
#पलामू #कराटे_एकेडमी : द कराटे एकेडमी के खिलाड़ियों को राष्ट्रीय उपलब्धियों पर मिला सम्मान।
पलामू पुलिस लाइन परिसर में द कराटे एकेडमी से जुड़े राष्ट्रीय स्तर के पदक विजेता खिलाड़ियों को सम्मानित किया गया। झारखंड के वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर और पलामू एसपी रेशमा रमेशन ने खिलाड़ियों को उनके उत्कृष्ट खेल प्रदर्शन के लिए सम्मान प्रदान किया। इस दौरान खेलो इंडिया और एसजीएफआई में पदक जीतने वाले कराटे खिलाड़ियों को विशेष प्रोत्साहन मिला। यह आयोजन द कराटे एकेडमी की जिले में खेल प्रतिभा निर्माण की भूमिका को रेखांकित करता है।
- द कराटे एकेडमी, पलामू के खिलाड़ियों को मिला राज्यस्तरीय सम्मान।
- वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर ने कराटे खिलाड़ियों का बढ़ाया मनोबल।
- एसपी रेशमा रमेशन ने अनुशासन और मेहनत की सराहना की।
- काजल कुमारी को खेलो इंडिया स्वर्ण पदक हेतु विशेष सम्मान।
- जीत तिवारी को एसजीएफआई कांस्य पदक विजेता के रूप में सम्मान।
- पुलिस लाइन परिसर में गरिमामय सम्मान समारोह का आयोजन।
पलामू जिले में कराटे खेल को नई पहचान दिलाने वाली द कराटे एकेडमी के खिलाड़ियों के लिए आज का दिन ऐतिहासिक रहा। पुलिस लाइन परिसर में आयोजित सम्मान समारोह में उन खिलाड़ियों को मंच पर बुलाकर सम्मानित किया गया, जिन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतकर न केवल अपने प्रशिक्षकों बल्कि पूरे जिले का नाम रोशन किया है। यह आयोजन जिले में खेल संस्कृति को मजबूती देने की दिशा में एक ठोस कदम के रूप में देखा जा रहा है।
द कराटे एकेडमी का योगदान बना आयोजन का केंद्र
इस सम्मान समारोह का मुख्य केंद्र द कराटे एकेडमी, पलामू रही, जिसने वर्षों से जिले में कराटे प्रशिक्षण को नई दिशा दी है। सीमित संसाधनों के बावजूद एकेडमी ने अनुशासन, तकनीकी दक्षता और मानसिक मजबूती के बल पर खिलाड़ियों को राष्ट्रीय मंच तक पहुंचाया है। आज सम्मानित हुए खिलाड़ी इसी निरंतर प्रशिक्षण और समर्पण का परिणाम हैं।
राष्ट्रीय स्तर के पदक विजेता बने प्रेरणा स्रोत
समारोह में काजल कुमारी, जो खेलो इंडिया में स्वर्ण पदक विजेता रह चुकी हैं, को विशेष सम्मान प्रदान किया गया। वहीं जीत तिवारी, जिन्होंने एसजीएफआई प्रतियोगिता में कांस्य पदक हासिल किया, उन्हें भी मंच पर सम्मानित किया गया। दोनों खिलाड़ी द कराटे एकेडमी की प्रशिक्षण प्रणाली और अनुशासन का जीवंत उदाहरण हैं।
वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर ने एकेडमी की भूमिका को सराहा
सम्मान समारोह में उपस्थित झारखंड के वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर ने द कराटे एकेडमी के कार्यों की विशेष प्रशंसा की। उन्होंने कहा:
राधा कृष्ण किशोर ने कहा: “द कराटे एकेडमी जैसे संस्थान ही जिले के युवाओं को राष्ट्रीय पहचान दिला रहे हैं। सरकार खिलाड़ियों और ऐसी प्रशिक्षण संस्थाओं को हरसंभव सहयोग देने के लिए प्रतिबद्ध है।”
उन्होंने खिलाड़ियों से निरंतर अभ्यास, अनुशासन और आत्मविश्वास बनाए रखने का आह्वान किया।
एसपी रेशमा रमेशन ने अनुशासन को बताया सफलता की कुंजी
पलामू एसपी रेशमा रमेशन ने कराटे खिलाड़ियों की मेहनत और संयम की सराहना करते हुए कहा:
रेशमा रमेशन ने कहा: “द कराटे एकेडमी ने खिलाड़ियों में जो अनुशासन और आत्मबल विकसित किया है, वही उनकी सफलता का आधार है।”
उन्होंने कहा कि पुलिस प्रशासन युवाओं को खेलों से जोड़ने और सकारात्मक दिशा देने के लिए आगे भी सहयोग करता रहेगा।
पुलिस लाइन परिसर में गरिमामय माहौल
पुलिस लाइन परिसर में आयोजित इस समारोह में खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों और अभिभावकों की उपस्थिति ने आयोजन को भावनात्मक और प्रेरणादायी बना दिया। द कराटे एकेडमी से जुड़े अन्य खिलाड़ियों ने भी समारोह में भाग लिया और अपने वरिष्ठ साथियों से प्रेरणा प्राप्त की। आयोजन के दौरान खेलों को करियर के रूप में अपनाने पर भी सकारात्मक चर्चा हुई।
द कराटे एकेडमी बनी जिले की पहचान
द कराटे एकेडमी, पलामू आज केवल एक प्रशिक्षण केंद्र नहीं, बल्कि जिले की खेल पहचान बन चुकी है। यहां से निकले खिलाड़ी राष्ट्रीय और राज्य स्तर पर पदक जीतकर लौट रहे हैं। एकेडमी का उद्देश्य केवल पदक जीतना नहीं, बल्कि युवाओं को अनुशासन, आत्मरक्षा और आत्मनिर्भरता की ओर प्रेरित करना है।

न्यूज़ देखो: द कराटे एकेडमी क्यों है पलामू के लिए महत्वपूर्ण
यह आयोजन साफ दर्शाता है कि द कराटे एकेडमी जैसे संस्थान जिले के युवाओं को सही मंच और मार्गदर्शन दे रहे हैं। खिलाड़ियों का सम्मान न केवल व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि खेल संस्थानों की मेहनत की भी पहचान है। अब सवाल यह है कि क्या ऐसी एकेडमियों को और संसाधन व सुविधाएं मिलेंगी ताकि अधिक प्रतिभाएं आगे आ सकें। खेलों में निवेश और संरचना को लेकर प्रशासन की भूमिका आने वाले समय में निर्णायक होगी। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
कराटे से आत्मविश्वास, अनुशासन से पहचान
द कराटे एकेडमी के खिलाड़ियों की सफलता यह साबित करती है कि सही प्रशिक्षण से कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं। खेल युवाओं को न केवल शारीरिक बल्कि मानसिक रूप से भी सशक्त बनाते हैं। समाज और प्रशासन का सहयोग मिलने पर प्रतिभाएं और निखरती हैं।
यदि आपके क्षेत्र में भी कोई खेल प्रतिभा है, तो उसे आगे बढ़ने का अवसर दें। इस खबर पर अपनी राय कमेंट करें, लेख साझा करें और खेलों के प्रति सकारात्मक सोच को आगे बढ़ाएं।







