#सिसई #बकरीद_पर्व : प्रशासन और समुदाय के लोगों ने भाईचारे के साथ त्योहार मनाने का लिया संकल्प।
आगामी बकरीद पर्व को शांतिपूर्ण और भाईचारे के साथ संपन्न कराने को लेकर सिसई थाना परिसर में शांति समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता एसडीपीओ सुरेश प्रसाद यादव ने की, जिसमें प्रशासनिक अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और विभिन्न समुदायों के लोगों ने भाग लिया। अधिकारियों ने सोशल मीडिया पर अफवाहों से बचने, धार्मिक भावनाओं का सम्मान करने और प्रशासन का सहयोग करने की अपील की।
- सिसई थाना परिसर में बकरीद को लेकर आयोजित हुई शांति समिति की बैठक।
- बैठक की अध्यक्षता एसडीपीओ सुरेश प्रसाद यादव ने की।
- प्रशासन ने लोगों से शांति और भाईचारे के साथ पर्व मनाने की अपील की।
- पशु बलि की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर साझा नहीं करने का निर्देश।
- ईद-उल-अधा की नमाज सुबह 6:30 बजे से 8:00 बजे के बीच होगी आयोजित।
- बैठक में कई जनप्रतिनिधि, पुलिस अधिकारी और समुदाय के लोग रहे मौजूद।
आगामी बकरीद पर्व को लेकर सिसई थाना परिसर में रविवार को शांति समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक का उद्देश्य पर्व को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराना था। कार्यक्रम की अध्यक्षता एसडीपीओ सुरेश प्रसाद यादव ने की। बैठक में पुलिस प्रशासन, जनप्रतिनिधियों, अंजुमन कमेटी के सदस्यों और विभिन्न समुदायों के लोगों ने भाग लिया। इस दौरान प्रशासन की ओर से पर्व के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने और सामाजिक सौहार्द कायम रखने को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
भाईचारे और सामाजिक सौहार्द के साथ पर्व मनाने की अपील
बैठक को संबोधित करते हुए एसडीपीओ सुरेश प्रसाद यादव ने कहा कि बकरीद का पर्व शांति, त्याग और भाईचारे का संदेश देता है। उन्होंने लोगों से अपील की कि त्योहार इस प्रकार मनाएं जिससे किसी दूसरे समुदाय की सामाजिक या धार्मिक भावनाओं को ठेस न पहुंचे।
उन्होंने कहा कि कुर्बानी के बाद निकलने वाले अवशिष्ट पदार्थों और कचरे का व्यवस्थित तरीके से निपटान किया जाए ताकि स्वच्छता और सामाजिक व्यवस्था बनी रहे।
एसडीपीओ सुरेश प्रसाद यादव ने कहा: “बकरीद पर्व आपसी भाईचारे और सौहार्द का प्रतीक है। सभी लोग जिम्मेदारी के साथ पर्व मनाएं तथा स्वच्छता और सामाजिक संवेदनशीलता का विशेष ध्यान रखें।”
ईद-उल-अधा को लेकर जारी किए गए दिशा-निर्देश
बैठक के दौरान अंजुमन फलाहुल मुस्लेमीन संगठन की ओर से ईद-उल-अधा को लेकर की गई तैयारियों की जानकारी साझा की गई। बताया गया कि आगामी ईद-उल-अधा के संबंध में चर्चा करने के लिए 20 मई 2026 को बैठक आयोजित की गई थी, जबकि अगली महत्वपूर्ण बैठक गुरुवार, 28 मई 2026 को निर्धारित की गई है।
घोषणा के अनुसार ईद की नमाज सुबह 6:30 बजे से 8:00 बजे के बीच सिसई क्षेत्र के 8 अलग-अलग मस्जिदों और ईदगाहों में अदा की जाएगी।
साथ ही प्रशासन की ओर से यह भी स्पष्ट किया गया कि पशु बलि की तस्वीरें या वीडियो सोशल मीडिया पर साझा करना प्रतिबंधित रहेगा। लोगों से अपील की गई कि वे सोशल मीडिया का जिम्मेदारी के साथ उपयोग करें।
सोशल मीडिया पर अफवाहों से बचने की अपील
थाना प्रभारी नीरज कुमार ने बैठक में उपस्थित लोगों से सोशल मीडिया पर फैलने वाली अफवाहों से सतर्क रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की भ्रामक सूचना या विवादित सामग्री को साझा करने से बचें।
थाना प्रभारी नीरज कुमार ने कहा: “अगर किसी प्रकार की अफवाह या संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिले तो तुरंत पुलिस प्रशासन को सूचित करें। शांति व्यवस्था बनाए रखने में प्रशासन का सहयोग करें।”
उन्होंने कहा कि पर्व के दौरान पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहेगा और संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी।
बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और समुदाय के लोग रहे मौजूद
बैठक में पुलिस निरीक्षक गुलशन भेंगरा, थाना प्रभारी नीरज कुमार, एसआई अजय कुमार, जिप सदस्य विजया लक्ष्मी कुमारी, अंजुमन सदर सलमान अली, जाकिर अली, मनोज वर्मा, नवल महतो, मुखिया सुनीता कुमारी, शकुंतला देवी, रेखा देवी, बिपिन बिहारी झा, कैप्टन लोहरा ओरांव, बिंदी उरांव, रोहित शर्मा, सूरज सिंह, श्रीकांत गिरी सहित बड़ी संख्या में समुदाय के लोग उपस्थित थे।
सभी ने पर्व को शांतिपूर्ण तरीके से मनाने और प्रशासन को सहयोग देने का भरोसा दिलाया। बैठक में सामाजिक एकता और आपसी सद्भाव बनाए रखने पर भी जोर दिया गया।
शांति समिति की बैठकों को बताया गया महत्वपूर्ण
बैठक में उपस्थित लोगों ने कहा कि शांति समिति की बैठकें समाज में संवाद और विश्वास को मजबूत करने का कार्य करती हैं। इससे प्रशासन और आम जनता के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होता है।
लोगों ने कहा कि त्योहार समाज को जोड़ने का अवसर होते हैं और सभी समुदायों को मिलकर सामाजिक सौहार्द को मजबूत करना चाहिए। बैठक में लोगों ने युवाओं से जिम्मेदारी के साथ सोशल मीडिया का उपयोग करने की भी अपील की।
न्यूज़ देखो: त्योहारों में जिम्मेदारी और संवेदनशीलता दोनों जरूरी
बकरीद जैसे धार्मिक पर्व समाज में भाईचारे और आपसी सम्मान का संदेश देते हैं। ऐसे समय में प्रशासन और समाज के लोगों के बीच संवाद बेहद जरूरी हो जाता है ताकि किसी भी प्रकार की गलतफहमी या विवाद की स्थिति उत्पन्न न हो। सिसई में आयोजित शांति समिति की बैठक सामाजिक समरसता और प्रशासनिक सतर्कता का सकारात्मक उदाहरण है। अब जरूरत इस बात की है कि सभी लोग जिम्मेदारी और संवेदनशीलता के साथ त्योहार मनाकर समाज में शांति और सौहार्द की परंपरा को मजबूत करें। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
मिलजुल कर मनाएं पर्व और बनाए रखें सामाजिक सद्भाव
त्योहार समाज को जोड़ने और प्रेम का संदेश फैलाने का सबसे बड़ा अवसर होते हैं। आपसी सम्मान और सहयोग से ही समाज में शांति और भाईचारा कायम रहता है। हर नागरिक की जिम्मेदारी है कि वह सामाजिक सौहार्द बनाए रखने में अपनी सकारात्मक भूमिका निभाए।
अफवाहों और भ्रामक संदेशों से दूर रहें। जिम्मेदारी के साथ सोशल मीडिया का उपयोग करें और अपने आसपास शांति का संदेश फैलाएं। अपनी राय कमेंट में जरूर साझा करें, खबर को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाएं और समाज में एकता और भाईचारे को मजबूत बनाएं।

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