
#सिमडेगा #पुलिस_कार्रवाई : रोड निर्माण कंपनी कैम्प में आगजनी साजिश—कई आरोपी गिरफ्तार।
सिमडेगा जिले के जलडेगा थाना क्षेत्र में रोड निर्माण कंपनी के कैम्प में आगजनी की साजिश का पुलिस ने खुलासा किया है। पीएलएफआई के नाम पर लेवी वसूली के प्रयास में अपराधियों ने वाहन जलाने की कोशिश की थी। पुलिस ने अब तक 12 से अधिक आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा है। मामले में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
- SMRV JV कंपनी कैम्प में आगजनी की साजिश का खुलासा।
- पीएलएफआई के नाम पर लेवी वसूली का प्रयास।
- अब तक 9 आरोपी पहले, 3 और गिरफ्तार।
- आरोपियों पर हथियार सप्लाई और साजिश रचने का आरोप।
- पुलिस ने मामला दर्ज कर लगातार छापेमारी अभियान चलाया।
सिमडेगा जिले के जलडेगा थाना क्षेत्र में रोड निर्माण कार्य कर रही कंपनी के कैम्प में आगजनी की साजिश का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। लचड़ागढ़ से ओड़गा रोड तक निर्माण कार्य कर रही SMRV JV (DB) कंपनी के अस्थायी कैम्प कारीमाटी पांगुर में 25-26 जनवरी की रात अज्ञात अपराधियों द्वारा वाहन में आग लगाने का प्रयास किया गया था।
इस घटना के पीछे पीएलएफआई संगठन के नाम पर लेवी वसूली की साजिश सामने आई है। पुलिस ने इस मामले में अब तक कई आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
कैम्प में आगजनी की कोशिश
घटना के दौरान अपराधियों ने कैम्प में खड़े वाहनों को निशाना बनाया और उन्हें जलाने की कोशिश की। साथ ही मौके पर पीएलएफआई संगठन के नाम का बैनर भी लगाया गया, जिससे क्षेत्र में भय का माहौल बनाया जा सके।
इस मामले में जलडेगा थाना कांड संख्या 05/26 दर्ज किया गया, जिसमें विभिन्न धाराओं के तहत कार्रवाई की गई।
पुलिस ने गठित की विशेष टीम
घटना के उद्भेदन के लिए सिमडेगा पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। टीम ने लगातार छापेमारी अभियान चलाकर पहले 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया।
इसके बाद 29 मार्च 2026 को मामले में शामिल तीन और आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान
गिरफ्तार तीनों आरोपियों की पहचान इस प्रकार हुई है—
1. सुनील उरांव (24 वर्ष)
पिता – चमरू उरांव
निवासी – खरवाकोचा, बड़ागाई, थाना सदर, जिला रांची
2. सुबोध बड़ाईक (31 वर्ष)
पिता – लालू बड़ाईक
निवासी – अलिंगगुड़, रंगिया डीपा, थाना बोलबा, जिला सिमडेगा
3. शिवा सिंह (27 वर्ष)
पिता – स्व. समलु सिंह
निवासी – बेलासिंयां जराकेल, थाना रनिया, जिला खूंटी
आपराधिक इतिहास भी सामने आया
पुलिस जांच में सामने आया कि तीनों आरोपी पहले भी कई गंभीर मामलों में शामिल रहे हैं। इनके खिलाफ हत्या के प्रयास, लूट, हथियार अधिनियम और आपराधिक साजिश जैसे कई मामले दर्ज हैं।
साजिश और हथियार सप्लाई में भूमिका
अनुसंधान में यह भी खुलासा हुआ कि ये तीनों आरोपी घटना की साजिश रचने में शामिल थे। ये लोग क्षेत्र में हथियार सप्लाई करने के साथ-साथ ठेकेदारों और अन्य लोगों के मोबाइल नंबर जुटाकर अपराधियों को उपलब्ध कराते थे।
पुलिस अधिकारियों ने बताया: “गिरफ्तार आरोपियों की भूमिका लेवी वसूली और भय का माहौल बनाने में अहम थी।”
जांच जारी, और गिरफ्तारी संभव
पुलिस का कहना है कि मामले में अन्य आरोपियों की तलाश जारी है और जल्द ही और गिरफ्तारियां हो सकती हैं। इस कार्रवाई से क्षेत्र में सक्रिय आपराधिक नेटवर्क पर भी असर पड़ने की उम्मीद है।
न्यूज़ देखो: सख्त कार्रवाई से ही रुकेगा लेवी का खेल
सिमडेगा में पुलिस की इस कार्रवाई ने यह स्पष्ट कर दिया है कि लेवी और उग्रवादी गतिविधियों के खिलाफ प्रशासन अब सख्त रुख अपना रहा है। हालांकि, यह भी जरूरी है कि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए लगातार निगरानी और ठोस रणनीति बनाई जाए। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
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