
#गढ़वा #अपराध_खुलासा : यूट्यूबर से मारपीट और मोबाइल तोड़फोड़ मामले में पुलिस ने चार नामजद आरोपियों को गिरफ्तार किया।
गढ़वा जिले में एक यूट्यूबर के साथ हुई मारपीट और मोबाइल क्षतिग्रस्त करने की घटना का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। मामले में चार आरोपियों की गिरफ्तारी की गई है। घटना 3 जनवरी 2026 की है, जबकि 4 जनवरी को पीड़ित ने प्राथमिकी दर्ज कराई थी। पुलिस ने इसे पूर्व नियोजित साजिश करार दिया है।
- यूट्यूबर विकास कुमार के साथ मारपीट और मोबाइल तोड़ने का मामला।
- 3 जनवरी 2026 को शूटिंग के बाद लौटते समय हुई घटना।
- 4 जनवरी को गढ़वा थाना में प्राथमिकी दर्ज।
- चार नामजद आरोपी गिरफ्तार, अन्य की तलाश जारी।
- एसडीपीओ के नेतृत्व में गठित विशेष टीम ने किया खुलासा।
गढ़वा जिले में सोशल मीडिया से जुड़े युवाओं की सुरक्षा को लेकर एक गंभीर मामला सामने आया था, जिसमें एक यूट्यूबर के साथ साजिश के तहत मारपीट की गई और उसका मोबाइल फोन तोड़ दिया गया। इस मामले में अब गढ़वा पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पूरे घटनाक्रम का खुलासा कर दिया है और चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
पीड़ित यूट्यूबर विकास कुमार (उम्र 22 वर्ष), पिता स्वर्गीय भरत प्रसाद साह, निवासी चेतना गांव, थाना गढ़वा ने 4 जनवरी 2026 को थाने में लिखित आवेदन देकर अज्ञात लोगों पर गाली-गलौज, मारपीट कर जख्मी करने और मोबाइल क्षतिग्रस्त करने का आरोप लगाया था। आवेदन के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी।
यूट्यूब प्रमोशन के बहाने बुलाया गया
पुलिस को दिए गए बयान में विकास कुमार ने बताया कि वह यूट्यूब पर सक्रिय है और गढ़वा क्षेत्र में दुकानों एवं छोटे व्यवसायों के लिए विज्ञापन और प्रमोशनल वीडियो बनाता है।
उन्होंने बताया कि 3 जनवरी 2026 को दोपहर करीब 12 बजे राहुल कुमार, निवासी ग्राम बधमनवा, ने फोन कर संपर्क किया और “पतल मशीन” बेचने के लिए यूट्यूब पर प्रचार वीडियो बनवाने की बात कही।
इसके बाद विकास कुमार अपने साथी आनंद कुमार के साथ बताए गए स्थान पर पहुंचे और वहां मशीन का वीडियो शूट किया।
लौटते समय रास्ते में रची गई साजिश
वीडियो शूटिंग पूरी करने के बाद जब दोनों अपने घर लौट रहे थे, उसी दौरान पहले से घात लगाए बैठे कुछ लोगों ने उन्हें रास्ते में रोक लिया। आरोप है कि इन लोगों ने साजिश के तहत पहले गाली-गलौज की और फिर बेरहमी से मारपीट शुरू कर दी।
इस हमले में विकास कुमार और उनके साथी आनंद कुमार दोनों घायल हो गए। इसी दौरान आरोपियों ने विकास कुमार का मोबाइल फोन तोड़ दिया, जिसमें शूट किया गया वीडियो और अन्य महत्वपूर्ण डाटा मौजूद था। किसी तरह दोनों अपनी जान बचाकर वहां से भागने में सफल रहे।
साजिश में विकास माली की भूमिका का आरोप
पीड़ित विकास कुमार ने पुलिस को बताया कि इस पूरी घटना को विकास माली के माध्यम से अंजाम दिलवाया गया है। इस जानकारी के आधार पर पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए विस्तृत जांच शुरू की।
विशेष छापामारी टीम का गठन
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक गढ़वा के निर्देश पर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ) गढ़वा के नेतृत्व में एक विशेष छापामारी टीम का गठन किया गया।
टीम ने तकनीकी साक्ष्य और मानवीय सूचना के आधार पर विभिन्न स्थानों पर लगातार छापेमारी की।
जांच के दौरान पुलिस को कई अहम सुराग मिले, जिनके आधार पर इस घटना में शामिल आरोपियों की पहचान की गई।
चार आरोपियों की हुई पहचान और गिरफ्तारी
पुलिस जांच में इस घटना में निम्नलिखित लोगों की संलिप्तता पाई गई:
- राहुल कुमार, पिता लालजी राम, निवासी ग्राम बधमनवा
- मनोज ठाकुर, पिता शिवधर ठाकुर, निवासी दिपुवा मुहल्ला
- विवेक दूबे, पिता छवीनाथ दूबे, निवासी देवनकारा, थाना मझिआंव
- सतीश कुमार यादव, पिता कमलेश यादव, निवासी बिजली कॉलोनी के पीछे, विशुनपुर, थाना गढ़वा
इसके अलावा पुलिस को कुछ अन्य अज्ञात आरोपियों की भूमिका के भी संकेत मिले हैं, जो चिनिया क्षेत्र के बताए जा रहे हैं।
पुलिस ने कार्रवाई करते हुए चारों नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
न्यायिक हिरासत में भेजने की प्रक्रिया जारी
गिरफ्तार अभियुक्तों के विरुद्ध अग्रेतर कानूनी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस ने बताया कि सभी आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजने की प्रक्रिया चल रही है। वहीं, फरार अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।
पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि इस मामले में किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा और निष्पक्ष जांच के आधार पर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
सोशल मीडिया से जुड़े युवाओं के लिए चेतावनी
यह मामला उन युवाओं के लिए भी चेतावनी के रूप में देखा जा रहा है, जो सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से काम कर रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि प्रमोशनल कार्य के दौरान सुरक्षा और सत्यापन को लेकर सतर्कता बेहद जरूरी है।
न्यूज़ देखो: डिजिटल दौर में सुरक्षा भी जरूरी
यूट्यूबर से मारपीट की यह घटना बताती है कि डिजिटल माध्यम से काम करने वाले युवाओं को भी अब संगठित अपराध का सामना करना पड़ रहा है। पुलिस की त्वरित कार्रवाई सराहनीय है, लेकिन ऐसे मामलों में रोकथाम के लिए जागरूकता और सख्त निगरानी जरूरी है। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी अब अगली बड़ी परीक्षा होगी। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
सतर्क रहें, सुरक्षित रहें
डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करते समय पहचान और स्थान को लेकर सावधानी जरूरी है।
कानून का सहारा लें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना पुलिस को दें।
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