न्यायालय के आदेश पर फरार अभियुक्त के घर पहुंची पुलिस, मैक्लुस्कीगंज थाना ने किया इश्तहार तामिला

न्यायालय के आदेश पर फरार अभियुक्त के घर पहुंची पुलिस, मैक्लुस्कीगंज थाना ने किया इश्तहार तामिला

author Jitendra Giri
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#खलारी #न्यायिक_कार्रवाई : लातेहार के हेसला बंझीटोला गांव में न्यायालय निर्देश पर इश्तहार चस्पा किया गया।

मैक्लुस्कीगंज थाना पुलिस ने न्यायालय के आदेश के अनुपालन में नामजद अभियुक्त रविंद्र गंझू उर्फ रविंद्र जी के विरुद्ध इश्तहार तामिला की कार्रवाई की। यह कार्रवाई लातेहार जिले के हेसला बंझीटोला स्थित उसके पैतृक आवास पर की गई, जहां पुलिस ने ढोल-नगाड़ा बजाकर न्यायालय का आदेश सार्वजनिक रूप से सुनाया। पुलिस ने अभियुक्त को निर्धारित अवधि के भीतर न्यायालय में उपस्थित होने की चेतावनी भी दी है।

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  • मैक्लुस्कीगंज थाना कांड संख्या 36/22 के नामजद अभियुक्त के विरुद्ध इश्तहार तामिला की कार्रवाई।
  • रविंद्र गंझू उर्फ रविंद्र जी के पैतृक घर पर ढोल-नगाड़ा बजाकर न्यायालय का आदेश चस्पा किया गया।
  • मामला 03 अक्टूबर 2022 को दर्ज कांड से जुड़ा है।
  • अभियुक्त पर आईपीसी की धारा 387, 447, 435, 34 एवं 17 सीएलए एक्ट के तहत मामला दर्ज है।
  • गांव के सार्वजनिक स्थलों और चौक-चौराहों पर भी इश्तहार लगाया गया।
  • निर्धारित अवधि में न्यायालय में उपस्थित नहीं होने पर आगे कानूनी कार्रवाई की चेतावनी।

न्यायालय के निर्देशों के अनुपालन में मैक्लुस्कीगंज थाना पुलिस ने एक महत्वपूर्ण कानूनी कार्रवाई करते हुए नामजद अभियुक्त रविंद्र गंझू उर्फ रविंद्र जी के विरुद्ध इश्तहार तामिला किया। यह कार्रवाई लातेहार जिले के चंदवा थाना क्षेत्र अंतर्गत हेसला बंझीटोला गांव में की गई। पुलिस की इस कार्रवाई का उद्देश्य अभियुक्त को न्यायालय के समक्ष उपस्थित होने की अंतिम सूचना देना था।

पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई के दौरान स्थानीय ग्रामीणों, परिजनों और पुलिस बल की मौजूदगी में विधिवत इश्तहार चस्पा किया गया तथा न्यायालय के आदेश को सार्वजनिक रूप से पढ़कर सुनाया गया।

वर्ष 2022 के दर्ज मामले से जुड़ा है प्रकरण

जानकारी के अनुसार अभियुक्त रविंद्र गंझू उर्फ रविंद्र जी मैक्लुस्कीगंज थाना कांड संख्या 36/22 का नामजद आरोपी है। यह मामला 03 अक्टूबर 2022 को दर्ज किया गया था।

उसके विरुद्ध भारतीय दंड संहिता की धारा 387 (जबरन वसूली के लिए डराना-धमकाना), 447 (अवैध प्रवेश), 435 (आगजनी से नुकसान पहुंचाना), 34 (सामूहिक आपराधिक कृत्य) तथा 17 सीएलए एक्ट के तहत मामला दर्ज है।

मामले की जांच और न्यायिक प्रक्रिया के दौरान अभियुक्त के न्यायालय में उपस्थित नहीं होने के कारण यह कार्रवाई की गई।

ढोल-नगाड़ा बजाकर किया गया इश्तहार तामिला

न्यायालय द्वारा जारी आदेश के तहत पुलिस टीम हेसला बंझीटोला गांव पहुंची और पारंपरिक तरीके से ढोल-नगाड़ा बजाकर इश्तहार तामिला की प्रक्रिया पूरी की।

इस दौरान अभियुक्त के पैतृक आवास पर इश्तहार चस्पा किया गया। साथ ही गांव के प्रमुख चौक-चौराहों, सार्वजनिक स्थलों और लोगों की आवाजाही वाले स्थानों पर भी इश्तहार लगाए गए ताकि अधिक से अधिक लोगों को इसकी जानकारी मिल सके।

पुलिस अधिकारियों ने ग्रामीणों की मौजूदगी में न्यायालय के आदेश का सार्वजनिक रूप से प्रचार-प्रसार भी किया।

न्यायालय में उपस्थित होने की दी गई सूचना

मैक्लुस्कीगंज थाना पुलिस ने स्पष्ट किया कि इश्तहार तामिला का उद्देश्य अभियुक्त को न्यायालय के समक्ष उपस्थित होने का अंतिम अवसर प्रदान करना है।

थाना प्रभारी धन्नजय बैठा ने कहा, “न्यायालय के निर्देशानुसार यह कार्रवाई की गई है। इश्तहार के माध्यम से अभियुक्त को निर्धारित अवधि के भीतर न्यायालय के समक्ष उपस्थित होने की सूचना दी गई है। यदि वह तय समय सीमा के भीतर उपस्थित नहीं होता है तो उसके विरुद्ध कानून के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।”

उन्होंने बताया कि न्यायालय के आदेशों का पालन सुनिश्चित करना पुलिस की जिम्मेदारी है और इस दिशा में सभी आवश्यक कानूनी प्रक्रियाएं अपनाई जा रही हैं।

ग्रामीणों और परिजनों की मौजूदगी में हुई कार्रवाई

इश्तहार तामिला के दौरान स्थानीय ग्रामीणों एवं अभियुक्त के परिजन भी मौजूद रहे। पुलिस ने पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी तरीके से संपन्न किया ताकि किसी प्रकार का विवाद उत्पन्न न हो।

कार्रवाई के दौरान एसआई बिरजू प्रसाद, पुलिस बल के जवान, ग्रामीण तथा अभियुक्त के परिजन उपस्थित रहे।

पुलिस अधिकारियों ने ग्रामीणों को भी न्यायालयी प्रक्रिया और इश्तहार तामिला के महत्व के बारे में जानकारी दी।

कानूनी प्रक्रिया में इश्तहार तामिला का महत्व

किसी अभियुक्त के न्यायालय में लगातार अनुपस्थित रहने की स्थिति में न्यायालय उसके विरुद्ध इश्तहार जारी कर सकता है। यह प्रक्रिया अभियुक्त को सार्वजनिक रूप से सूचना देने और उसे न्यायालय के समक्ष उपस्थित होने का अवसर प्रदान करने के लिए अपनाई जाती है।

यदि इश्तहार जारी होने के बाद भी अभियुक्त न्यायालय में उपस्थित नहीं होता, तो उसके विरुद्ध आगे की कानूनी कार्रवाई जैसे कुर्की-जब्ती या अन्य न्यायिक उपाय किए जा सकते हैं।

इस प्रकार की कार्रवाई न्यायिक व्यवस्था में जवाबदेही और कानून के शासन को सुनिश्चित करने का महत्वपूर्ण माध्यम मानी जाती है।

न्यूज़ देखो: कानून से बचना आसान नहीं

मैक्लुस्कीगंज थाना द्वारा की गई यह कार्रवाई दर्शाती है कि न्यायालय के आदेशों के अनुपालन में पुलिस लगातार सक्रिय है। इश्तहार तामिला केवल एक औपचारिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि न्यायिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिसके माध्यम से फरार या अनुपस्थित अभियुक्तों को कानूनी दायरे में लाने का प्रयास किया जाता है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि संबंधित अभियुक्त निर्धारित समय सीमा के भीतर न्यायालय के समक्ष उपस्थित होता है या नहीं। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

कानून का सम्मान ही सुरक्षित समाज की पहचान

न्यायिक प्रक्रिया में सहयोग करना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है।

कानून का पालन केवल दंड से बचने के लिए नहीं, बल्कि एक बेहतर और सुरक्षित समाज के निर्माण के लिए भी आवश्यक है।

न्याय व्यवस्था तभी मजबूत होती है जब नागरिक और संस्थाएं दोनों अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करें।

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Written by

खलारी, रांची

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