
#लातेहार #देशभक्ति_पहल : चलो उमरा चलो 92 फाउंडेशन द्वारा तिरंगा फहराकर राष्ट्रप्रेम का संदेश।
लातेहार में चलो उमरा चलो 92 फाउंडेशन के निदेशक मोहम्मद रिजवान राही ने अपने कार्यालय के सामने तिरंगा फहराया। इस अवसर पर उन्होंने देशभक्ति, एकता और सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश देते हुए राष्ट्रीय मूल्यों को मजबूत करने की अपील की। कार्यक्रम में समाज के विभिन्न वर्गों की भागीदारी रही। यह पहल राष्ट्रप्रेम को जनजीवन से जोड़ने का प्रयास मानी जा रही है।
- लातेहार में फाउंडेशन कार्यालय के सामने तिरंगा फहराया गया।
- मोहम्मद रिजवान राही ने देश को सर्वोपरि बताया।
- चलो उमरा चलो 92 फाउंडेशन की सामाजिक भूमिका पर जोर।
- 26 जनवरी और 15 अगस्त को उत्सव की तरह मनाने की अपील।
- कार्यक्रम में राष्ट्रप्रेम और एकता का संदेश स्पष्ट।
- स्थानीय लोगों ने पहल की सराहना की।
लातेहार जिले में राष्ट्रप्रेम और सामाजिक सौहार्द की एक सकारात्मक तस्वीर उस समय देखने को मिली, जब चलो उमरा चलो 92 फाउंडेशन के डायरेक्टर मोहम्मद रिजवान राही ने अपने कार्यालय परिसर के सामने तिरंगा फहराया। यह आयोजन केवल औपचारिक ध्वजारोहण तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसके माध्यम से देशभक्ति, एकता और नागरिक कर्तव्यों को लेकर एक मजबूत संदेश समाज के सामने रखा गया।
तिरंगे के साथ राष्ट्रप्रेम का संदेश
कार्यक्रम के दौरान मोहम्मद रिजवान राही ने गर्व के साथ कहा कि
मोहम्मद रिजवान राही ने कहा: “हम सबसे पहले हिंदुस्तानी हैं और अपने देश का सम्मान करना हमारा पहला कर्तव्य है।”
उनका यह वक्तव्य उपस्थित लोगों के लिए भावनात्मक और प्रेरणादायी रहा। तिरंगे के सम्मान के साथ आयोजित इस कार्यक्रम में यह स्पष्ट संदेश दिया गया कि देशप्रेम किसी एक वर्ग या समुदाय तक सीमित नहीं, बल्कि पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी है।
चलो उमरा चलो 92 फाउंडेशन की सामाजिक भूमिका
चलो उमरा चलो 92 फाउंडेशन लंबे समय से समाज सेवा और मानवीय कार्यों से जुड़ा रहा है। कार्यक्रम के दौरान राही ने कहा कि फाउंडेशन का उद्देश्य केवल धार्मिक या सामाजिक गतिविधियों तक सीमित नहीं है, बल्कि जरूरतमंदों की सहायता, मानवता की सेवा और समाज में सकारात्मक सोच का प्रसार करना भी है। उन्होंने कहा कि समाज का विश्वास और सहयोग ही फाउंडेशन की सबसे बड़ी ताकत है।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि आने वाले समय में फाउंडेशन शिक्षा, सहायता और सामाजिक जागरूकता से जुड़े कार्यों को और विस्तार देगा।
राष्ट्रीय पर्वों को लेकर भावनात्मक अपील
अपने संबोधन में मोहम्मद रिजवान राही ने 26 जनवरी और 15 अगस्त जैसे राष्ट्रीय पर्वों को लेकर विशेष अपील की। उन्होंने कहा कि इन पर्वों को
“ईद की तरह पूरे उत्साह, प्रेम और भाईचारे के साथ मनाया जाना चाहिए।”
उन्होंने कहा कि जब समाज इन पर्वों को सिर्फ औपचारिकता नहीं, बल्कि उत्सव की तरह मनाएगा, तभी देशभक्ति की भावना गहराई से जड़ें जमाएगी। राही ने यह भी कहा कि ये दिन केवल छुट्टी या कार्यक्रम भर नहीं हैं, बल्कि देश की आज़ादी, बलिदान और एकता की याद दिलाने वाले अवसर हैं।
युवाओं से आगे आने का आह्वान
कार्यक्रम में युवाओं की भागीदारी को विशेष रूप से सराहा गया। राही ने युवाओं से आह्वान किया कि वे ऐसे आयोजनों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें और समाज व देश दोनों की सेवा के लिए आगे आएं। उन्होंने कहा कि जब युवा राष्ट्रप्रेम को अपने आचरण में उतारते हैं, तभी आने वाली पीढ़ियों को सही दिशा मिलती है।
स्थानीय लोगों की सहभागिता और प्रतिक्रिया
इस कार्यक्रम में मौजूद स्थानीय नागरिकों ने चलो उमरा चलो 92 फाउंडेशन की इस पहल की जमकर सराहना की। लोगों ने कहा कि इस तरह के आयोजन समाज में आपसी सौहार्द, भाईचारे और सकारात्मक सोच को मजबूत करते हैं। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों में यह भावना साफ दिखाई दी कि देशभक्ति केवल शब्दों में नहीं, बल्कि कर्मों में होनी चाहिए।
समाज को जोड़ने की पहल
तिरंगा फहराने का यह आयोजन केवल प्रतीकात्मक नहीं था, बल्कि यह समाज को एक सूत्र में बांधने की कोशिश भी थी। कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि विविधता के बावजूद देश की एकता सर्वोपरि है और हर नागरिक का दायित्व है कि वह राष्ट्र के सम्मान और एकता को बनाए रखने में अपनी भूमिका निभाए।

न्यूज़ देखो: जब समाज सेवा और देशभक्ति एक साथ दिखे
यह आयोजन बताता है कि जब सामाजिक संस्थाएं राष्ट्रप्रेम के संदेश को आगे बढ़ाती हैं, तो उसका प्रभाव व्यापक होता है। चलो उमरा चलो 92 फाउंडेशन की यह पहल सामाजिक एकता को मजबूती देती है। अब यह देखना अहम होगा कि अन्य संगठन और युवा वर्ग इस प्रेरणा को कैसे आगे बढ़ाते हैं। ऐसे प्रयास देशभक्ति को जनआंदोलन में बदल सकते हैं। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
देश पहले की भावना को करें मजबूत
देशभक्ति केवल खास दिनों तक सीमित न रहे, बल्कि रोजमर्रा के व्यवहार में दिखे, यही इस आयोजन का संदेश है। जब समाज मिलकर राष्ट्रीय मूल्यों को अपनाता है, तब एक मजबूत राष्ट्र का निर्माण होता है।
आप भी अपने क्षेत्र में ऐसे आयोजनों का हिस्सा बनें, युवाओं को प्रेरित करें और देश के प्रति अपने कर्तव्यों को निभाएं। इस खबर पर अपनी राय साझा करें, लेख को आगे बढ़ाएं और सकारात्मक सोच का संदेश फैलाएं।







