जेएसएससी सीजीएल परीक्षा में पीयूष कुमार सिंह का चयन—बिश्रामपुर में खुशी की लहर

जेएसएससी सीजीएल परीक्षा में पीयूष कुमार सिंह का चयन—बिश्रामपुर में खुशी की लहर

author Ram Niwas Tiwary
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#पलामू #शैक्षणिक_सफलता : बिश्रामपुर प्रखंड के पहाड़गेडूआ निवासी पीयूष कुमार सिंह ने जेएसएससी सीजीएल में सफलता पाकर पूरे क्षेत्र का मान बढ़ाया
  • पीयूष कुमार सिंह, निवासी पहाड़गेडूआ, ने जेएसएससी सीजीएल परीक्षा में सफलता पाई।
  • चयन की सूचना मिलते ही गांव में खुशी की लहर, परिजनों ने जताई प्रसन्नता।
  • विजय रविदास और किशोर कुमार ने पीयूष को अंगवस्त्र व माला पहनाकर सम्मानित किया।
  • पीयूष की प्रारंभिक शिक्षा डाल्टनगंज, उच्च शिक्षा रांची में हुई।
  • पीयूष उप प्रमुख सत्येंद्र नारायण सिंह के भतीजे हैं—समारोह में बड़ी संख्या में ग्रामीणों की उपस्थिति।

विश्रामपुर (पलामू)। बिश्रामपुर प्रखंड के ग्राम पहाड़गेडूआ निवासी पीयूष कुमार सिंह ने जेएसएससी सीजीएल परीक्षा में उत्कृष्ट सफलता प्राप्त कर पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया है। जैसे ही उनके चयन की जानकारी गांव पहुंची, परिजनों और ग्रामीणों में खुशी की लहर दौड़ गई। बचपन से मेधावी रहे पीयूष की प्रारंभिक शिक्षा डाल्टनगंज जबकि उच्च शिक्षा रांची में पूर्ण हुई, जहां उन्होंने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी पर विशेष ध्यान दिया।

चयन के बाद घर में उमड़ा उल्लास

पीयूष के चयन की खबर मिलते ही घर पर बधाई देने वालों का तांता लग गया।
गांव के बुजुर्गों से लेकर युवा तक सभी ने उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
परिजनों ने कहा कि पीयूष हमेशा से अनुशासित और मेहनती छात्र रहे हैं।

जनप्रतिनिधियों ने किया सम्मान

बिश्रामपुर जिला परिषद सदस्य विजय रविदास और प्रखंड प्रमुख प्रतिनिधि किशोर कुमार पीयूष के पैतृक आवास पहुंचे और उन्हें अंगवस्त्र एवं माला पहनाकर सम्मानित किया।

विजय रविदास ने कहा: “युवा पीढ़ी को पीयूष से प्रेरणा लेकर अपने लक्ष्य की ओर निरंतर प्रयासरत रहना चाहिए।”
समाजसेवी किशोर कुमार ने कहा: “मेहनत का फल हमेशा मीठा होता है, पीयूष की सफलता इसका प्रमाण है।”

बताया गया कि पीयूष प्रखंड उप प्रमुख सत्येंद्र नारायण सिंह के भतीजे हैं, जिसके कारण प्रखंड स्तर पर भी खुशी का माहौल है।
सम्मान समारोह में महेंद्र सिंह, अभिमन्यु सिंह, रवि सिंह, मिथिलेश सिंह, देवेंद्र सिंह, कारू सिंह सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे।

क्षेत्र में बना उत्साह और प्रेरणा का माहौल

पीयूष की सफलता ने न केवल उनके परिवार, बल्कि पूरे क्षेत्र को गर्व से भर दिया है।
ग्रामीणों का कहना है कि उनकी उपलब्धि युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी।
अब कई प्रतियोगी छात्र पीयूष की सफलता को अपना लक्ष्य बनाकर और अधिक मेहनत करने की बात कह रहे हैं।

न्यूज़ देखो: युवा प्रतिभाओं को पहचान मिलना समाज की प्रगति का संकेत

पीयूष की सफलता दिखाती है कि ग्रामीण क्षेत्रों में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है—जरूरत केवल अवसर और सही मार्गदर्शन की है।
जनप्रतिनिधियों द्वारा सम्मान से यह संदेश भी गया कि समाज अपनी युवा उपलब्धियों को सराहता और प्रोत्साहित करता है।
ऐसी सफलताएँ क्षेत्र की शिक्षा व्यवस्था और प्रतियोगी माहौल को मजबूत बनाती हैं।
हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

सपनों को लक्ष्य बनाएं—मेहनत को आदत

पीयूष की उपलब्धि यह साबित करती है कि निरंतर प्रयास, अनुशासन और दृढ़ इच्छाशक्ति किसी भी सफलता की कुंजी है।
आज का युवा यदि सही दिशा में प्रयास करे तो किसी भी परीक्षा में शीर्ष स्थान पाना मुश्किल नहीं।
अपने बच्चों और छात्रों को प्रेरित करें कि वे हार नहीं मानें, हर चुनौती उनका अनुभव बढ़ाती है।
क्या आपके क्षेत्र में भी कोई युवा प्रतिभा उभर रही है?
कमेंट में बताएं, इस प्रेरणादायी खबर को साझा करें और सकारात्मक ऊर्जा फैलाएं।

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Written by

बिश्रामपुर, पलामू

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