मेदारी के साथ बच्चों के विकास में भागीदारी के लिए प्रेरित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना गया।
बड़ी संख्या में अभिभावक और शिक्षक रहे मौजूद
इस अवसर पर अभिभावकों में राजू प्रसाद, पूजा सोनी, प्रीति सोनी, अजय कुमार सिंह, सीमा देवी, नीतू कुमारी, संगीता कुमारी, नाजिया प्रवीण, लाली अग्रवाल, सनोज उरांव, शिव शंकर, शीला देवी, संजू कुमारी, मनीषा केरकेट्टा, फूलमती देवी सहित कई लोग उपस्थित रहे।
वहीं शिक्षकों में अमृत कौर, खुशी कुमारी, निखिल वर्मा, राखी दास, सनिका वर्मा, ऋतु कुमारी, वर्षा कुमारी, मुस्कान कुमारी, दीपक कुमार और मोनी देवी समेत विद्यालय परिवार के अन्य सदस्य कार्यक्रम में शामिल हुए।
कार्यक्रम के दौरान प्रत्येक कक्षा के विद्यार्थियों की शैक्षणिक प्रगति, व्यवहार, उपस्थिति और गतिविधियों पर विस्तार से चर्चा की गई। अभिभावकों ने भी अपने सुझाव साझा किए।
सकारात्मक माहौल में हुआ समापन
पीटीएम का समापन सौहार्दपूर्ण और सकारात्मक वातावरण में हुआ। सभी ने मिलकर यह संकल्प लिया कि बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए निरंतर प्रयास किए जाएंगे और शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर बनाने के लिए सामूहिक रूप से काम किया जाएगा।
विद्यालय प्रबंधन ने विश्वास जताया कि इस तरह के नियमित संवाद से बच्चों के प्रदर्शन में और सुधार आएगा।
न्यूज़ देखो: संवाद से ही सशक्त होती है शिक्षा
चंदवा के इस आयोजन ने एक बार फिर साबित किया कि शिक्षा केवल पाठ्यपुस्तकों तक सीमित नहीं है। अभिभावक और शिक्षक जब एक मंच पर बैठकर बच्चों की प्रगति पर चर्चा करते हैं, तभी वास्तविक सुधार संभव होता है। आधुनिक शिक्षा पद्धति के साथ नैतिक मूल्यों का संतुलन भी जरूरी है। अब देखना होगा कि नए सत्र में घोषित योजनाएं किस तरह लागू होती हैं।
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मिलकर गढ़ें बच्चों का स्वर्णिम भविष्य
बच्चों की सफलता सामूहिक प्रयास का परिणाम होती है।
घर और विद्यालय के बीच मजबूत संवाद ही प्रगति की कुंजी है।
नियमित मार्गदर्शन और सकारात्मक माहौल से ही आत्मविश्वास बढ़ता है।
हर अभिभावक और शिक्षक की भूमिका समान रूप से महत्वपूर्ण है।
आइए, शिक्षा को केवल अंक तक सीमित न रखें, बल्कि संस्कार और व्यक्तित्व विकास को भी प्राथमिकता दें। अपनी राय कमेंट में साझा करें, खबर को आगे बढ़ाएं और बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए साथ मिलकर कदम बढ़ाएं।