
खूँटी, 12 दिसंबर 2024: पुलिस अधीक्षक, खूँटी के नेतृत्व में आज खटखुरा पंचायत (केनबांकी गाँव) और ताम्बा पंचायत (चाईबासा जिला के सीमावर्ती क्षेत्र) में एक महत्वपूर्ण जागरूकता बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में खटखुरा गाँव की मुखिया मंजू सुरीन, ग्राम प्रधान सोमा मुंडा, ताम्बा पंचायत की मुखिया सुषमा डहंगा, वार्ड मेंबर, ग्रामीण और अन्य पंचायत प्रतिनिधि उपस्थित थे।
बैठक का मुख्य उद्देश्य स्थानीय नागरिकों को कानून और सुरक्षा के प्रति जागरूक करना था। पुलिस ने विशेष रूप से नक्सल और उग्रवादी गतिविधियों के खिलाफ चलाए जा रहे सेंद्रा अभियान के बारे में जानकारी दी। पुलिस अधिकारियों ने ग्रामीणों से अनुरोध किया कि यदि वे उग्रवादियों या अपराधियों के बारे में किसी जानकारी से अवगत हों या ऐसे किसी अपराधी को पकड़े, तो वे तुरन्त पुलिस से संपर्क करें।
बैठक में यह भी बताया गया कि उग्रवादियों द्वारा हत्या जैसे मामलों में शामिल न होने की अपील की गई और यह सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाए गए कि कोई भी मादक पदार्थों की खेती न करे, क्योंकि इससे गंभीर कानूनी कार्रवाई हो सकती है। इसके अलावा, पुलिस अधिकारियों ने डायन प्रथा, बाल मजदूरी, बाल व्यापार और यातायात नियमों का पालन करने जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी चर्चा की।
बैठक में स्थानीय पुलिस प्रशासन ने साइबर ठगी और अन्य आपराधिक गतिविधियों के प्रति नागरिकों को सचेत किया। डायल-112 पर संपर्क करके नागरिक अपनी समस्याओं और शिकायतों का समाधान कर सकते हैं।
समाज के साथ साझेदारी:
इस बैठक में खिरिस्टोफर केरकेटा, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, तोरपा, अशोक कुमार सिंह, पुलिस निरीक्षक, तोरपा अंचल और विकास कुमार जायसवाल, थाना प्रभारी, रानिया भी उपस्थित थे। इन अधिकारियों ने पुलिस और जनता के बीच बेहतर संवाद और विश्वास स्थापित करने के लिए ग्रामीणों से सुझाव प्राप्त किए और उनकी समस्याओं को सुनकर समाधान प्रदान करने का वादा किया।

पुलिस और जनता के बीच बेहतर संबंध:
इस बैठक का उद्देश्य केवल कानूनी प्रावधानों के बारे में जानकारी देना नहीं था, बल्कि पुलिस और जनता के बीच विश्वास को भी मजबूत करना था। पुलिस द्वारा की जा रही इस पहल को ग्रामीणों ने सराहा, और यह इस बात का प्रतीक है कि जब तक पुलिस और नागरिक मिलकर काम करते हैं, तब तक समाज में शांति और सुरक्षा बनी रह सकती है।
इस जागरूकता अभियान का असर देखने को मिला है, और आने वाले समय में पुलिस प्रशासन और ग्रामीणों के बीच और भी बेहतर सहयोग की उम्मीद जताई जा रही है।