
#पलामू #नशा_मुक्ति : अफीम की खेती और तस्करी पर रोक को लेकर थाना प्रभारी की सख्त चेतावनी।
पलामू जिले के पिपरटांड थाना क्षेत्र में अफीम की खेती और अवैध तस्करी के खिलाफ पुलिस प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। थाना प्रभारी निलेश कुमार ने स्पष्ट किया कि नशे के कारोबार में संलिप्त लोगों के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस की नीति लागू की जाएगी। पुलिस द्वारा विशेष छापेमारी अभियान की तैयारी की जा रही है और खुफिया तंत्र को सक्रिय कर दिया गया है। यह पहल क्षेत्र में अपराध नियंत्रण और नशामुक्त समाज के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
- पिपरटांड थाना क्षेत्र में अफीम तस्करों के खिलाफ सख्त अभियान की घोषणा।
- थाना प्रभारी निलेश कुमार ने अपनाई जीरो टॉलरेंस नीति।
- अफीम की खेती और अवैध व्यापार पर पूरी तरह रोक का संकल्प।
- बिचौलियों और दलालों से दूर रहने की ग्रामीणों से अपील।
- सीधे थाना प्रभारी से संपर्क करने का आग्रह।
पलामू जिले के पिपरटांड थाना क्षेत्र में अफीम की अवैध खेती और इसके तस्करी नेटवर्क को समाप्त करने के लिए पुलिस प्रशासन ने निर्णायक कदम उठाने का संकेत दिया है। थाना प्रभारी निलेश कुमार ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अब इस अवैध कारोबार में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस का उद्देश्य केवल अपराधियों को पकड़ना नहीं, बल्कि क्षेत्र को नशामुक्त बनाना भी है।
अफीम तस्करों के खिलाफ विशेष छापेमारी अभियान
थाना प्रभारी निलेश कुमार ने जानकारी दी कि पुलिस प्रशासन जल्द ही अफीम तस्करों के नेटवर्क को तोड़ने के लिए विशेष छापेमारी अभियान शुरू करेगा। इसके लिए खुफिया तंत्र को पूरी तरह सक्रिय कर दिया गया है। संभावित ठिकानों, खेतों और तस्करी से जुड़े मार्गों की पहचान की जा रही है।
थाना प्रभारी निलेश कुमार ने कहा:
“अफीम की खेती और तस्करी न केवल कानूनन अपराध है, बल्कि यह हमारी युवा पीढ़ी को भी खोखला कर रही है। इसमें शामिल किसी भी व्यक्ति के साथ सख्ती से निपटा जाएगा।”
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पुलिस किसी दबाव या सिफारिश में नहीं आएगी और कानून के अनुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
नशे से बर्बाद हो रही युवा पीढ़ी
पुलिस प्रशासन का मानना है कि अफीम और अन्य मादक पदार्थों की तस्करी से क्षेत्र के युवाओं का भविष्य अंधकारमय हो रहा है। नशे की लत अपराध, बेरोजगारी और सामाजिक विघटन को जन्म देती है। इसी को ध्यान में रखते हुए पुलिस नशा कारोबार पर पूरी तरह लगाम लगाने की दिशा में काम कर रही है।
बिचौलियों और दलालों से सतर्क रहने की अपील
थाना प्रभारी ने ग्रामीणों को विशेष रूप से बिचौलियों और दलालों से सावधान रहने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि कई बार कुछ असामाजिक तत्व पुलिस का नाम लेकर ग्रामीणों को डराते हैं या समस्याओं के समाधान के नाम पर अवैध वसूली करते हैं।
निलेश कुमार ने कहा:
“ग्रामीण किसी भी दलाल के झांसे में न आएं। जो भी समस्या हो, सीधे थाना प्रभारी से मिलें। पुलिस जनता की सेवा के लिए है, न कि शोषण के लिए।”
उन्होंने भरोसा दिलाया कि थाना स्तर पर ही ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान किया जाएगा।
पुलिस और जनता के बीच भरोसा जरूरी
पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया कि अपराध नियंत्रण तभी संभव है जब जनता और पुलिस के बीच भरोसा हो। ग्रामीणों से अपील की गई कि वे अफीम की खेती या तस्करी से जुड़ी किसी भी जानकारी को गोपनीय रूप से पुलिस तक पहुंचाएं। सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह सुरक्षित रखी जाएगी।
अपराधमुक्त और नशामुक्त क्षेत्र की पहल
पिपरटांड थाना क्षेत्र में चल रही यह पहल केवल कानून व्यवस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि सामाजिक सुधार की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम है। पुलिस प्रशासन का मानना है कि नशामुक्त समाज से ही सुरक्षित और विकासशील क्षेत्र का निर्माण संभव है।
न्यूज़ देखो: सख्ती के साथ भरोसे की नीति
पिपरटांड पुलिस का यह रुख बताता है कि नशे के कारोबार के खिलाफ अब आधे-अधूरे प्रयास नहीं होंगे। जहां एक ओर सख्त कार्रवाई की बात कही गई है, वहीं दूसरी ओर जनता को भरोसे में लेकर चलने का संदेश भी दिया गया है। अब देखना होगा कि यह अभियान जमीन पर कितना प्रभावी साबित होता है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
नशे को ना कहें, जिम्मेदार समाज बनाएं
अफीम और नशे का कारोबार पूरे समाज को नुकसान पहुंचाता है। यदि आपके आसपास ऐसी गतिविधियां दिखें, तो चुप न रहें। इस खबर को साझा करें, अपनी राय कमेंट में दें और नशामुक्त समाज की दिशा में जागरूकता फैलाने में सहभागी बनें।





