News dekho specials
Giridih

गिरिडीह में शहीद दिवस पर भगत सिंह को नमन, माले नेताओं ने उठाए चौक के विकास और सुरक्षा के मुद्दे

#गिरिडीह #शहीद_दिवस : भगत सिंह चौक पर माल्यार्पण कर क्रांतिकारी विचारों को अपनाने का आह्वान किया गया।

गिरिडीह के भगत सिंह चौक पर 23 मार्च शहीद दिवस के अवसर पर भाकपा माले और असंगठित मजदूर मोर्चा के बैनर तले कार्यक्रम आयोजित हुआ। इस दौरान नेताओं और कार्यकर्ताओं ने भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव को श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके विचारों को याद किया। कार्यक्रम में राजेश सिन्हा और कन्हाई पांडेय ने युवाओं से क्रांतिकारी विचारधारा अपनाने का आह्वान किया। साथ ही चौक के विकास और सुरक्षा को लेकर जिला प्रशासन से मांग भी रखी गई।

Join News देखो WhatsApp Channel
  • 23 मार्च 1931 के शहीदों को दी गई श्रद्धांजलि।
  • भाकपा माले और असंगठित मजदूर मोर्चा के बैनर तले आयोजन।
  • राजेश सिन्हा और कन्हाई पांडेय ने कार्यक्रम की अगुवाई की।
  • भगत सिंह चौक, गिरिडीह में माल्यार्पण और नारेबाजी।
  • चौक के विकास, सफाई और सीसीटीवी की मांग उठाई गई।

गिरिडीह में शहीद दिवस के मौके पर भगत सिंह चौक पर आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों ने भाग लिया। कार्यक्रम की शुरुआत चौक की साफ-सफाई से हुई, जिसके बाद शहीदों की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई। उपस्थित लोगों ने नारेबाजी करते हुए भगत सिंह के विचारों को आत्मसात करने का संकल्प लिया।

शहीदों को दी गई श्रद्धांजलि

कार्यक्रम के दौरान 23 मार्च 1931 को अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ लड़ते हुए शहीद हुए भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव को याद किया गया। वक्ताओं ने कहा कि इन क्रांतिकारियों ने देश की आजादी के लिए अपने प्राण न्योछावर कर दिए और आज भी उनके विचार समाज को दिशा देने में सक्षम हैं।

कार्यक्रम में मौजूद सभी प्रतिनिधियों ने बारी-बारी से माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि दी और उनके आदर्शों को अपनाने की बात कही।

नेताओं का संबोधन और विचार

माले के जिला कमिटी सदस्य राजेश सिन्हा ने कहा:

“देश में काले अंग्रेज की परंपरा हावी है, ऐसे में भगत सिंह के विचार ही देश को सुधार सकते हैं।”

उन्होंने आगे कहा कि आज जरूरत है कि लोग इन विचारों को अपने जीवन में उतारें और समाज में बदलाव लाने के लिए आगे आएं।

वहीं माले के जिला कमिटी सदस्य कन्हाई पांडेय ने कहा:

News dekho specials

“भगत सिंह के विचारों को आत्मसात करना होगा, युवाओं को क्रांतिकारी विचारधारा से जोड़ना होगा।”

उन्होंने बताया कि माले और असंगठित मजदूर मोर्चा के कार्यकर्ता लगातार भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं और लोगों को संगठित कर रहे हैं।

चौक के विकास को लेकर उठी मांग

कार्यक्रम के दौरान राजेश सिन्हा ने भगत सिंह चौक की स्थिति को लेकर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि चौक पर अतिक्रमण हो गया है और इसे सम्मानजनक तरीके से विकसित करने की जरूरत है।

उन्होंने जिला प्रशासन से मांग की कि शहीद भगत सिंह की प्रतिमा के पास नियमित सफाई की व्यवस्था की जाए, बैठने के लिए सोफा टाइप व्यवस्था बनाई जाए और सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरा लगाया जाए।

सामाजिक कार्यकर्ताओं की उपस्थिति

इस कार्यक्रम में कई सामाजिक कार्यकर्ता और संगठन के सदस्य मौजूद रहे। इनमें प्रमुख रूप से किशोर राय (अध्यक्ष, असंगठित मजदूर मोर्चा), मसूदन कोल (प्रखंड सचिव, माले), दामोदर गोप, जय शंकर पांडेय, कॉमरेड किशोर राय, मसुदन कोल्ह, कन्हाय पाण्डेय, दीपक कुमार गोस्वामी, मो अफताब, देव शंकर मिश्रा, संतोष तुरी, लखन कोल्ह, धनेश्वर कोल्ह, डिलचंद कोल्ह, भीम कोल्ह, सनातन साहु, सकलदेव कोल्ह, किसुन कोल्ह और अधिवक्ता धरनीधर सहित कई अन्य लोग शामिल थे।

इन सभी ने मिलकर भगत सिंह चौक को स्थापित करने में अपनी भूमिका का जिक्र करते हुए इसे बेहतर बनाने की जरूरत पर बल दिया।

क्रांतिकारी विचारों को अपनाने का आह्वान

कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि लगभग 100 साल बीत जाने के बाद भी भगत सिंह के विचार आज भी प्रासंगिक हैं। जरूरत है कि लोग घरों से बाहर निकलकर उनके विचारों को अपनाएं और समाज में बदलाव के लिए संघर्ष करें।

उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे सामाजिक अन्याय और भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाएं और एक बेहतर समाज के निर्माण में अपनी भूमिका निभाएं।

न्यूज़ देखो: श्रद्धांजलि के साथ उठे विकास और जवाबदेही के सवाल

गिरिडीह में शहीद दिवस का यह आयोजन केवल श्रद्धांजलि तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इससे जुड़े कई अहम मुद्दे भी सामने आए। एक ओर जहां क्रांतिकारी विचारों को अपनाने की बात हुई, वहीं दूसरी ओर चौक के विकास और सुरक्षा को लेकर प्रशासन से जवाबदेही की मांग उठी। यह दर्शाता है कि जनप्रतिनिधि और सामाजिक संगठन अब प्रतीक स्थलों के संरक्षण को लेकर भी गंभीर हैं। अब देखना होगा कि जिला प्रशासन इन मांगों पर क्या कदम उठाता है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

शहीदों के सपनों का भारत बनाने की जिम्मेदारी हमारी

भगत सिंह जैसे महान क्रांतिकारियों ने जिस भारत का सपना देखा था, उसे साकार करना हम सबकी जिम्मेदारी है। सिर्फ श्रद्धांजलि देने से नहीं, बल्कि उनके विचारों को अपनाने से ही असली बदलाव आएगा।

अपने आसपास हो रहे अन्याय के खिलाफ आवाज उठाएं, समाज में सकारात्मक बदलाव के लिए आगे आएं। अपनी राय कमेंट में जरूर दें, इस खबर को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाएं और शहीदों के सपनों के भारत के निर्माण में भागीदार बनें।

यह खबर आपके लिए कितनी महत्वपूर्ण थी?

रेटिंग देने के लिए किसी एक स्टार पर क्लिक करें!

इस खबर की औसत रेटिंग: 0 / 5. कुल वोट: 0

अभी तक कोई वोट नहीं! इस खबर को रेट करने वाले पहले व्यक्ति बनें।

चूंकि आपने इस खबर को उपयोगी पाया...

हमें सोशल मीडिया पर फॉलो करें!



IMG-20250723-WA0070
IMG-20251223-WA0009

नीचे दिए बटन पर क्लिक करके हमें सोशल मीडिया पर फॉलो करें


Saroj Verma

दुमका/देवघर

ये खबर आपको कैसी लगी, अपनी प्रतिक्रिया दें

Back to top button
🔔

Notification Preferences

error: