
#डंडई #गढ़वा #शांतिव्यवस्था : प्रशासनिक समन्वय से सौहार्दपूर्ण वातावरण में पर्व आयोजन का लिया गया निर्णय।
गढ़वा जिले के डंडई थाना परिसर में आगामी सरस्वती पूजा एवं गणतंत्र दिवस को लेकर शांति समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता थाना प्रभारी अनिमेष शांतिकारी ने की, जबकि प्रखंड विकास पदाधिकारी देवलाल करमाली मुख्य रूप से उपस्थित रहे। बैठक में पर्वों को शांतिपूर्ण, अनुशासित और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने को लेकर प्रशासनिक दिशा-निर्देश साझा किए गए। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि नियमों के उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई की जाएगी, वहीं सहयोगात्मक आयोजन के लिए पूर्ण प्रशासनिक समर्थन दिया जाएगा।
- डंडई थाना परिसर में सरस्वती पूजा व गणतंत्र दिवस को लेकर शांति समिति की बैठक।
- थाना प्रभारी अनिमेष शांतिकारी ने डीजे पर पूर्ण प्रतिबंध की जानकारी दी।
- बीडीओ देवलाल करमाली ने लाइसेंस व निर्धारित विसर्जन रूट का पालन अनिवार्य बताया।
- सोशल मीडिया पर भ्रामक पोस्ट फैलाने वालों पर साइबर सेल की नजर।
- जनप्रतिनिधियों, पत्रकारों व पुलिस पदाधिकारियों ने शांति बनाए रखने का लिया संकल्प।
डंडई थाना क्षेत्र में आगामी सरस्वती पूजा और 26 जनवरी गणतंत्र दिवस को शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न कराने के उद्देश्य से प्रशासन ने कमर कस ली है। इसी क्रम में डंडई थाना परिसर में शांति समिति की बैठक आयोजित की गई, जिसमें प्रशासन, जनप्रतिनिधि, पूजा समिति सदस्य, पत्रकार और प्रबुद्ध नागरिकों ने भाग लिया। बैठक का उद्देश्य पर्वों के दौरान कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ रखना और किसी भी प्रकार की अव्यवस्था को रोकना रहा।
प्रशासन का कड़ा रुख, सहयोग का भरोसा
बैठक को संबोधित करते हुए थाना प्रभारी अनिमेष शांतिकारी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि पर्व के दौरान अनुशासन सर्वोपरि है। उन्होंने कहा:
थाना प्रभारी अनिमेष शांतिकारी ने कहा: “सरस्वती पूजा और गणतंत्र दिवस को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। पूजा के दौरान डीजे पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा और भड़काऊ या अश्लील गाने बजाने वालों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।”
उन्होंने यह भी बताया कि पूजा पंडालों और विसर्जन मार्गों पर पुलिस बल की तैनाती की जाएगी, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से समय रहते निपटा जा सके। संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी।
बीडीओ ने नियमों के पालन पर दिया जोर
बैठक में उपस्थित प्रखंड विकास पदाधिकारी देवलाल करमाली ने सभी पूजा समितियों से सरकारी दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन करने की अपील की। उन्होंने कहा:
बीडीओ देवलाल करमाली ने कहा: “सभी पूजा समितियों को लाइसेंस लेना अनिवार्य होगा। विसर्जन तय समय और निर्धारित रूट के अनुसार ही किया जाएगा। आपसी भाईचारा और शांति बनाए रखना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।”
उन्होंने यह भी कहा कि प्रशासन जनता के सहयोग से ही सफल आयोजन सुनिश्चित कर सकता है, इसलिए सभी लोग नियमों का पालन करें।
जनप्रतिनिधियों और प्रबुद्ध नागरिकों की सहभागिता
बैठक में क्षेत्र के सभी जनप्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। उन्होंने प्रशासन के समक्ष अपनी-अपनी समस्याएं और सुझाव रखे। जनप्रतिनिधियों ने आश्वासन दिया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में लोगों को जागरूक करेंगे और शांति व्यवस्था बनाए रखने में प्रशासन का पूरा सहयोग करेंगे।
कई गणमान्य नागरिकों ने प्रशासन द्वारा समय रहते बैठक आयोजित करने की सराहना की और कहा कि इससे गलतफहमियों और अफवाहों पर अंकुश लगाया जा सकता है।
पत्रकारों और पुलिस का समन्वय
बैठक में प्रखंड के सभी पत्रकार बंधु और डंडई थाना के सभी पुलिस पदाधिकारी भी मौजूद रहे। अधिकारियों ने पत्रकारों से सकारात्मक पत्रकारिता के माध्यम से सही जानकारी प्रसारित करने और अफवाहों को रोकने में सहयोग की अपील की। पुलिस पदाधिकारियों को निर्देश दिया गया कि वे पर्व के दौरान लगातार गश्त करें और किसी भी सूचना पर तुरंत कार्रवाई करें।
बैठक में लिए गए मुख्य निर्णय
शांति समिति की बैठक में कई अहम निर्णय लिए गए, जिनका सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाएगा। इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं:
- बिना लाइसेंस के पूजा पंडाल स्थापित करने पर पूर्ण रोक।
- विसर्जन जुलूस में डीजे बजाना पूरी तरह प्रतिबंधित।
- सोशल मीडिया पर भ्रामक या भड़काऊ पोस्ट करने वालों पर साइबर सेल की कड़ी निगरानी।
- प्रत्येक पूजा पंडाल में सुरक्षा के लिए समिति द्वारा वॉलंटियर्स की तैनाती।
- निर्धारित समय और रूट के अनुसार ही विसर्जन प्रक्रिया संपन्न कराना।
शांति और सौहार्द का संदेश
बैठक के अंत में थाना प्रभारी अनिमेष शांतिकारी ने धन्यवाद ज्ञापन करते हुए कहा कि प्रशासन जनता की सुरक्षा और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए हमेशा तत्पर है। उन्होंने विश्वास जताया कि सभी के सहयोग से इस वर्ष सरस्वती पूजा और गणतंत्र दिवस एक मिसाल के रूप में मनाए जाएंगे।
न्यूज़ देखो: पर्वों में अनुशासन ही सबसे बड़ा उत्सव
डंडई थाना में आयोजित शांति समिति की बैठक यह दर्शाती है कि प्रशासन पर्वों को लेकर गंभीर और सजग है। डीजे प्रतिबंध, लाइसेंस व्यवस्था और सोशल मीडिया निगरानी जैसे निर्णय समय की आवश्यकता हैं। अब यह जनता और पूजा समितियों पर निर्भर करता है कि वे इन नियमों का कितना ईमानदारी से पालन करते हैं। शांति और सौहार्द से ही त्योहारों की असली पहचान बनती है।
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मिलकर मनाएं पर्व, जिम्मेदारी से निभाएं नागरिक कर्तव्य
त्योहार हमारी संस्कृति की पहचान हैं, लेकिन अनुशासन और आपसी सम्मान के बिना उनका आनंद अधूरा है। प्रशासन और समाज के सहयोग से ही सुरक्षित और शांतिपूर्ण आयोजन संभव है।
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