पीएम श्री जवाहर नवोदय विद्यालय ने रचा इतिहास, सीबीएसई कक्षा 10 में 100 प्रतिशत परिणाम से झारखंड में बनाई पहचान

पीएम श्री जवाहर नवोदय विद्यालय ने रचा इतिहास, सीबीएसई कक्षा 10 में 100 प्रतिशत परिणाम से झारखंड में बनाई पहचान

author Birendra Tiwari
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#झारखंडशिक्षा #नवोदयसफलता : सीबीएसई 10वीं परीक्षा में विद्यालय ने शत-प्रतिशत सफलता हासिल की।

पीएम श्री जवाहर नवोदय विद्यालय में 15 अप्रैल 2026 को सीबीएसई कक्षा 10वीं का परिणाम घोषित हुआ, जिसमें विद्यालय ने 100 प्रतिशत सफलता दर्ज की। कुल 83 छात्र-छात्राओं ने परीक्षा में भाग लिया और सभी सफल रहे। यह उपलब्धि झारखंड में विद्यालय की शैक्षणिक गुणवत्ता को दर्शाती है। छात्रों और शिक्षकों की मेहनत का यह परिणाम क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।

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  • पीएम श्री जवाहर नवोदय विद्यालय में 100 प्रतिशत परिणाम दर्ज।
  • कुल 83 छात्र-छात्राओं ने परीक्षा दी और सभी सफल रहे।
  • कुणाल कुमार दास ने 91.8% अंक के साथ पहला स्थान प्राप्त किया।
  • अर्चना प्रधान ने 88.6% अंक के साथ दूसरा स्थान हासिल किया।
  • निर्जरा कुमारी ने 88.4% अंक के साथ तीसरा स्थान प्राप्त किया।
  • प्राचार्य संजय कुमार सिन्हा और परीक्षा प्रभारी दीप्ति यादव ने दी बधाई।

पीएम श्री जवाहर नवोदय विद्यालय ने एक बार फिर अपनी शैक्षणिक उत्कृष्टता का परिचय देते हुए सीबीएसई कक्षा 10वीं परीक्षा में शानदार प्रदर्शन किया है। 15 अप्रैल 2026 को घोषित परिणाम में विद्यालय ने 100 प्रतिशत सफलता प्राप्त की, जिससे पूरे झारखंड में उसकी प्रतिष्ठा और मजबूत हुई है। इस वर्ष परीक्षा में शामिल सभी 83 छात्र-छात्राएं सफल रहे, जो संस्थान की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा व्यवस्था को दर्शाता है।

शानदार परिणाम से बढ़ी विद्यालय की प्रतिष्ठा

विद्यालय का यह परिणाम न केवल छात्रों की मेहनत का प्रमाण है, बल्कि शिक्षकों की निरंतर मार्गदर्शन और अनुशासन का भी परिणाम है। 100 प्रतिशत सफलता हासिल करना किसी भी शैक्षणिक संस्थान के लिए बड़ी उपलब्धि होती है और यह पीएम श्री जवाहर नवोदय विद्यालय के समर्पण को दर्शाता है।

इस उपलब्धि के साथ विद्यालय ने झारखंड में अपनी एक अलग पहचान बनाई है। शिक्षा के क्षेत्र में यह प्रदर्शन अन्य विद्यालयों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बन सकता है।

टॉपर्स ने किया विद्यालय का नाम रोशन

इस वर्ष के परिणाम में कई छात्रों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। कुणाल कुमार दास ने 91.8 प्रतिशत अंक प्राप्त कर विद्यालय में प्रथम स्थान हासिल किया। उनके बाद अर्चना प्रधान ने 88.6 प्रतिशत अंक के साथ दूसरा स्थान प्राप्त किया, जबकि निर्जरा कुमारी ने 88.4 प्रतिशत अंक के साथ तीसरा स्थान प्राप्त किया।

इन छात्रों की सफलता ने यह साबित किया है कि समर्पण और सही मार्गदर्शन से किसी भी लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है। उनके इस प्रदर्शन से अन्य छात्रों को भी प्रेरणा मिलेगी।

प्राचार्य और शिक्षकों ने दी बधाई

विद्यालय के प्राचार्य संजय कुमार सिन्हा ने इस अवसर पर सभी सफल छात्र-छात्राओं को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने इस सफलता का श्रेय पूरे नवोदय परिवार—शिक्षकों, अभिभावकों और कर्मचारियों—को दिया।

संजय कुमार सिन्हा ने कहा: “यह सफलता छात्रों की कड़ी मेहनत और शिक्षकों के समर्पित प्रयासों का परिणाम है। हमें अपने विद्यार्थियों पर गर्व है।”

परीक्षा प्रभारी दीप्ति यादव ने भी छात्रों को बधाई देते हुए उनके प्रयासों की सराहना की।

दीप्ति यादव ने कहा: “यह परिणाम विद्यार्थियों की निरंतर मेहनत और शिक्षकों के मार्गदर्शन का प्रतिफल है, जो भविष्य में भी इसी तरह उत्कृष्ट प्रदर्शन करेंगे।”

विद्यालय परिसर में जश्न का माहौल

जैसे ही परिणाम घोषित हुआ, पूरे विद्यालय परिसर में खुशी की लहर दौड़ गई। छात्र-छात्राओं और शिक्षकों ने एक-दूसरे को बधाई दी और इस सफलता का जश्न मनाया। विद्यालय का वातावरण उत्साह और गर्व से भर गया।

इस अवसर पर छात्रों के चेहरे पर आत्मविश्वास और खुशी साफ दिखाई दे रही थी। यह सफलता न केवल उनके लिए, बल्कि उनके परिवार और पूरे क्षेत्र के लिए गर्व का विषय बन गई है।

न्यूज़ देखो: शिक्षा में अनुशासन और समर्पण की जीत

यह खबर स्पष्ट करती है कि यदि सही दिशा, अनुशासन और समर्पण हो, तो सरकारी विद्यालय भी उत्कृष्ट परिणाम दे सकते हैं। पीएम श्री जवाहर नवोदय विद्यालय का यह प्रदर्शन शिक्षा व्यवस्था के सकारात्मक पक्ष को उजागर करता है। यह सवाल भी उठता है कि क्या अन्य विद्यालय भी इस मॉडल को अपनाकर अपनी गुणवत्ता सुधार सकते हैं। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

मेहनत और मार्गदर्शन से ही बनता है सफलता का रास्ता

इस सफलता ने यह साबित कर दिया है कि निरंतर प्रयास, अनुशासन और सही मार्गदर्शन से किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है। यह उपलब्धि हर छात्र और अभिभावक के लिए प्रेरणा है कि वे शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दें और अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहें।

आज जरूरत है कि समाज मिलकर शिक्षा के स्तर को और मजबूत बनाए, ताकि हर बच्चा अपने सपनों को साकार कर सके। विद्यालय, शिक्षक और अभिभावक मिलकर ही एक बेहतर भविष्य का निर्माण कर सकते हैं।

आप भी इस प्रेरणादायक सफलता से सीख लें, अपने आसपास के छात्रों को प्रोत्साहित करें और शिक्षा के महत्व को समझें

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Written by

सिमडेगा

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